भारत-बांग्लादेश संबंध: उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से की मुलाकात, बोले — 'कोई भी मुद्दा आपसी समझ से बाहर नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 29 जुलाई 2026 को ढाका में बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान से शिष्टाचार मुलाकात की और स्पष्ट संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच कोई भी द्विपक्षीय मुद्दा इतना जटिल नहीं जिसे आपसी संवाद और समझ से न सुलझाया जा सके। इस मुलाकात को भारत-बांग्लादेश संबंधों में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
मुलाकात का विवरण और प्रमुख बातें
उच्चायुक्त त्रिवेदी ने विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान के अलावा बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद चिनॉय से भी अलग-अलग बैठकें कीं। दोनों बैठकों में भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक और गहरा बनाने के उद्देश्य से विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में भारत के उप उच्चायुक्त पवन बाढे और उच्चायोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उच्चायुक्त ने कहा, "मैं हर चीज को सकारात्मक नजरिए से देख रहा हूं। हमारी बेहद सकारात्मक और सार्थक बैठक हुई।"
एक्स पर साझा किया आधिकारिक संदेश
मुलाकात का विवरण उच्चायुक्त ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया। उन्होंने लिखा, "हाई कमिश्नर ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से शिष्टाचार मुलाकात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पारस्परिक हितों एवं आपसी लाभ पर आधारित सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्य उन्मुख द्विपक्षीय साझेदारी को लेकर भारत प्रतिबद्ध है। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच लोगों से जुड़े सहयोग को सभी क्षेत्रों में और गहरा करने पर भी जोर दिया।"
तीस्ता-गंगा जल संधि और लंबित मुद्दे
तीस्ता और गंगा जल संधियों जैसे वर्षों से लंबित द्विपक्षीय मुद्दों पर उच्चायुक्त ने स्पष्ट किया कि यह बैठक मुख्यतः शिष्टाचार भेंट थी, परंतु उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसा कोई भी मुद्दा नहीं जिसे आपसी समझ से हल न किया जा सके। उन्होंने बताया कि संधियों के नवीनीकरण से जुड़े मामलों पर भारत और बांग्लादेश के संयुक्त कार्य समूह सक्रिय हैं और शीघ्र ही बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर तनाव की खबरें आती रही हैं। गौरतलब है कि 25 जून 2026 को दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के राष्ट्रपति को अपना परिचय पत्र सौंपा था और भारत सरकार की ओर से दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
तारीक रहमान की भारत यात्रा और ब्रिक्स निमंत्रण
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान को भारत की ओर से दो अलग-अलग निमंत्रण दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर उच्चायुक्त त्रिवेदी ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा, "हम उनकी भारत यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद है कि यह दौरा निकट भविष्य में होगा।"
उल्लेखनीय है कि भारत 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसके लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान को भी आमंत्रित किया गया है। इस सम्मेलन को दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संवाद का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
साझा इतिहास और आगे की राह
उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और खेल संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और बांग्लादेश केवल सीमाएं ही नहीं, बल्कि साझा इतिहास, संस्कृति और आकांक्षाएं भी साझा करते हैं। उन्होंने कहा, "मैं ऐसे संबंधों की अपेक्षा करता हूं जिनकी नींव दोनों देशों के लोगों के पारस्परिक हितों पर आधारित हो। यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में हमारे संबंध और मजबूत होंगे।"
आने वाले हफ्तों में संयुक्त कार्य समूहों की बैठकें और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।