एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026: भारतीय महिला टीम यूरोप रवाना, 16 अगस्त को चीन से पहला मुकाबला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला हॉकी टीम 29 जुलाई 2026 (बुधवार) को एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 की अंतिम तैयारियों के लिए यूरोप रवाना हो गई। बेल्जियम और नीदरलैंड्स में 15 अगस्त से 30 अगस्त के बीच आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से पहले टीम जर्मनी में ट्रेनिंग कैंप और दो अभ्यास मैच खेलेगी। कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई में टीम ने वैश्विक मंच पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का संकल्प लिया है।
यात्रा का क्रम और ट्रेनिंग कार्यक्रम
टीम ने बेंगलुरु से मुंबई होते हुए फ्रैंकफर्ट के लिए उड़ान भरी। फ्रैंकफर्ट में टीम ट्रेनिंग के बाद 31 जुलाई और 1 अगस्त को जर्मनी की मेजबान टीम के विरुद्ध लगातार दो फ्रेंडली मैच खेलेगी। इन अभ्यास मैचों का उद्देश्य यूरोपीय मौसम और मैदानी परिस्थितियों के अनुकूल होना तथा टीम के संयोजन को अंतिम रूप देना है।
जर्मनी में ट्रेनिंग कैंप पूरा करने के बाद भारतीय दल 2 अगस्त को एम्स्टर्डम पहुँचेगा, जहाँ टूर्नामेंट शुरू होने से पहले अंतिम तैयारियाँ की जाएंगी।
पूल डी में भारत का अभियान
भारत को पूल डी में रखा गया है। टीम का पहला मुकाबला 16 अगस्त को चीन से होगा, जो टूर्नामेंट में एक कड़ी परीक्षा मानी जा रही है। इसके बाद ग्रुप चरण में भारत साउथ अफ्रीका और फिर इंग्लैंड का सामना करेगा। नॉकआउट चरण में स्थान सुनिश्चित करना टीम का प्राथमिक लक्ष्य है।
कप्तान सलीमा टेटे की बात
कप्तान सलीमा टेटे ने रवानगी से पहले कहा, 'पूरी टीम आने वाली चुनौती के लिए तैयार है। हमारी ट्रेनिंग अच्छी रही है और अब मकसद इसी लय को प्रैक्टिस मैचों और फिर वर्ल्ड कप में भी बनाए रखना है। शुरुआती मैच में चीन का सामना करना एक अहम परीक्षा होगी और हम टूर्नामेंट की शुरुआत सकारात्मक तरीके से करना चाहते हैं। एक टीम के तौर पर हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला हॉकी टीम महीनों की गहन तैयारी के बाद मैदान में उतरने को तैयार है। टीम जर्मनी के इस ट्रेनिंग दौर को बेल्जियम और नीदरलैंड्स में दुनिया की शीर्ष टीमों से भिड़ने से पहले अपने खेल को धार देने के निर्णायक अवसर के रूप में देख रही है।
टूर्नामेंट का ढाँचा और दाँव
एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 15 अगस्त को होगा और फाइनल मुकाबला 30 अगस्त को खेला जाएगा। गौरतलब है कि यह टूर्नामेंट हॉकी के गढ़ बेल्जियम और नीदरलैंड्स में आयोजित हो रहा है, जहाँ की टीमें विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर हैं। ऐसे में भारत के लिए यह प्रतियोगिता कड़ी चुनौती के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने का सुनहरा मौका भी है।