सिंधु जल विवाद: 'हाथ काटने' की धमकी पर शिवाली देशपांडे का पलटवार, पाकिस्तान को याद दिलाया ऑपरेशन सिंदूर
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा विशेषज्ञ और पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवाली देशपांडे ने 30 जून 2025 को पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक की सिंधु जल समझौते पर दी गई 'हाथ काटने' की धमकी का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने 23 अप्रैल 2025 को ही यह समझौता निलंबित कर दिया था, और चेतावनी दी कि यदि ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 या पार्ट-3 की नौबत आई, तो उसके परिणाम पाकिस्तान की कल्पना से परे होंगे।
मुसादिक मलिक की धमकी और भारत का रुख
शिवाली देशपांडे ने कहा कि पाकिस्तान के मंत्री मुसादिक मलिक यह भूल रहे हैं कि जिस सिंधु जल समझौते की वे बात कर रहे हैं, उसे भारत पहलगाम आतंकी हमले के बाद 23 अप्रैल 2025 को ही समाप्त कर चुका है। उन्होंने कहा, 'भारत ने तभी स्पष्ट कर दिया था कि पाकिस्तान को अब पानी नहीं दिया जाएगा।'
देशपांडे के अनुसार, इस निर्णय के बाद से पाकिस्तान में कृषि के लिए उपलब्ध जल और शहरी जलापूर्ति में कमी आई है। इसी दबाव में मलिक भारत को धमकाने का प्रयास कर रहे हैं — यह कहते हुए कि यदि भारत ने सिंधु नदी के पानी को रोका तो 'हाथ काट देंगे।'
ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ
शिवाली देशपांडे ने पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाई, जिसमें भारत ने कथित तौर पर पाकिस्तान के 11 एयरबेस को निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि उस समय पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम की गुहार लगाई गई थी और भारत ने उदारता दिखाते हुए रुकने का फैसला किया था।
'शायद आपको माफ करना ही हमारी गलती थी,' — देशपांडे ने कहा। उनका इशारा इस ओर था कि उसी उदारता का लाभ उठाकर आज मलिक जैसे मंत्री फिर से उकसावे वाले बयान दे रहे हैं।
पाकिस्तान का एजेंडा: देशपांडे का विश्लेषण
पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट ने कहा कि पाकिस्तान का एकमात्र एजेंडा भारत को अस्थिर करना है — जिसे वे 'ब्लीड इंडिया विद अ थाउजेंड कट्स' की नीति बताती हैं। उनके अनुसार, पाकिस्तान आतंकवादियों को भेजने, स्लीपर सेल सक्रिय करने और भारत में हमले कराने की कोशिशें करता रहता है।
देशपांडे ने यह भी सवाल उठाया कि यदि पाकिस्तान में वर्षा की कमी या जल संकट है, तो उसके लिए भारत को दोष देना और भड़काऊ बयानबाजी करना किस तरह उचित है।
चेतावनी: ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 का संकेत
शिवाली देशपांडे ने अपनी बात को दृढ़ शब्दों में समाप्त करते हुए कहा कि मुसादिक मलिक जैसे मंत्रियों को अपनी सीमा में रहकर बोलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 या पार्ट-3 हुआ, तो पाकिस्तान को सोच लेना चाहिए कि उसके देश का क्या हश्र होगा।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल विवाद को लेकर तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध अत्यंत तनावपूर्ण बने हुए हैं।