हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारत का FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2025 के लिए 20 सदस्यीय दस्ता घोषित
सारांश
मुख्य बातें
हॉकी इंडिया ने 21 जुलाई 2025 को एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के लिए 20 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा की, जिसकी कप्तानी अनुभवी डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह करेंगे। यह टूर्नामेंट 15 से 30 अगस्त 2025 तक बेल्जियम और नीदरलैंड में आयोजित होगा। चुनी गई टीम में सिद्ध अनुभव और उभरती युवा प्रतिभाओं का सुविचारित संयोजन है।
टीम की संरचना
गोलकीपिंग की ज़िम्मेदारी मोहित एचएस और सूरज करकेरा के हाथों में है। डिफेंस यूनिट में जरमनप्रीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित और यशदीप सिवाच शामिल हैं।
मिडफील्ड की धुरी मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह और विवेक सागर प्रसाद की तिकड़ी संभालेगी, जिनके साथ नीलाकांता शर्मा, युवा राजिंदर सिंह और आदित्य अर्जुन लालागे भी शामिल हैं। आक्रमण पंक्ति में मनदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह और शिलानंद लाकड़ा की जिम्मेदारी होगी।
मुख्य कोच का नज़रिया
मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने टीम चयन पर कहा, 'यह एक संतुलित टीम है, जिसमें टूर्नामेंट के अनुभव और अच्छे फॉर्म में चल रहे युवाओं का सही मिश्रण है। इन युवाओं ने अपनी जगह अपने प्रदर्शन के दम पर बनाई है, न कि अपनी प्रतिष्ठा के कारण।'
फुल्टन ने टीम की रणनीतिक पहचान पर जोड़ा, 'दबाव बनाना, जवाबी हमला करना और अच्छा प्रदर्शन करना सिर्फ हमारी रणनीतिक पहचान नहीं है — यह वह तरीका है जिससे यह ग्रुप हर दिन एक साथ ट्रेनिंग करता है और सोचता है। हम एक बार में एक ही मैच पर पूरा ध्यान देने की मानसिकता के साथ उतर रहे हैं।'
ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए फुल्टन ने कहा, '1975 की वर्ल्ड कप जीत के बाद से 50 साल हो गए हैं। इस टीम के पास भारतीय हॉकी के इतिहास में अपना एक नया अध्याय लिखने का मौका है — हम इसे लेकर वाकई बहुत उत्साहित हैं।'
भारत का पूल और मैच कार्यक्रम
भारत को पूल डी में रखा गया है, जिसमें इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स भी हैं। सभी पूल-स्टेज मैच एमस्टेलवीन, नीदरलैंड में खेले जाएंगे।
भारत अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ करेगा — यह तारीख स्वतंत्रता दिवस के साथ मेल खाती है, जो इस मुकाबले को भावनात्मक रूप से और भी महत्वपूर्ण बनाती है। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ंत होगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के शुरुआती तीन संस्करणों में भारत ने बार्सिलोना 1971 में कांस्य, एम्स्टर्डम 1973 में रजत और कुआलालंपुर 1975 में स्वर्ण पदक जीता था। उसके बाद से भारतीय टीम पदक के लिए तरस रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी ओलंपिक मंच पर पुनरुत्थान के दौर में है, और वर्ल्ड कप में पदक वापसी इस पुनरुत्थान की स्वाभाविक परिणति होगी।
हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में यह टीम 50 साल के इंतज़ार को खत्म करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।