भारतीय महिला हॉकी टीम को ₹50 लाख का इनाम, FIH वर्ल्ड कप 2026 में ऐतिहासिक पाँचवाँ स्थान
सारांश
मुख्य बातें
हॉकी इंडिया ने 28 अगस्त 2026 को भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए ₹50 लाख के नकद पुरस्कार की घोषणा की — यह सम्मान टीम के FIH हॉकी महिला वर्ल्ड कप 2026 में पाँचवें स्थान पर रहने की उपलब्धि के लिए दिया गया है, जो 1974 के बाद से इस टूर्नामेंट में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। बेल्जियम और नीदरलैंड्स की सह-मेज़बानी में आयोजित इस वर्ल्ड कप में सलिमा टेटे की अगुवाई वाली टीम ने पूरे अभियान में असाधारण संघर्ष का प्रदर्शन किया।
मुख्य घटनाक्रम
27 अगस्त को एम्सटेलवीन में खेले गए 5वें/6वें स्थान के क्लासिफिकेशन मैच में भारत ने विश्व रैंकिंग में 5वें नंबर की टीम जर्मनी को 3-1 से हराया। मुख्य कोच शोर्ड मारिन के मार्गदर्शन में टीम ने पूरे टूर्नामेंट में केवल एक हार का सामना किया। अभियान के दौरान भारत ने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी उच्च रैंकिंग वाली टीमों के साथ ड्रॉ खेला और दक्षिण अफ्रीका को 6-1 के बड़े अंतर से हराया।
हॉकी इंडिया की प्रतिक्रिया
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा, 'यह भारतीय महिला हॉकी के लिए एक ऐतिहासिक नतीजा है। 52 साल बाद वर्ल्ड कप में पाँचवें स्थान पर आना इस टीम की कड़ी मेहनत, हिम्मत और लड़ने के जज्बे का सबूत है जो उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में दिखाया है। मुझे टीम के लिए ₹50 लाख के कैश अवॉर्ड की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।'
हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा, 'सलिमा और उनकी टीम ने एक ऐसे अभियान से देश को गर्व महसूस कराया है जिसमें उन्होंने दुनिया की कुछ बेहतरीन टीमों के साथ मुकाबला किया और अपनी जगह बनाए रखी। यह घोषणा उनकी प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत को पहचानने का हमारा तरीका है।'
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि 1974 में पहले एडिशन में भारत ने चौथा स्थान हासिल किया था — उसके बाद यह टूर्नामेंट में देश का सर्वोच्च प्रदर्शन था। 52 वर्षों के अंतराल के बाद इस स्तर तक वापसी भारतीय महिला हॉकी की बदलती तस्वीर को दर्शाती है। यह ऐसे समय में आया है जब महिला खेलों में निवेश और ढाँचागत विकास को लेकर राष्ट्रीय बहस तेज हो रही है।
आगे की राह
महासचिव भोला नाथ सिंह ने संकेत दिया कि टीम अब एशियन गेम्स की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करेगी। इस वर्ल्ड कप प्रदर्शन से मिला आत्मविश्वास और हॉकी इंडिया का वित्तीय प्रोत्साहन टीम के मनोबल को और मज़बूत करेगा। कोच शोर्ड मारिन के नेतृत्व में टीम के खेल में जो निरंतरता देखी गई है, वह आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए शुभ संकेत है।