7 अक्टूबर 2026
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भारत-बांग्लादेश संबंध सुधार: उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने PM मोदी और सेना प्रमुख जनरल सेठ से की मुलाकात

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भारत-बांग्लादेश संबंध सुधार: उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने PM मोदी और सेना प्रमुख जनरल सेठ से की मुलाकात

सारांश

बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी की प्रधानमंत्री मोदी और सेना प्रमुख जनरल सेठ से एक ही दिन मुलाकात — यह महज़ शिष्टाचार नहीं, बल्कि 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद उलझे द्विपक्षीय संबंधों को सँभालने की सुविचारित कूटनीतिक कोशिश है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
इसी दौरे में त्रिवेदी ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ से भी बातचीत की, जो रक्षा सहयोग पर केंद्रित रही।
2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बना हुआ है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, त्रिवेदी ने PM तारिक रहमान और PM मोदी की प्रस्तावित बैठक की तैयारी पर चर्चा की, जिसमें जल्दबाजी से बचने की बात कही गई।
30 सितंबर को ढाका में भी त्रिवेदी और बांग्लादेश के मंत्री अहमद आजम खान के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी।
भारत में बांग्लादेश के निवर्तमान उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह के 18 महीने के कार्यकाल को विदेश मंत्री जयशंकर ने सराहा।

बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ से अलग-अलग मुलाकात की। यह दौरा भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के प्रयासों के तहत देखा जा रहा है, जो 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से तनावपूर्ण बने हुए हैं।

दौरे का क्रम और मुलाकातें

सूत्रों के अनुसार, उच्चायुक्त त्रिवेदी ने सोमवार को अचानक नई दिल्ली का दौरा किया और मंगलवार दोपहर लगभग 1 बजे प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने सेना प्रमुख जनरल सेठ से भी बातचीत की।

भारतीय सेना ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया, 'बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ से बातचीत की। इस बातचीत में भारत-बांग्लादेश के बीच आपसी सहयोग और रक्षा संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया।'

पृष्ठभूमि: क्यों अहम है यह मुलाकात

यह दौरा ऐसे संवेदनशील समय में हुआ है जब दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को पुनः स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में उल्लेखनीय खटास आई थी। गौरतलब है कि यह इस श्रृंखला की नई कड़ी है जिसमें दोनों पक्षों के वरिष्ठ प्रतिनिधि संपर्क बढ़ा रहे हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और प्रधानमंत्री मोदी के बीच प्रस्तावित बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा की और यह भी कहा कि इस बारे में जल्दबाजी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

बांग्लादेश के निवर्तमान उच्चायुक्त की प्रतिक्रिया

इस महीने की शुरुआत में भारत में बांग्लादेश के निवर्तमान उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने एक्स पर लिखा, 'भारत में बांग्लादेश के राजदूत के तौर पर 18 महीने के कार्यकाल के दौरान मैंने आपसी विश्वास, सम्मान और साझा लाभों पर आधारित बांग्लादेश-भारत संबंधों को स्थिर करने और आगे बढ़ाने की कोशिश की, ताकि 'साझा हितों' के लिए ये संबंध लंबे समय तक बने रहें। कूटनीति के पारंपरिक रास्तों पर चलने के बजाय, मैंने लोगों से जुड़ने की कोशिश की।'

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी भारत-बांग्लादेश संबंधों में हामिदुल्लाह के योगदान की सराहना की और उनके आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।

ढाका में हालिया कूटनीतिक गतिविधि

30 सितंबर को ढाका में उच्चायुक्त त्रिवेदी और बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम मामलों के मंत्री अहमद आजम खान के बीच बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों के मज़बूत द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को दोहराया गया। ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने पिछले सप्ताह पोस्ट के माध्यम से बताया कि दोनों पक्षों ने आपसी हित के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

आगे की राह

इन बैठकों की श्रृंखला यह संकेत देती है कि भारत और बांग्लादेश दोनों ही द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा भरने को लेकर सतर्कतापूर्ण पहल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री स्तर की प्रस्तावित बैठक से पहले इस कूटनीतिक तैयारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रणनीतिक-सुरक्षा के नज़रिये से भी देख रहा है। शेख हसीना की विदाई के बाद ढाका में जो नई सत्ता काबिज़ हुई, उसके साथ नई दिल्ली का रिश्ता अब तक असहज रहा है — और यह दौरा उसी दरार को पाटने की कोशिश है। हालाँकि 'जल्दबाजी न करने' का संदेश यह भी दर्शाता है कि विश्वास अभी भी नाजुक है। प्रधानमंत्री स्तर की बैठक तब तक ठोस नहीं होगी जब तक दोनों पक्ष घरेलू राजनीतिक दबाव को साध न सकें।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने दिल्ली में किन-किन से मुलाकात की?
उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ से अलग-अलग मुलाकात की। यह दौरा भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने की कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है।
भारत-बांग्लादेश संबंध क्यों तनावपूर्ण हैं?
2024 में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से दोनों देशों के संबंधों में खटास आई है। नई सरकार के साथ भारत के संबंध अभी भी पुनर्स्थापना के दौर में हैं।
भारत और बांग्लादेश के बीच प्रधानमंत्री स्तर की बैठक कब होगी?
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, त्रिवेदी ने बांग्लादेश के PM तारिक रहमान और PM मोदी की प्रस्तावित बैठक की तैयारियों पर चर्चा की, लेकिन कोई तारीख तय नहीं हुई है। त्रिवेदी ने कहा कि इसमें जल्दबाजी करने की आवश्यकता नहीं है।
भारत और बांग्लादेश के बीच हाल की कूटनीतिक गतिविधियाँ क्या रही हैं?
30 सितंबर 2026 को ढाका में उच्चायुक्त त्रिवेदी और बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम मामलों के मंत्री अहमद आजम खान के बीच बैठक हुई। ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने बताया कि दोनों पक्षों ने आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा की और दीर्घकालिक सहयोग को दोहराया।
भारत में बांग्लादेश के निवर्तमान उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने क्या कहा?
रियाज हामिदुल्लाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने अपने 18 महीने के कार्यकाल में आपसी विश्वास, सम्मान और साझा लाभों पर आधारित संबंध बनाने की कोशिश की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उनके योगदान की सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
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