30 जून 2026
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एचडीएफसी बैंक के शेयर 0.62% टूटे; राजीव कुमार बने नए चेयरमैन, सीईओ नियुक्ति अभी बाकी

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एचडीएफसी बैंक के शेयर 0.62% टूटे; राजीव कुमार बने नए चेयरमैन, सीईओ नियुक्ति अभी बाकी

सारांश

एचडीएफसी बैंक ने पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को तीन साल के लिए नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया, लेकिन सीईओ पद पर अनिश्चितता और पूर्व चेयरमैन की उठाई चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क किया — शेयर 0.62% टूटकर ₹794 तक पहुँचा।

मुख्य बातें

एचडीएफसी बैंक के शेयर 30 जून को BSE पर 0.62% गिरकर ₹794 के इंट्रा-डे निचले स्तर पर पहुँचे।
पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को तीन वर्षों के लिए नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया।
वे अतानु चक्रवर्ती की जगह लेंगे, जिन्होंने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया था; बीच में केकी मिस्त्री अंतरिम चेयरमैन रहे।
NRC की बैठक में सीईओ पुनर्नियुक्ति पर कोई चर्चा नहीं हुई; प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद।
पिछले 52 हफ्तों में शेयर का उच्चतम स्तर ₹1,020.35 और न्यूनतम ₹726.75 रहा; एक वर्ष में 20% से अधिक की गिरावट।

एचडीएफसी बैंक के शेयर मंगलवार, 30 जून को शुरुआती कारोबार में दबाव में रहे, जब बैंक ने पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को तीन वर्षों के लिए नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किए जाने की घोषणा की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर शेयर 0.62% की गिरावट के साथ ₹794 के इंट्रा-डे निचले स्तर तक पहुँचे, जो निवेशकों की सतर्क मनोदशा को दर्शाता है।

शेयर बाज़ार में प्रतिक्रिया

खबर लिखे जाने तक BSE पर एचडीएफसी बैंक के शेयर 0.29% की गिरावट के साथ ₹796.65 पर कारोबार कर रहे थे। BSE के आँकड़ों के अनुसार, बैंक के शेयर ने पिछले 52 हफ्तों में ₹1,020.35 का उच्चतम और ₹726.75 का न्यूनतम स्तर दर्ज किया है। गौरतलब है कि पिछले एक वर्ष में यह शेयर 20% से अधिक टूट चुका है, और पिछले छह महीनों में भी इसमें करीब 20% की गिरावट दर्ज की गई है।

राजीव कुमार की नियुक्ति और पृष्ठभूमि

बैंक ने सोमवार, 29 जून को शेयर बाज़ार को दी गई नियामक सूचना में राजीव कुमार की पार्ट-टाइम चेयरमैन के रूप में नियुक्ति की पुष्टि की। वे पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती की जगह लेंगे, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में इस्तीफा दिया था। चक्रवर्ती ने इस्तीफे के समय कहा था कि बैंक में कुछ ऐसी कार्यप्रणालियाँ थीं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं थीं।

मार्च में चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद बैंक के कामकाज में निरंतरता बनाए रखने के लिए केकी मिस्त्री को अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया था। अब राजीव कुमार की नियुक्ति के साथ बैंक को तीन वर्षों के लिए स्थायी नेतृत्व मिल गया है।

सीईओ नियुक्ति पर स्थिति

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार को हुई गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी (NRC) की बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की पुनर्नियुक्ति पर कोई चर्चा नहीं हुई। रिपोर्टों के अनुसार, बैंक जल्द ही सीईओ नियुक्ति की प्रक्रिया आरंभ करेगा, लेकिन इससे पहले वह चाहता है कि नए स्थायी चेयरमैन पूरी तरह पदभार संभाल लें।

पूर्व चेयरमैन की चिंताएँ

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे से जुड़ी कानूनी समीक्षा प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह समीक्षा अत्यधिक औपचारिक थी और मुख्य रूप से नियमों के अनुपालन पर केंद्रित रही, जबकि उनकी उठाई गई व्यापक कारोबारी चिंताओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब देश का सबसे बड़ा निजी बैंक नेतृत्व परिवर्तन के एक नाज़ुक दौर से गुज़र रहा है। राजीव कुमार की नियुक्ति से बोर्ड-स्तरीय स्थिरता तो आई है, लेकिन सीईओ पद पर अनिश्चितता बनी रहने तक निवेशकों की सतर्कता कायम रहने की संभावना है। बाज़ार की नज़र अब NRC की अगली बैठक और सीईओ नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा पर टिकी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली प्रश्न यह है कि सीईओ पद पर अनिश्चितता कब तक बनी रहेगी — क्योंकि शीर्ष नेतृत्व का खालीपन बाज़ार के विश्वास को सबसे अधिक प्रभावित करता है। पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती की कारोबारी कार्यप्रणालियों पर उठाई चिंताएँ अभी भी अनुत्तरित हैं, और कानूनी समीक्षा को 'अत्यधिक औपचारिक' बताना बैंक की आंतरिक प्रशासन संस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक वर्ष में 20% से अधिक की गिरावट महज़ बाज़ार की अस्थिरता नहीं, बल्कि संरचनात्मक अनिश्चितता का प्रतिबिंब है। जब तक सीईओ नियुक्ति और गवर्नेंस सुधारों पर स्पष्टता नहीं आती, निवेशकों की सतर्कता बनी रहेगी।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एचडीएफसी बैंक के नए चेयरमैन कौन हैं?
पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को एचडीएफसी बैंक का नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तीन वर्षों के लिए है और 29 जून को शेयर बाज़ार को दी गई नियामक सूचना में इसकी पुष्टि की गई।
अतानु चक्रवर्ती ने एचडीएफसी बैंक से इस्तीफा क्यों दिया था?
अतानु चक्रवर्ती ने इस साल की शुरुआत में इस्तीफा देते हुए कहा था कि बैंक में कुछ कार्यप्रणालियाँ उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं थीं। बाद में उन्होंने यह भी कहा कि इस्तीफे से जुड़ी कानूनी समीक्षा उनकी व्यापक चिंताओं को पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं कर पाई।
एचडीएफसी बैंक के सीईओ की नियुक्ति कब होगी?
रिपोर्टों के अनुसार, बैंक जल्द ही सीईओ पुनर्नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करेगा, लेकिन इससे पहले नए स्थायी चेयरमैन राजीव कुमार का पूरी तरह पदभार संभालना ज़रूरी माना जा रहा है। 29 जून की NRC बैठक में सीईओ नियुक्ति पर कोई चर्चा नहीं हुई।
एचडीएफसी बैंक के शेयर में हाल में कितनी गिरावट आई है?
BSE के आँकड़ों के अनुसार, एचडीएफसी बैंक का शेयर पिछले एक वर्ष में 20% से अधिक और पिछले छह महीनों में भी करीब 20% गिर चुका है। 52 हफ्तों में शेयर का उच्चतम स्तर ₹1,020.35 और न्यूनतम स्तर ₹726.75 रहा है।
केकी मिस्त्री ने एचडीएफसी बैंक में क्या भूमिका निभाई?
मार्च में अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद केकी मिस्त्री को बैंक का अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया था, ताकि कामकाज में निरंतरता बनी रहे। अब राजीव कुमार की स्थायी नियुक्ति के साथ मिस्त्री की अंतरिम भूमिका समाप्त हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
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