18 जुलाई 2026
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सलीमा टेटे का फाइनल का संकल्प: FIH महिला हॉकी विश्व कप 2026 में भारत की दावेदारी

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सलीमा टेटे का फाइनल का संकल्प: FIH महिला हॉकी विश्व कप 2026 में भारत की दावेदारी

सारांश

सलीमा टेटे के लिए यह सिर्फ पहला विश्व कप नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक दावेदारी है। FIH नेशंस कप का अजेय खिताब पीठ पर और फाइनल का सपना आँखों में — भारतीय महिला हॉकी टीम बेल्जियम-नीदरलैंड में इतिहास रचने उतर रही है।

मुख्य बातें

FIH महिला हॉकी विश्व कप 2026 का आयोजन 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में होगा।
भारतीय कप्तान सलीमा टेटे ने स्पष्ट लक्ष्य घोषित किया — इस बार टीम फाइनल तक पहुँचना चाहती है।
भारत को पूल डी में रखा गया है; पहला मैच 16 अगस्त को चीन से, फिर 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका और 20 अगस्त को इंग्लैंड से।
सलीमा की कप्तानी में भारत ने हाल ही में FIH नेशंस कप बिना कोई मैच हारे जीता।
मुख्य कोच सोजर्ड मारिजने की देखरेख में 20 सदस्यीय दल तैयारियों के अंतिम चरण में है।

भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने FIH महिला हॉकी विश्व कप 2026 से पहले स्पष्ट लक्ष्य घोषित किया है — इस बार टीम फाइनल तक पहुँचना चाहती है। 15 से 30 अगस्त 2026 के बीच बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत आत्मविश्वास और नए संकल्प के साथ उतरेगा। सलीमा के लिए यह पहला मौका होगा जब वे किसी विश्व कप में टीम की कप्तानी करेंगी।

मुख्य घटनाक्रम

भारतीय टीम को विश्व कप के पूल डी में रखा गया है। टीम अपने अभियान की शुरुआत 16 अगस्त को चीन के खिलाफ करेगी, इसके बाद 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका और 20 अगस्त को इंग्लैंड से मुकाबला होगा। मुख्य कोच सोजर्ड मारिजने की देखरेख में 20 सदस्यीय दल अपनी तैयारियों के अंतिम चरण में है। गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न FIH नेशंस कप में सलीमा की अगुवाई में भारतीय टीम ने एक भी मैच गँवाए बिना खिताब जीता था, जो इस विश्व कप से पहले टीम के मनोबल के लिए बड़ा संकेत है।

कप्तान की ज़ुबानी — फाइनल का सपना

सलीमा ने कहा कि कप्तान के रूप में पहले विश्व कप में उतरना उनके लिए बेहद खास एहसास है। उन्होंने स्वीकार किया, 'बेशक, मैं उत्साहित हूँ, लेकिन थोड़ी नर्वस भी हूँ क्योंकि यह हॉकी का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है।' उन्होंने जोड़ा कि पिछले विश्व कप में टीम का खेल अच्छा था, लेकिन नतीजे अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहे। 'इस बार हम सभी फाइनल तक पहुँचने की बात कर रहे हैं — यही सपना हम सब देखते हैं,' सलीमा ने कहा। व्यक्तिगत स्तर पर उनकी प्राथमिकता प्रदर्शन से नेतृत्व करना है, ताकि वे टीम का बेहतर तरीके से साथ दे सकें।

टीम एकजुटता और युवा प्रतिभाओं का प्रबंधन

इस टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है। सलीमा के अनुसार, टीम की सबसे बड़ी ताकत आपसी संवाद है — युवा खिलाड़ी सीनियर खिलाड़ियों से बेझिझक बात करती हैं और सीनियर हमेशा मार्गदर्शन के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को सलाह दी है कि वे अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और विश्व कप के दबाव को खुद पर हावी न होने दें। 'गलतियाँ खेल का हिस्सा हैं, मायने यह रखता है कि आपकी सोच सही हो और आप आत्मविश्वास से भरे हों,' उन्होंने कहा।

