कोफोर्ज चेयरमैन ओपी भट्ट का इस्तीफा, आंतरिक ऑडिट में बोर्ड मूल्यांकन पर सवाल; शेयर ~8.71% टूटा
सारांश
मुख्य बातें
मिडकैप आईटी कंपनी कोफोर्ज के नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर एवं चेयरमैन ओपी भट्ट ने 8 सितंबर 2026 को इस्तीफा दे दिया, जब कंपनी के आंतरिक ऑडिट में बोर्ड मूल्यांकन प्रक्रिया और उससे जुड़े प्रकटीकरण में गंभीर कमियाँ सामने आईं। इस्तीफे की सूचना सार्वजनिक होते ही 9 सितंबर को मुंबई बाज़ार में कोफोर्ज के शेयर में तीखी बिकवाली देखी गई।
आंतरिक ऑडिट में क्या मिला
रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, कोफोर्ज के इंटरनल ऑडिटर ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के ऑडिट प्लान के तहत बोर्ड इवैल्यूएशन प्रोसेस और उससे तैयार बोर्ड इवैल्यूएशन रिपोर्ट (बीईआर) की समीक्षा की। यह पूरी प्रक्रिया भट्ट की देखरेख में संचालित की गई थी।
ऑडिट में पाया गया कि बोर्ड के मूल्यांकन से जुड़ी जानकारी के प्रसंस्करण और उसके प्रकटीकरण में कमियाँ थीं — जिसमें चेयरमैन के प्रदर्शन के मूल्यांकन से संबंधित सूचनाएँ भी शामिल थीं। फाइलिंग में स्पष्ट किया गया कि जब बीईआर रिपोर्ट बोर्ड के सामने प्रस्तुत की गई, तो उससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी बोर्ड को पूर्ण रूप से नहीं बताई गई थी।
भट्ट का पक्ष और इस्तीफा
आंतरिक ऑडिटर की रिपोर्ट सामने आने के बाद बोर्ड ने ओपी भट्ट से स्पष्टीकरण माँगा। भट्ट ने अपने बचाव में कहा कि बोर्ड मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने नेक नीयत से काम किया था। हालाँकि, बोर्ड द्वारा उनके स्पष्टीकरण की समीक्षा पूरी होने या इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय लिए जाने से पहले ही उन्होंने 8 सितंबर 2026 को इस्तीफा सौंप दिया।
गौरतलब है कि भट्ट वॉकहार्ट लिमिटेड के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भी हैं, जहाँ वे ऑडिट, स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप और पूँजी जुटाने वाली समितियों के सदस्य हैं।
शेयर बाज़ार पर असर
इस्तीफे की खबर सामने आते ही बुधवार, 9 सितंबर को कोफोर्ज के शेयर में तेज़ गिरावट दर्ज हुई। इंट्राडे कारोबार में शेयर ने ₹1,780.70 का निचला स्तर छुआ, जो पिछली क्लोजिंग ₹1,950 के मुकाबले ~8.71% कम था। सुबह 10:45 बजे IST तक शेयर 4.50% की कमज़ोरी के साथ ₹1,862 पर कारोबार कर रहा था।
यह ऐसे समय में आया है जब मिडकैप आईटी सेक्टर पहले से ही वैश्विक माँग की अनिश्चितता के दबाव में है। कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़ी इस घटना ने निवेशकों की चिंता को और गहरा किया।
अंतरिम चेयरमैन की नियुक्ति
कोफोर्ज ने मौजूदा नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर विवेक शर्मा को 31 जनवरी 2027 तक बोर्ड का अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है। कंपनी ने स्थायी नेतृत्व व्यवस्था को लेकर अभी कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
आगे क्या होगा
बोर्ड को अब भट्ट के स्पष्टीकरण की अधूरी समीक्षा को अंजाम तक पहुँचाना होगा और ऑडिट में चिह्नित खामियों को दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने होंगे। बाज़ार विश्लेषकों का मानना है कि स्थायी चेयरमैन की नियुक्ति और गवर्नेंस सुधारों की स्पष्टता तक शेयर पर दबाव बना रह सकता है।