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भारतीय महिला हॉकी टीम वर्ल्ड कप के 5वें स्थान से आत्मविश्वास लेकर एशियन गेम्स 2026 में उतरेगी: कोच मारिजने

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भारतीय महिला हॉकी टीम वर्ल्ड कप के 5वें स्थान से आत्मविश्वास लेकर एशियन गेम्स 2026 में उतरेगी: कोच मारिजने

सारांश

52 वर्षों का इंतज़ार खत्म हुआ — वर्ल्ड कप में जर्मनी को हराकर 5वें स्थान पर पहुँची भारतीय महिला हॉकी टीम अब एशियन गेम्स 2026 में उतरेगी। कोच मारिजने का दांव आत्मविश्वास पर है, लक्ष्य है स्वर्ण और LA 2028 का सीधा टिकट।

मुख्य बातें

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच विमेंस वर्ल्ड कप में 52 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 5वाँ स्थान हासिल किया।
टीम ने क्लासिफिकेशन मैच में विश्व रैंकिंग में 5वें स्थान पर काबिज जर्मनी को हराया; उस समय भारत 9वें स्थान पर था।
एशियन गेम्स 19 सितंबर 2026 से आइची नागोया, जापान में शुरू होंगे; भारत का लक्ष्य स्वर्ण पदक और LA 2028 ओलंपिक के लिए सीधी क्वालिफिकेशन है।
कोच स्जोर्ड मारिजने ने कहा — खिलाड़ियों ने खुद महसूस किया कि वे शीर्ष टीमों को हरा सकती हैं, यही सबसे बड़ी उपलब्धि है।
चीन, जापान और कोरिया एशियन गेम्स में भारत के लिए मुख्य चुनौती होंगी।

भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच स्जोर्ड मारिजने ने कहा है कि एफआईएच विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में 52 वर्षों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ने टीम को केवल खुशी नहीं, बल्कि दुनिया की शीर्ष टीमों को चुनौती देने का अटूट आत्मविश्वास दिया है। नई दिल्ली से बात करते हुए मारिजने ने स्पष्ट किया कि 5वें स्थान पर रही यह टीम अब एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक और लॉस एंजेलेस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन के इरादे से उतरेगी।

वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा सबक

कोच मारिजने के अनुसार टूर्नामेंट का सबसे महत्वपूर्ण असर यह रहा कि खिलाड़ियों ने खुद अनुभव किया कि वे शीर्ष स्तर पर टिक सकती हैं। उन्होंने कहा, "मैं उन्हें कई बार कह सकता हूं, 'ठीक है, हम एक अच्छी टीम हैं, आप यह कर सकते हैं,' लेकिन उन्हें खुद इसे महसूस करना होगा। अब उन्होंने दुनिया की बेहतरीन टीमों के खिलाफ खेला है और उन्हें महसूस हुआ है कि वे उनका मुकाबला कर सकती हैं और कभी कभी उन्हें हरा भी सकती हैं, जैसे जर्मनी को, जिसे मैं टॉप 4 टीमों में मानता हूं।"

गौरतलब है कि जब वर्ल्ड कप चल रहा था, तब जर्मनी विश्व रैंकिंग में पाँचवें और भारत नौवें स्थान पर था। भारत ने क्लासिफिकेशन मैच में जर्मनी को हराकर 5वाँ स्थान सुनिश्चित किया — जो पिछले 52 वर्षों में टीम की सर्वोच्च विश्व कप उपलब्धि है।

एशियन गेम्स 2026 की तैयारी

एशियन गेम्स 19 सितंबर 2026 से आइची नागोया, जापान में शुरू होने जा रहे हैं। मारिजने ने माना कि चीन, जापान और कोरिया जैसी एशियाई शक्तियाँ कड़ी टक्कर देंगी, लेकिन उनका ज़ोर खिलाड़ियों का ध्यान बड़े नतीजों की बजाय अपने प्रदर्शन पर केंद्रित रखने पर है। उन्होंने कहा, "कभी कभी आप यह समझने के लिए थोड़ा और समय चाहते हैं कि असल में क्या हुआ, क्योंकि जब आप उस पल में होते हैं, तो आपको हमेशा इसका एहसास नहीं होता। उस स्थान के साथ वापस आना बहुत अच्छा लगता है और इससे टीम को बहुत आत्मविश्वास मिलता है।"

