पाकिस्तान को BJP प्रवक्ता आरपी सिंह की चेतावनी: 'शरारत की तो नक्शे से मिट जाएगा नाम'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 14 अगस्त 2026 को पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पाकिस्तान ने दोबारा कोई 'शरारत' करने की कोशिश की, तो वह दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से पानी के मुद्दे पर की गई टिप्पणी के जवाब में आया। नई दिल्ली में दिए गए इस बयान ने भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव को और तीखा कर दिया है।
ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाई
आरपी सिंह ने कहा कि शहबाज शरीफ यह भूल रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किस प्रकार पाकिस्तान के ठिकाने ध्वस्त हुए थे और उसके हवाई अड्डे तबाह हुए थे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'अगर पाकिस्तान ने दोबारा कोई शरारत करने की सोची तो दुनिया के नक्शे से पाकिस्तान का नाम मिट जाएगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच सिंधु जल विवाद को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।
विभाजन और नेहरू पर BJP का रुख
देश के विभाजन को लेकर BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान का समर्थन करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि देश का बंटवारा रोका जा सकता था। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू पर आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने की जल्दबाजी के कारण देश का विभाजन हुआ। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का भी समर्थन किया और कहा कि पंजाब तथा पश्चिम बंगाल ने विभाजन की सबसे बड़ी पीड़ा सही।
राहुल गांधी और 'यूनियन ऑफ स्टेट्स' विवाद
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कथित बयान — जिसमें उन्होंने भारत को 'यूनियन ऑफ स्टेट्स' कहा था — पर आरपी सिंह ने तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत को एक प्राचीन सांस्कृतिक राष्ट्र के रूप में नहीं, बल्कि अलग-अलग राज्यों के समूह के रूप में देखती है। उनके अनुसार, 'भारत की पहचान केवल 1947 से नहीं है, इसकी सांस्कृतिक विरासत हजारों वर्ष पुरानी है।' गौरतलब है कि राहुल गांधी के इस कथित बयान को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है।
हर घर तिरंगा और RSS विवाद
कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे के उस बयान पर भी आरपी सिंह ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत RSS मुख्यालय से होनी चाहिए। आरपी सिंह ने कहा कि संघ की हर शाखा पर 15 अगस्त को तिरंगा फहराया जाता है और संघ कार्यालय में भी तिरंगा लहराता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की बयानबाजी देश को बाँटने की मंशा से की जा रही है।
आगे का राजनीतिक संदर्भ
यह बयान स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आया है, जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से ही संवेदनशील दौर में हैं। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार की तीखी भाषा कूटनीतिक जटिलताओं को बढ़ा सकती है, जबकि BJP का तर्क है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार की दृढ़ता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और तेज होने की संभावना है।