गुरुग्राम हिट-एंड-रन: बाइकर शिवानी बोलीं — 'वॉशरूम वाला बयान घटिया, चारों को मिले कड़ी सजा'
सारांश
मुख्य बातें
गुरुग्राम के गोल्फकोर्स रोड हिट-एंड-रन मामले में 16 सितंबर 2026 को अदालत ने आरोपी कल्याण बैंसला और लवनीश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने इन दोनों को क्रमशः राजस्थान और हरियाणा से गिरफ्तार किया था। इस मामले की पीड़िता, बाइकर शिवानी चौहान उर्फ सिया, ने स्पष्ट किया है कि केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी न्याय के लिए पर्याप्त नहीं — उन्होंने घटना के समय कार में सवार सभी चारों व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की है।
पीड़िता का बयान: 'चारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए'
शिवानी चौहान ने कहा, 'मुझे कोर्ट से बहुत उम्मीदें हैं कि मुझे न्याय मिलेगा और न्याय मिलना बहुत जरूरी भी है। अगर ऐसे लोगों को हम सजा नहीं दिलवाएंगे तो समाज में बहुत गंदा संदेश जाएगा। अभी तक सिर्फ दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि चारों की गिरफ्तारी होनी चाहिए, चारों पर चार्ज लगना चाहिए।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने पुलिस को भी यही बताया है और कल कोर्ट में भी यही बताया कि चारों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। चारों गाड़ी में थे, चारों उस घटना में शामिल थे, तो चारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। एक बहुत बड़ा संदेश मिलना चाहिए, तभी दूसरों के लिए यह मैसेज जाएगा कि कोई ऐसी हरकत करके बच नहीं सकता।'
'वॉशरूम' वाले बचाव को बताया बेहूदा बहाना
आरोपी पक्ष की ओर से दावा किया गया था कि उन्हें टॉयलेट की ज़रूरत थी, इसलिए वे रुके नहीं। इस बयान को शिवानी ने सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'यह तो बहुत घटिया बयान है। पता नहीं क्या सोच है उनकी और उनके वकील की। कैसे ये लोग झूठे बयान दे सकते हैं — जो पूरा वीडियो रिकॉर्ड हुआ है, पूरे देश ने देखा है कि कैसे जानबूझकर टक्कर मारकर भागे हैं।'
उन्होंने तर्क दिया, 'अगर आपको वॉशरूम ही जाना था तो फर्स्ट लेन से आने का क्या तुक बनता है? सुबह सात बजे गोल्फकोर्स रोड पर तीन लेन का पूरा खाली रोड था। इंसान कहीं से भी निकल सकता था। वह अपने आप को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह बच नहीं पाएंगे।'
महिला सुरक्षा का बड़ा सवाल
शिवानी ने इस घटना को महिलाओं की सड़क सुरक्षा से जोड़ा। उन्होंने कहा, 'अगर इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड न हुआ होता तो शायद मैं अपने आप को जस्टिफाई भी नहीं कर पाती। आए दिन ऐसे कितने इंसिडेंट होते हैं — लड़कियाँ काम पर जा रही हैं, उनके पास कोई कैमरा भी नहीं होता और उनके मुकदमे दर्ज भी नहीं हो पाते।'
उन्होंने कहा, 'मुझे बहुत डर लगता है यह सोचकर कि जहाँ लड़कियाँ काम के लिए निकलती हैं, आगे बढ़ने के लिए निकलती हैं, उनको ये सारी चीजें फेस करनी पड़ रही हैं। हमारा देश और हमारी सड़कें आज सेफ नहीं हैं।'
परिवार की माँग: बाकी दो आरोपियों को भी पकड़ा जाए
पीड़िता के पिता रोशन चौहान ने पुलिस को दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन साथ ही माँग की कि कार में सवार बाकी दो आरोपियों को भी तत्काल हिरासत में लिया जाए। उन्होंने कहा, 'चार आदमी जब एक कार में बैठकर जा रहे हैं और एक व्यक्ति ऐसी हरकत कर रहा है, तो बाकियों को उसे रोकना चाहिए था। उन्होंने रोका नहीं।'
पीड़िता के भाई दीपांशु चौहान ने कहा, 'आरोपियों पर अटेम्प्ट टू मर्डर के चार्ज लगे हैं। हम चाहेंगे कि एक उदाहरण सेट हो — ताकि भविष्य में कोई यह न सोचे कि हिट-एंड-रन करके निकल सकते हैं।' यह मामला अब एक व्यक्तिगत शिकायत से आगे बढ़कर सड़क सुरक्षा और महिला संरक्षण की राष्ट्रव्यापी बहस का केंद्र बन गया है।