सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान को भारत की कड़ी चेतावनी: 'दुस्साहस किया तो नक्शे से मिट जाएगा'
सारांश
मुख्य बातें
भारत के प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने 14 अगस्त 2026 को सिंधु जल संधि (IWT) पर पाकिस्तान की कथित धमकी के जवाब में एकजुट होकर कड़ी चेतावनी जारी की है। नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि पाकिस्तान ने कोई दुस्साहस किया, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और वह 'दुनिया के नक्शे से हमेशा के लिए मिट जाएगा।' यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने सिंधु जल के मुद्दे को अपने देश की 'रेड लाइन' करार दिया था।
पाकिस्तान की 'रेड लाइन' और भारत का रुख
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर कहा था कि इस मामले में पाकिस्तान किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा और यह उनके देश की 'रेड लाइन' है। इसके जवाब में भारत का स्पष्ट रुख यह है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी।
गौरतलब है कि 1960 में हस्ताक्षरित यह संधि दशकों तक दोनों देशों के बीच जल-बँटवारे का आधार रही, लेकिन सीमा पार आतंकवाद की बढ़ती घटनाओं के बाद भारत ने इसे स्थगित करने का निर्णय लिया।
केंद्रीय मंत्री और भाजपा की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, 'दुनिया में चाहे कोई भी ताकत हो, पाकिस्तान की हैसियत ही क्या है? हम अपने हित में काम करते हैं और अपने हितों की दृढ़ता से रक्षा करते हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार ही हर निर्णय लेता है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने शहबाज शरीफ को याद दिलाया कि वे शायद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की दुर्दशा भूल गए हैं, जब पाकिस्तान के आतंकवादी ढाँचे और एयरपोर्ट्स को भारी नुकसान पहुँचाया गया था। उन्होंने चेतावनी दी, 'अगर उन्होंने कोई दुस्साहस किया तो पाकिस्तान हमेशा के लिए दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा।'
विपक्षी दलों की एकजुट आवाज़
कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने भी पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने का निर्णय एक ठोस कारण से लिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकवादी गतिविधियाँ और कश्मीर में हाल के हमलों में निर्दोष लोगों की जान जाने के चलते भारत के लिए पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंध बनाए रखना बेहद मुश्किल हो गया है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान को हर तरह की 'रेड, येलो और ब्लू लाइन' दिखा दी है। उन्होंने कहा कि भारत के पास पाकिस्तान की किसी भी कार्रवाई का 'हजार गुना ज़्यादा ताकत' से मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता है और इस मुद्दे पर पूरा देश केंद्र सरकार और भारतीय सशस्त्र बलों के साथ खड़ा है।
राजदूत विनय क्वात्रा का बयान
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा था कि 1960 में सिंधु जल संधि सद्भावना और मित्रता की भावना से हुई थी, लेकिन पाकिस्तान ने पाँच दशकों में इस भावना को स्वयं नष्ट कर दिया। उनके अनुसार, संधि को स्थगित करना केवल इस वास्तविकता को स्वीकार करना है कि पाकिस्तान के आचरण ने पहले ही उस सद्भावना को समाप्त कर दिया था।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं और ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद लगभग ठप है। सिंधु जल संधि का स्थगन अब एक व्यापक रणनीतिक संदेश बनता जा रहा है — कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त करते हुए किसी भी द्विपक्षीय समझौते को जारी नहीं रखेगा।