30 जून 2026
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सिंधु जल विवाद: 'हाथ काटने' की धमकी पर शिवाली देशपांडे का पलटवार, पाकिस्तान को याद दिलाया ऑपरेशन सिंदूर

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सिंधु जल विवाद: 'हाथ काटने' की धमकी पर शिवाली देशपांडे का पलटवार, पाकिस्तान को याद दिलाया ऑपरेशन सिंदूर

सारांश

पाकिस्तान के मंत्री की 'हाथ काटने' की धमकी पर रक्षा विशेषज्ञ शिवाली देशपांडे ने कड़ा जवाब दिया — याद दिलाया कि सिंधु जल समझौता 23 अप्रैल 2025 को ही खत्म हो चुका है, और ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 की चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान को परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।

मुख्य बातें

पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने सिंधु जल समझौते पर भारत को 'हाथ काटने' की धमकी दी।
रक्षा विशेषज्ञ और पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवाली देशपांडे ने नागपुर से कड़ा पलटवार किया।
देशपांडे के अनुसार, भारत ने 23 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल समझौता निलंबित कर दिया था।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के 11 एयरबेस को निशाना बनाए जाने का हवाला देते हुए चेतावनी दी।
देशपांडे ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 या पार्ट-3 हुआ तो पाकिस्तान के लिए परिणाम अकल्पनीय होंगे।

रक्षा विशेषज्ञ और पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवाली देशपांडे ने 30 जून 2025 को पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक की सिंधु जल समझौते पर दी गई 'हाथ काटने' की धमकी का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने 23 अप्रैल 2025 को ही यह समझौता निलंबित कर दिया था, और चेतावनी दी कि यदि ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 या पार्ट-3 की नौबत आई, तो उसके परिणाम पाकिस्तान की कल्पना से परे होंगे।

मुसादिक मलिक की धमकी और भारत का रुख

शिवाली देशपांडे ने कहा कि पाकिस्तान के मंत्री मुसादिक मलिक यह भूल रहे हैं कि जिस सिंधु जल समझौते की वे बात कर रहे हैं, उसे भारत पहलगाम आतंकी हमले के बाद 23 अप्रैल 2025 को ही समाप्त कर चुका है। उन्होंने कहा, 'भारत ने तभी स्पष्ट कर दिया था कि पाकिस्तान को अब पानी नहीं दिया जाएगा।'

देशपांडे के अनुसार, इस निर्णय के बाद से पाकिस्तान में कृषि के लिए उपलब्ध जल और शहरी जलापूर्ति में कमी आई है। इसी दबाव में मलिक भारत को धमकाने का प्रयास कर रहे हैं — यह कहते हुए कि यदि भारत ने सिंधु नदी के पानी को रोका तो 'हाथ काट देंगे।'

ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ

शिवाली देशपांडे ने पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाई, जिसमें भारत ने कथित तौर पर पाकिस्तान के 11 एयरबेस को निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि उस समय पाकिस्तान की ओर से युद्धविराम की गुहार लगाई गई थी और भारत ने उदारता दिखाते हुए रुकने का फैसला किया था।

'शायद आपको माफ करना ही हमारी गलती थी,' — देशपांडे ने कहा। उनका इशारा इस ओर था कि उसी उदारता का लाभ उठाकर आज मलिक जैसे मंत्री फिर से उकसावे वाले बयान दे रहे हैं।

पाकिस्तान का एजेंडा: देशपांडे का विश्लेषण

पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट ने कहा कि पाकिस्तान का एकमात्र एजेंडा भारत को अस्थिर करना है — जिसे वे 'ब्लीड इंडिया विद अ थाउजेंड कट्स' की नीति बताती हैं। उनके अनुसार, पाकिस्तान आतंकवादियों को भेजने, स्लीपर सेल सक्रिय करने और भारत में हमले कराने की कोशिशें करता रहता है।

देशपांडे ने यह भी सवाल उठाया कि यदि पाकिस्तान में वर्षा की कमी या जल संकट है, तो उसके लिए भारत को दोष देना और भड़काऊ बयानबाजी करना किस तरह उचित है।

चेतावनी: ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 का संकेत

शिवाली देशपांडे ने अपनी बात को दृढ़ शब्दों में समाप्त करते हुए कहा कि मुसादिक मलिक जैसे मंत्रियों को अपनी सीमा में रहकर बोलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 या पार्ट-3 हुआ, तो पाकिस्तान को सोच लेना चाहिए कि उसके देश का क्या हश्र होगा।'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल विवाद को लेकर तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध अत्यंत तनावपूर्ण बने हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2' जैसी सार्वजनिक चेतावनियाँ कूटनीतिक संतुलन को जटिल बना सकती हैं — खासकर तब जब दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं। सिंधु जल समझौते का निलंबन एक रणनीतिक दबाव का औजार है, परंतु इसका दीर्घकालिक प्रभाव पाकिस्तान की आम जनता पर पड़ता है, न केवल उसकी सरकार पर — यह नैतिक प्रश्न मुख्यधारा की बहस में अनुपस्थित है। मलिक के बयान को उकसावे की तरह देखना उचित है, किंतु उसका जवाब सैन्य धमकी से देना और कूटनीतिक विकल्पों को दरकिनार करना भारत की दीर्घकालिक रणनीतिक छवि के लिए हितकर नहीं।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान के मंत्री ने क्या धमकी दी?
पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा कि यदि भारत सिंधु नदी के पानी को रोकता है या समझौते को निलंबित करता है, तो 'हाथ काट दिए जाएंगे।' यह बयान भारत द्वारा 23 अप्रैल 2025 को समझौता निलंबित करने के बाद पाकिस्तान में बढ़ते जल संकट की पृष्ठभूमि में आया है।
शिवाली देशपांडे ने पाकिस्तान को क्या जवाब दिया?
पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवाली देशपांडे ने कहा कि भारत ने सिंधु जल समझौता 23 अप्रैल 2025 को ही समाप्त कर दिया था, इसलिए मलिक की धमकी बेमानी है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि पार्ट-2 या पार्ट-3 के परिणाम पाकिस्तान की कल्पना से परे होंगे।
भारत ने सिंधु जल समझौता कब और क्यों निलंबित किया?
भारत ने 23 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौता निलंबित किया। देशपांडे के अनुसार, उस समय यह स्पष्ट कर दिया गया था कि पाकिस्तान को अब सिंधु नदी का पानी नहीं दिया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने क्या किया था?
शिवाली देशपांडे के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस को निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि उस समय पाकिस्तान ने युद्धविराम की गुहार लगाई थी और भारत ने उदारता दिखाते हुए रुकने का निर्णय लिया था।
क्या सिंधु जल विवाद से पाकिस्तान में जल संकट आया है?
देशपांडे के अनुसार, भारत द्वारा समझौता निलंबित किए जाने के बाद से पाकिस्तान में कृषि जलापूर्ति और शहरी जल वितरण में कमी आई है। इसी दबाव की प्रतिक्रिया में पाकिस्तानी मंत्री भारत को धमकाने का प्रयास कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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