हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के बाद FIH रैंकिंग: भारतीय महिला टीम 8वें, पुरुष टीम 8वें स्थान पर बरकरार
सारांश
मुख्य बातें
एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के समापन के बाद जारी ताज़ा FIH वर्ल्ड रैंकिंग में भारतीय महिला हॉकी टीम एक पायदान की छलांग लगाते हुए 8वें स्थान पर पहुँच गई है, जबकि भारतीय पुरुष हॉकी टीम अपनी पूर्व-टूर्नामेंट 8वीं रैंकिंग पर बनी रही। महिला टीम का यह प्रदर्शन — वर्ल्ड कप में पाँचवाँ स्थान — 52 वर्षों में उनका सर्वश्रेष्ठ रहा।
महिला रैंकिंग: भारत की ऐतिहासिक छलांग
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में पाँचवाँ स्थान हासिल किया, जो 1974 के बाद से उनका सर्वोत्तम प्रदर्शन है। इस उपलब्धि के दम पर टीम 2,938 अंकों के साथ वैश्विक रैंकिंग में 8वें पायदान पर काबिज हो गई। टोक्यो ओलंपिक की सेमीफाइनलिस्ट रही इस टीम के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है।
महिला रैंकिंग में नीदरलैंड्स 4,083 अंकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है — यह बावजूद इसके कि टूर्नामेंट में 2010 के बाद उन्हें पहली बार हार का सामना करना पड़ा। अर्जेंटीना ने अपनी शानदार जीत के बल पर 3,757 अंकों के साथ दूसरा स्थान और मज़बूत किया है। बेल्जियम 3,494 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है और 48 वर्षों बाद वर्ल्ड कप पोडियम पर ऐतिहासिक वापसी दर्ज की।
चीन एशिया की सर्वोच्च रैंकिंग वाली महिला टीम बनी हुई है और 3,182 अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। पाँचवें से सातवें स्थान तक तीन यूरोपीय टीमें हैं — स्पेन (3,089), जर्मनी (3,063) और इंग्लैंड (3,044) — और इनके बीच महज 45 अंकों का अंतर है। ऑस्ट्रेलिया 2,812 अंकों के साथ नौवें और यूनाइटेड स्टेट्स 2,612 अंकों के साथ दसवें स्थान पर है।
11वें से 14वें स्थान पर जापान (2,476), न्यूजीलैंड (2,446), आयरलैंड (2,426) और स्कॉटलैंड (2,415) हैं, जिनके बीच कुल 61 अंकों का फ़ासला है। चिली (2,104) 15वें, फ्रांस (2,094) 16वें और कोरिया (2,066) 17वें स्थान पर हैं — ये दोनों वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थीं। साउथ अफ्रीका (2,050) 18वें, इटली (1,995) 19वें और उरुग्वे (1,976) 20वें स्थान पर हैं।
पुरुष रैंकिंग: जर्मनी शीर्ष पर, भारत 8वें पर स्थिर
पुरुष वर्ल्ड कप में लगातार दूसरी बार खिताब जीतने के बाद जर्मनी 3,720 अंकों के साथ पुरुष रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज है। बेल्जियम (3,692) दूसरे और ऑस्ट्रेलिया (3,583) तीसरे स्थान पर है।
ब्रॉन्ज मेडल मैच में नीदरलैंड्स को हराने वाली अर्जेंटीना (3,512) चौथे स्थान पर पहुँच गई, जबकि नीदरलैंड्स (3,481) पाँचवें पायदान पर खिसक गया। स्पेन (3,473) छठे और इंग्लैंड (3,431) सातवें स्थान पर है।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम — टोक्यो (2020) और पेरिस (2024) ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल विजेता — 3,072 अंकों के साथ 8वें स्थान पर बनी रही और एशिया की सर्वोच्च रैंकिंग वाली पुरुष टीम का दर्जा बरकरार रखा। वर्ल्ड कप में टीम का प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा, फिर भी रैंकिंग में कोई गिरावट नहीं आई।
वर्ल्ड कप में 9वें स्थान पर रहा न्यूजीलैंड (2,965) भारत के ठीक पीछे नौवें और फ्रांस (2,841) दसवें स्थान पर है। 11वें से 20वें स्थान पर क्रमशः आयरलैंड (2,645), पाकिस्तान (2,561), साउथ अफ्रीका (2,531), स्कॉटलैंड (2,371), मलेशिया (2,346), मिस्र (2,308), जापान (2,300), वेल्स (2,299), कनाडा (2,200) और चीन (2,131) हैं। गौरतलब है कि साउथ अफ्रीका वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बल पर अफ्रीका की सर्वोच्च रैंकिंग वाली पुरुष टीम बनी हुई है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी दोनों वर्गों में अपनी वैश्विक स्थिति को मज़बूत करने की कोशिश में है। महिला टीम की 52 साल में सर्वश्रेष्ठ वर्ल्ड कप रैंकिंग और पुरुष टीम का एशिया में शीर्ष स्थान बनाए रखना — दोनों भारतीय हॉकी के लिए उत्साहजनक संकेत हैं। अगले बड़े टूर्नामेंट में प्रदर्शन तय करेगा कि ये टीमें वैश्विक शीर्ष-5 की दिशा में कितनी तेज़ी से बढ़ती हैं।