चीन से पहले मैच — रणनीति और जज्बा

पूल स्टेज में पहले मुकाबले में चीन के खिलाफ उतरने से पहले सलीमा का संदेश स्पष्ट है — 'आत्मविश्वास और लड़ने के जज्बे के साथ खेलें।' उन्होंने कहा कि टीम को विरोधी की वजह से अपना खेल नहीं बदलना चाहिए, बल्कि अपने स्टाइल में हॉकी खेलनी चाहिए। 'हमारा लड़ने का जज्बा पहली सीटी से लेकर आखिरी सीटी तक दिखना चाहिए,' उन्होंने जोड़ा।

प्रेरणा और कोच की भूमिका

सलीमा के अनुसार, भारतीय जर्सी पहनना ही टीम की सबसे बड़ी प्रेरणा है। कोच मारिजने का संदेश सरल रहता है — खुद पर भरोसा करो और अपनी जानी-पहचानी हॉकी खेलो। 'जब हम अपनी तैयारी पर भरोसा करते हैं और एक टीम के तौर पर एकजुट रहते हैं, तो हमें पता होता है कि हम किसी का भी मुकाबला कर सकते हैं,' सलीमा ने कहा। यह विश्व कप भारतीय महिला हॉकी के लिए एक नई ऊँचाई छूने का अवसर है और टीम इस मौके को भुनाने के लिए पूरी तरह तैयार दिखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारतीय महिला हॉकी की संरचनात्मक चुनौतियाँ — विशेष रूप से शीर्ष यूरोपीय और ऑस्ट्रेलियाई टीमों के खिलाफ पेनल्टी कॉर्नर रूपांतरण और रक्षात्मक स्थिरता — अभी भी बनी हुई हैं। FIH नेशंस कप की जीत प्रेरणादायक है, लेकिन उस टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धा का स्तर विश्व कप से अलग है। असली परीक्षा यह होगी कि टीम नेदरलैंड, जर्मनी या अर्जेंटीना जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ अपने आक्रामक जज्बे को कितने समय तक बनाए रख सकती है। कप्तान का 'प्रदर्शन से नेतृत्व' का दर्शन सही दिशा में है, लेकिन यह विश्व कप भारतीय महिला हॉकी के लिए एक वास्तविक मापदंड होगा।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FIH महिला हॉकी विश्व कप 2026 कब और कहाँ होगा?
FIH महिला हॉकी विश्व कप 2026 का आयोजन 15 से 30 अगस्त 2026 के बीच बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में होगा। यह टूर्नामेंट महिला हॉकी का सबसे प्रतिष्ठित आयोजन है।
विश्व कप 2026 में भारत के पूल डी में कौन-सी टीमें हैं?
भारत को पूल डी में रखा गया है जहाँ उसका सामना चीन (16 अगस्त), दक्षिण अफ्रीका (18 अगस्त) और इंग्लैंड (20 अगस्त) से होगा। पूल स्टेज में तीनों मुकाबले अगस्त के पहले पखवाड़े में हैं।
सलीमा टेटे कौन हैं और यह विश्व कप उनके लिए क्यों खास है?
सलीमा टेटे भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान हैं। FIH महिला हॉकी विश्व कप 2026 उनका पहला विश्व कप होगा जिसमें वे टीम की कप्तानी करेंगी, जो उनके करियर का एक ऐतिहासिक पड़ाव है।
FIH नेशंस कप में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
सलीमा टेटे की कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने FIH नेशंस कप में एक भी मैच हारे बिना खिताब जीता। यह प्रदर्शन विश्व कप से पहले टीम के आत्मविश्वास के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।
भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच कौन हैं?
भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच सोजर्ड मारिजने हैं। उनकी देखरेख में 20 सदस्यीय दल विश्व कप की तैयारियों के अंतिम चरण में है।
राष्ट्र प्रेस
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