कोच की मानसिकता — नतीजे नहीं, प्रक्रिया

मारिजने ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने की संभावना पर काल्पनिक अटकलें लगाने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा, "मैं अगर मगर में यकीन नहीं रखता। मैं चीजों को बुरी नजर नहीं लगाना चाहता। मैं अपने विरोधियों का सम्मान करता हूं।"

उन्होंने आगे समझाया, "नतीजों के बारे में सोचना, जैसे 'अरे, अगर हम यह जीत गए' या 'अगर हम वह हार गए', इससे तनाव पैदा होता है। अगर मैं इस बात में लगा रहूं कि 'इस समय लड़कियों को मुझसे क्या चाहिए?', तो मेरा ध्यान उन चीजों पर वापस आ जाता है जिन पर मेरा नियंत्रण है।" यह दृष्टिकोण आधुनिक खेल मनोविज्ञान के उस सिद्धांत के अनुरूप है जिसमें 'प्रक्रिया आधारित कोचिंग' पर बल दिया जाता है।

टीम की महत्वाकांक्षा और आगे की राह

मारिजने ने यह भी बताया कि वर्ल्ड कप में 5वें स्थान पर रहने के बावजूद खिलाड़ी पूरी तरह संतुष्ट नहीं थीं — और यही असंतोष उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इस जीत की भूख को देखते हुए कोच को विश्वास है कि टीम लगातार बेहतर करती रहेगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला हॉकी वैश्विक रैंकिंग में सुधार की राह पर है और एशियन गेम्स स्वर्ण पदक LA 2028 ओलंपिक में सीधी एंट्री का द्वार खोल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ चीन और जापान का दबदबा ऐतिहासिक रूप से टूटना मुश्किल रहा है। मारिजने की 'प्रक्रिया आधारित' कोचिंग दर्शनशास्त्र प्रशंसनीय है, पर यह भी सच है कि वर्ल्ड कप का 5वाँ स्थान और एशियन गेम्स स्वर्ण — दोनों के बीच की खाई को पाटने के लिए केवल आत्मविश्वास पर्याप्त नहीं, ठोस रणनीतिक तैयारी भी उतनी ही ज़रूरी है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय महिला हॉकी टीम ने वर्ल्ड कप में कौन सा स्थान हासिल किया?
भारतीय महिला हॉकी टीम एफआईएच विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में 5वें स्थान पर रही, जो पिछले 52 वर्षों में टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। टीम ने क्लासिफिकेशन मैच में विश्व रैंकिंग में 5वें स्थान पर काबिज जर्मनी को हराकर यह उपलब्धि हासिल की।
एशियन गेम्स 2026 कब और कहाँ होंगे?
एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर 2026 से जापान के आइची नागोया में होगा। भारतीय महिला हॉकी टीम इस टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजेलेस 2028 ओलंपिक के लिए सीधी क्वालिफिकेशन पाने की कोशिश करेगी।
कोच मारिजने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल के बारे में क्या कहते हैं?
कोच स्जोर्ड मारिजने ने गोल्ड मेडल जीतने की संभावना पर काल्पनिक अटकलें लगाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि नतीजों पर ध्यान देने से तनाव बढ़ता है, इसलिए वे खिलाड़ियों का ध्यान उन पहलुओं पर केंद्रित रखना चाहते हैं जिन पर उनका नियंत्रण है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत की मुख्य प्रतिद्वंद्वी टीमें कौन सी हैं?
कोच मारिजने के अनुसार एशियन गेम्स में चीन, जापान और कोरिया भारत के लिए सबसे कड़ी चुनौती पेश करेंगी। ये तीनों टीमें एशियाई हॉकी में शीर्ष स्थानों के दावेदार हैं।
वर्ल्ड कप में जर्मनी को हराना भारत के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों था?
जब भारत ने जर्मनी को हराया, तब जर्मनी विश्व रैंकिंग में 5वें और भारत 9वें स्थान पर था। कोच मारिजने जर्मनी को टॉप 4 टीमों में मानते हैं, इसलिए इस जीत ने खिलाड़ियों को यह विश्वास दिलाया कि वे दुनिया की श्रेष्ठ टीमों को भी हरा सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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