अखिलेश यादव के बयान पर BJP सांसद दिनेश शर्मा का पलटवार: 'भाजपा के लिए भारत सबसे पहले'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद दिनेश शर्मा ने 22 अगस्त को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर कड़ा पलटवार किया, जिसमें अखिलेश ने भाजपा की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए थे। शर्मा ने स्पष्ट किया कि भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के लिए देश की सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर भाजपा का रुख
शर्मा ने कहा, 'भाजपा का अर्थ ही भारत प्रथम है।' उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया और यह सरकार यह सिद्ध कर चुकी है कि पाकिस्तान द्वारा कोई भी दुस्साहस किए जाने पर उसे उसी के घर में घुसकर जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि जब देश की सुरक्षा की बात होती है, तो विपक्षी नेताओं के बयान पाकिस्तान में सुर्खियाँ बनते हैं और पाकिस्तान उन्हें संयुक्त राष्ट्र (UN) में भी उठाता है। उनके अनुसार, ऐसे बयान राष्ट्रीय हितों के विरुद्ध हैं।
चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार का पक्ष
चीनी की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं की ज़रूरतों के प्रति सजग है और आम जनता को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कीमतों में वृद्धि के पीछे कई संभावित कारण गिनाए — उत्पादन में कमी, मौसम की मार से फसल को हुआ नुकसान, त्योहारी माँग में उछाल और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमतों का दबाव।
शर्मा ने यह भी माना कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार पर युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर पड़ा है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए और उपाय किए जाने की ज़रूरत है। उन्होंने इथेनॉल उत्पादन को चीनी मूल्यवृद्धि का कारण मानने से स्पष्ट इनकार किया।
जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पर योगी सरकार का बचाव
भाजपा सांसद ने योगी सरकार की सुरक्षा नीति का बचाव करते हुए कहा कि सुरक्षा प्रदान करते समय किसी व्यक्ति की पार्टी, जाति या विचारधारा नहीं देखी जाती — केवल संभावित खतरे का आकलन किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि इसी आधार पर अखिलेश यादव, मायावती और भाजपा के नेताओं सहित विभिन्न राजनेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई है।
शर्मा ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों में सुरक्षा के मामले में भेदभाव होता था, जबकि भाजपा सरकार राजनीतिक संबद्धता या सामाजिक पहचान के आधार पर कोई भेद नहीं करती।
राजनीतिक मर्यादा और चौधरी चरण सिंह
शर्मा ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन नेताओं को एक-दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने से बचना चाहिए और भाषाई मर्यादा का पालन करना चाहिए। उन्होंने चौधरी चरण सिंह से जुड़ी टिप्पणी पर कहा कि उनका इतिहास गौरवशाली रहा है और जाट समाज में उनका विशेष सम्मान है।
यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाज़ी का दौर तेज़ है और आने वाले चुनावी समीकरणों को लेकर सभी दल अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में लगे हैं।