FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026: वेल्स से पहले कोच फुल्टन बोले — '1975 की गोल्डन जुबली बनेगी प्रेरणा'
सारांश
मुख्य बातें
एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 16 अगस्त 2026 को बेल्जियम और नीदरलैंड्स की संयुक्त मेजबानी में हो रहा है। भारत के ओपनिंग मुकाबले से ठीक एक दिन पहले हेड कोच क्रेग फुल्टन ने स्पष्ट किया कि उनकी टीम 1975 की वर्ल्ड कप जीत की गोल्डन जुबली को असली प्रेरणा मानकर इस टूर्नामेंट में उतरेगी। भारत का पहला मैच वेल्स के खिलाफ नीदरलैंड के एमस्टेलवीन स्थित वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा।
गोल्डन जुबली का जज़्बा
आठ बार ओलंपिक स्वर्ण पदक जीत चुकी भारतीय हॉकी टीम इस वर्ष अपनी एकमात्र वर्ल्ड कप जीत के 50 साल पूरे कर रही है। कोच फुल्टन ने कहा, 'यह हमारे लिए एक खास साल है। भारत की वर्ल्ड कप जीत को 50 साल हो गए हैं। वह इतिहास इस कैंपेन के लिए असली प्रेरणा देता है।' उनके अनुसार टीम की तैयारी 'प्रेस-काउंटर-आउटकम फिलॉसफी' पर केंद्रित रही है — लगातार अच्छा खेलना और दबाव में बेहतर निर्णय लेना।
कोच की रणनीति और खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता
फुल्टन ने टीम की मानसिकता के बारे में कहा, 'खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता शानदार रही है — वे स्टैंडर्ड तय कर रहे हैं और हर दिन एक-दूसरे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।' उन्होंने टूर्नामेंट में एक-एक मैच पर ध्यान देने की रणनीति का उल्लेख किया। उनके शब्दों में, 'हमारा तरीका सरल है — एक बार में एक गेम, पूरी ताकत लगाना, उस विरासत का सम्मान करना और खिताब के लिए मुकाबला करने की सबसे अच्छी स्थिति में आना।'
पूल डी की चुनौती
पूल डी में भारत के साथ वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान हैं — यानी यह ग्रुप कड़ी प्रतिस्पर्धा से भरा है। गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान का एक ही पूल में होना इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण बन सकता है। इंग्लैंड की मौजूदगी भी पूल को और चुनौतीपूर्ण बनाती है।
वेल्स के कोच का नज़रिया
वेल्स के हेड कोच डैनी न्यूकॉम्बे ने लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने को अपनी टीम की उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, 'लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करना इस खास ग्रुप की प्रतिबद्धता और क्वालिटी का सबूत है। हमें यहां होने पर गर्व है और हमारा मकसद साफ है — दुनिया की सबसे अच्छी टीमों का मुकाबला करना।'
आगे क्या
भारत का वेल्स के खिलाफ ओपनिंग मैच 16 अगस्त 2026 को वैगनर हॉकी स्टेडियम, एमस्टेलवीन में खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट में भारत की पहली परीक्षा होगी और 1975 की विरासत को जीवित रखने का पहला मौका। टीम की नज़र आगे के कठिन मुकाबलों से पहले आत्मविश्वास के साथ शुरुआत करने पर होगी।