17 जुलाई 2026
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अमेरिका-ईरान वार्ता जारी, अराघची बोले — अटकलों पर ध्यान न दें, बातचीत और संदेशों का आदान-प्रदान कायम

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अमेरिका-ईरान वार्ता जारी, अराघची बोले — अटकलों पर ध्यान न दें, बातचीत और संदेशों का आदान-प्रदान कायम

सारांश

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने साफ किया — अमेरिका से बातचीत जारी है, अटकलें बेमानी हैं। 8 अप्रैल के युद्धविराम के बाद तीन दौर की वार्ता हो चुकी है। राष्ट्रपति पेजेश्कियान के इस्तीफे की खबर को सरकार ने 'झूठ' बताया।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 1 जून 2026 को कहा कि अमेरिका-ईरान वार्ता अभी भी जारी है।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर की जा रही तमाम बातें महज अटकलें हैं और उन्हें महत्व नहीं दिया जाना चाहिए।
8 अप्रैल 2026 को लागू युद्धविराम ने 40 दिनों के जवाबी हवाई हमलों के दौर को रोका था।
दोनों देश परमाणु कार्यक्रम पर तीन दौर की वार्ता कर चुके हैं; ईरान का कहना है — पहले युद्ध स्थायी रूप से समाप्त हो, फिर परमाणु वार्ता।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के इस्तीफे की खबर को ईरान सरकार ने 'झूठी मीडिया रिपोर्ट' बताकर खारिज किया।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 1 जून 2026 को स्पष्ट किया कि अमेरिका-ईरान वार्ता अभी भी जारी है और इस विषय में फैलाई जा रही तमाम अटकलें ध्यान देने योग्य नहीं हैं। ईरान के सरकारी टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच संवाद और संदेशों का आदान-प्रदान निर्बाध रूप से चल रहा है।

अराघची का बयान: अटकलें बेमानी

विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि जब तक कोई ठोस और अंतिम परिणाम सामने नहीं आता, तब तक किसी भी पक्ष के बारे में निर्णायक राय बनाना उचित नहीं होगा। उनके अनुसार, इस समय जो भी चर्चाएँ और दावे सार्वजनिक रूप से किए जा रहे हैं, वे महज अनुमान हैं। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (आईआरएनए) ने उनके इस बयान को प्रमुखता से प्रसारित किया।

युद्धविराम की पृष्ठभूमि

8 अप्रैल 2026 को लागू हुए युद्धविराम के बाद से दोनों देशों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। यह युद्धविराम करीब 40 दिनों तक चले जवाबी हवाई हमलों के उस दौर को रोकने में सफल रहा, जो तब शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी। गौरतलब है कि उसी दौरान ईरान और अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक बातचीत भी कर रहे थे।

परमाणु वार्ता और पिछले अनुभव

दोनों पक्ष इस मुद्दे पर अब तक तीन दौर की वार्ता कर चुके हैं। इससे पहले भी, 13 जून को इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के समय दोनों देश परमाणु वार्ताओं में शामिल थे। इन दोनों अनुभवों का हवाला देते हुए ईरान का कहना है कि मौजूदा बातचीत का प्राथमिक लक्ष्य युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करना होना चाहिए — परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी वार्ताएँ उसके बाद आगे बढ़ाई जाएँ।

राष्ट्रपति के इस्तीफे की अफवाह, सरकार ने नकारा

इस बीच, ईरान की घरेलू राजनीति को लेकर भी हलचल बताई जा रही है। लंदन स्थित ईरानी विपक्षी वेबसाइट 'ईरान इंटरनेशनल' से जुड़े एक सूत्र के हवाले से दावा किया गया कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने मोज्तबा खामेनेई को अपना इस्तीफा सौंपने का एक पत्र भेजा है। हालाँकि, ईरान सरकार ने इस खबर को तत्काल खारिज करते हुए इसे 'झूठी मीडिया रिपोर्ट' करार दिया।

आगे क्या होगा

वार्ता के नतीजों पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नज़र टिकी है, क्योंकि किसी भी स्थायी समझौते की अनुपस्थिति में क्षेत्रीय तनाव फिर से भड़कने की आशंका बनी रहती है। अराघची के बयान से स्पष्ट है कि तेहरान फिलहाल कूटनीतिक चैनलों को खुला रखने की नीति पर चल रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे की जटिलता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता — तीन दौर की वार्ता के बावजूद कोई ठोस रूपरेखा सार्वजनिक नहीं हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति पेजेश्कियान के इस्तीफे की अफवाहें घरेलू राजनीतिक अस्थिरता की ओर इशारा करती हैं, भले ही सरकार ने उन्हें नकार दिया हो। ईरान की 'पहले युद्ध समाप्त करो, फिर परमाणु वार्ता' की शर्त और अमेरिकी प्राथमिकताओं के बीच की खाई ही असली बाधा है — और अराघची की 'अटकलें' वाली भाषा शायद इसी खाई को ढकने की कोशिश है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका-ईरान वार्ता अभी किस स्थिति में है?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत और संदेशों का आदान-प्रदान 1 जून 2026 तक जारी है। दोनों पक्ष परमाणु कार्यक्रम पर तीन दौर की वार्ता कर चुके हैं, लेकिन कोई अंतिम समझौता अभी तक नहीं हुआ है।
ईरान-अमेरिका के बीच युद्धविराम कब और कैसे हुआ?
8 अप्रैल 2026 को युद्धविराम लागू हुआ, जिसने करीब 40 दिनों तक चले जवाबी हवाई हमलों के दौर को रोका। यह संघर्ष तब शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी।
ईरान की परमाणु वार्ता को लेकर क्या रुख है?
ईरान का कहना है कि मौजूदा बातचीत का मुख्य उद्देश्य युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करना होना चाहिए। इसके बाद ही परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी वार्ताएँ आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
क्या ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इस्तीफा दिया है?
नहीं। लंदन स्थित विपक्षी वेबसाइट 'ईरान इंटरनेशनल' से जुड़े एक सूत्र ने यह दावा किया था, लेकिन ईरान सरकार ने इस खबर को तत्काल 'झूठी मीडिया रिपोर्ट' बताकर खारिज कर दिया।
अराघची ने अटकलों को महत्व न देने की बात क्यों कही?
क्योंकि वार्ता के बीच कई तरह के अनुमान और दावे सार्वजनिक रूप से किए जा रहे थे। अराघची का कहना था कि जब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आता, तब तक किसी भी निर्णायक राय का कोई आधार नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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