FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026: भारत का इंग्लैंड से कड़ा मुकाबला, पूल-डी की शीर्ष पायदान पर दोनों की नज़र
सारांश
मुख्य बातें
एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम सोमवार को एम्स्टेलवीन में इंग्लैंड के खिलाफ पूल-डी के अपने दूसरे मैच में उतरेगी। वेल्स पर 3-1 की दमदार जीत के बाद भारत इस टूर्नामेंट में अपनी विजयी लय को जारी रखने का इरादा रखता है।
पूल-डी में दाँव क्या है
पूल-डी की चारों टीमों में से शीर्ष दो अगले दौर और सेमीफाइनल की दौड़ में पहुँचेंगी, जबकि निचली दो टीमें क्लासिफिकेशन मुकाबलों में जाएंगी। भारत और इंग्लैंड — दोनों अपनी-अपनी पहली जीत के साथ तीन-तीन अंकों पर हैं — इसलिए सोमवार का यह मुकाबला व्यावहारिक रूप से पूल-डी की शीर्ष स्थिति का फैसला करेगा। इंग्लैंड ने अपने पहले मैच में पाकिस्तान को 4-1 से हराया था, जो उनके आक्रामक खेल का स्पष्ट संकेत है।
वेल्स मैच से मिले सबक
शनिवार को वेल्स के विरुद्ध भारत की जीत पूरी तरह पेनाल्टी-कॉर्नर की ताकत पर टिकी थी — तीनों गोल सेट-पीस से आए। संजय ने पहला गोल दागकर भारत को बढ़त दिलाई, जिसके बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल जोड़कर जीत सुनिश्चित की। हालांकि, ओपन प्ले में कई मौके बनाने के बाद भी भारत फील्ड गोल करने में नाकाम रहा, जो टीम प्रबंधन के लिए सुधार का सबसे अहम क्षेत्र है।
भारत-इंग्लैंड का हालिया इतिहास
दोनों टीमों के बीच हाल के वर्षों में कई यादगार मुकाबले हुए हैं। पेरिस ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में 17वें मिनट में अमित रोहिदास को रेड कार्ड मिलने के बाद भारत को मैच का अधिकांश हिस्सा 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा था — फिर भी भारत ने इंग्लैंड को हराया और अंततः कांस्य पदक जीता। यह मुकाबला भारतीय हॉकी के हालिया इतिहास की सबसे साहसी जीतों में से एक माना जाता है। इसके अलावा, लंदन में एफआईएच प्रो लीग के दौरान दोनों टीमें दो बार भिड़ीं और दोनों मैच शूटआउट तक गए, जिनमें एक-एक जीत दोनों टीमों के खाते में रही।
भारत की रणनीति और चुनौतियाँ
भारत का प्राथमिक ध्यान तीन मोर्चों पर होगा — डिफेंस में अनुशासन, पेनाल्टी-कॉर्नर को गोल में बदलने की क्षमता, और ओपन प्ले में फिनिशिंग का सुधार। इंग्लैंड एक तेज़-तर्रार टीम है जो भारत के बराबर तीव्रता से खेल सकती है और छोटी-सी गलती को भी भुनाने में माहिर है। विशेषज्ञों के अनुसार, सर्कल के अंदर सटीकता और बॉल-पजेशन में शांत रहना भारत के लिए निर्णायक साबित होगा।
आगे क्या
इस मैच का परिणाम पूल-डी की बाकी टीमों — वेल्स और पाकिस्तान — की अगले दौर की संभावनाओं पर भी सीधा असर डालेगा। भारत के लिए यह जीत न केवल पूल में शीर्ष स्थान सुनिश्चित करेगी, बल्कि टूर्नामेंट में मनोबल और गति बनाए रखने के लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण होगी।