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भारत-बांग्लादेश मसले सुलझाएंगे दोनों PM: उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी का भरोसा

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भारत-बांग्लादेश मसले सुलझाएंगे दोनों PM: उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी का भरोसा

सारांश

भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने ढाका में कहा कि दोनों 'जनता के पीएम' — तारिक रहमान और नरेंद्र मोदी — मिलकर भारत-बांग्लादेश के उलझे मसले सुलझा सकते हैं। तीस्ता जल विवाद और गंगा संधि नवीनीकरण की पृष्ठभूमि में यह बयान अहम है।

मुख्य बातें

भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 9 अगस्त 2026 को ढाका में कहा कि PM तारिक रहमान और PM नरेंद्र मोदी की सीधी बातचीत से द्विपक्षीय मसले सुलझेंगे।
तीस्ता जल बंटवारा और गंगा जल संधि का नवीनीकरण दोनों देशों के बीच प्रमुख लंबित मुद्दे हैं।
भारत ने तारिक रहमान को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में बिम्सटेक अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया है।
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, तारिक रहमान को फरवरी 2026 में पद संभालने के बाद ही भारत आने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया था।
बिम्सटेक में 7 सदस्य देश हैं — दक्षिण एशिया के 5 और दक्षिण-पूर्व एशिया के 2।

बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 9 अगस्त 2026 को ढाका में पत्रकारों से बातचीत में विश्वास जताया कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सीधी बातचीत से दोनों देशों के बीच लंबित द्विपक्षीय मसले सुलझाए जा सकते हैं। उन्होंने इस आशावाद की बुनियाद दोनों नेताओं की जनप्रिय छवि को बताया।

उच्चायुक्त ने क्या कहा

त्रिवेदी ने इंडियन वीजा एप्लिकेशन सेंटर (IVAC) के चिल्ड्रेन प्लेइंग एरिया के उद्घाटन समारोह के दौरान कहा, 'मैंने पीएम तारिक रहमान को कई बार भाषण देते सुना है। हमारे प्रधानमंत्री मोदी की तरह ही वो भी जनता के पीएम हैं। जब दो नेता मिलते हैं तो बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो जाता है। इसको लेकर नकारात्मकता नहीं, सकारात्मकता का होना जरूरी है।' उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि तारिक रहमान की भारत यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलेगी।

पृष्ठभूमि: किन मुद्दों पर है नज़र

यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत और बांग्लादेश दोनों देश अपने संबंधों को नए सिरे से मज़बूत करने की कोशिश में हैं। दोनों देशों के बीच तीस्ता जल बंटवारा और गंगा जल संधि का नवीनीकरण जैसे दीर्घकालिक लंबित मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। गौरतलब है कि तीस्ता जल बंटवारे पर वार्ता वर्षों से अनिर्णीत है और इसे दोनों देशों के संबंधों की सबसे संवेदनशील कड़ी माना जाता है।

ब्रिक्स और बिम्सटेक का संदर्भ

भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। यह निमंत्रण उन्हें बिम्सटेक (BIMSTEC) के वर्तमान अध्यक्ष की हैसियत से दिया गया है। बिम्सटेक — यानी 'बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन' — बंगाल की खाड़ी से जुड़े सात देशों का समूह है, जिसमें दक्षिण एशिया के बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और श्रीलंका तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय की स्थिति

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में नियमित प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि तारिक रहमान को फरवरी 2026 में पद संभालने के तुरंत बाद ही भारत आने का औपचारिक निमंत्रण भेज दिया गया था। जायसवाल ने कहा, 'यह निमंत्रण ब्रिक्स की आउटरीच बैठकों की सामान्य परंपरा के तहत दिया गया है। इसी तरह अन्य क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुखों को भी आमंत्रित किया गया है।' MEA ने बिम्सटेक को दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बताया है।

आगे क्या

तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी को दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में और भी अहम हो जाता है जब क्षेत्रीय स्थिरता और जल-बंटवारे जैसे मुद्दे दोनों देशों की घरेलू राजनीति में भी संवेदनशील बने हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब तीस्ता जल बंटवारे जैसे ठोस मुद्दों पर मेज़ पर बैठकर सहमति बनानी होगी — जो दशकों से अनिर्णीत है। तारिक रहमान की ब्रिक्स आउटरीच यात्रा एक औपचारिक अवसर है, द्विपक्षीय सफलता की गारंटी नहीं। यह ध्यान देने योग्य है कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध नाज़ुक दौर से गुज़रे हैं, और 'सकारात्मकता' की अपील उस राजनीतिक ज़मीन को नज़रअंदाज़ करती है जो दोनों देशों में घरेलू स्तर पर इन मुद्दों को संवेदनशील बनाती है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिनेश त्रिवेदी ने भारत-बांग्लादेश संबंधों पर क्या कहा?
बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 9 अगस्त 2026 को ढाका में कहा कि PM तारिक रहमान और PM नरेंद्र मोदी दोनों 'जनता के नेता' हैं और उनकी आपसी बातचीत से दोनों देशों के लंबित मसले सुलझाए जा सकते हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
भारत और बांग्लादेश के बीच कौन से प्रमुख लंबित मुद्दे हैं?
दोनों देशों के बीच तीस्ता जल बंटवारा और गंगा जल संधि का नवीनीकरण सबसे प्रमुख लंबित मुद्दे हैं। ये दोनों मुद्दे वर्षों से अनिर्णीत हैं और द्विपक्षीय संबंधों में संवेदनशील स्थान रखते हैं।
तारिक रहमान को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में क्यों आमंत्रित किया गया है?
भारत ने बांग्लादेश के PM तारिक रहमान को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में बिम्सटेक के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया है। MEA के अनुसार, यह ब्रिक्स आउटरीच बैठकों की सामान्य परंपरा के तहत दिया गया निमंत्रण है।
बिम्सटेक क्या है और इसमें कौन-कौन से देश शामिल हैं?
बिम्सटेक (BIMSTEC) यानी 'बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन' बंगाल की खाड़ी से जुड़े 7 देशों का समूह है। इसमें दक्षिण एशिया के बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और श्रीलंका तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं।
तारिक रहमान को भारत का निमंत्रण कब दिया गया था?
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, तारिक रहमान को फरवरी 2026 में पद संभालने के तुरंत बाद ही भारत आने का औपचारिक निमंत्रण भेज दिया गया था। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का निमंत्रण इससे अलग और अतिरिक्त है।
राष्ट्र प्रेस
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