भारत-बांग्लादेश मसले सुलझाएंगे दोनों PM: उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 9 अगस्त 2026 को ढाका में पत्रकारों से बातचीत में विश्वास जताया कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सीधी बातचीत से दोनों देशों के बीच लंबित द्विपक्षीय मसले सुलझाए जा सकते हैं। उन्होंने इस आशावाद की बुनियाद दोनों नेताओं की जनप्रिय छवि को बताया।
उच्चायुक्त ने क्या कहा
त्रिवेदी ने इंडियन वीजा एप्लिकेशन सेंटर (IVAC) के चिल्ड्रेन प्लेइंग एरिया के उद्घाटन समारोह के दौरान कहा, 'मैंने पीएम तारिक रहमान को कई बार भाषण देते सुना है। हमारे प्रधानमंत्री मोदी की तरह ही वो भी जनता के पीएम हैं। जब दो नेता मिलते हैं तो बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो जाता है। इसको लेकर नकारात्मकता नहीं, सकारात्मकता का होना जरूरी है।' उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि तारिक रहमान की भारत यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलेगी।
पृष्ठभूमि: किन मुद्दों पर है नज़र
यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत और बांग्लादेश दोनों देश अपने संबंधों को नए सिरे से मज़बूत करने की कोशिश में हैं। दोनों देशों के बीच तीस्ता जल बंटवारा और गंगा जल संधि का नवीनीकरण जैसे दीर्घकालिक लंबित मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। गौरतलब है कि तीस्ता जल बंटवारे पर वार्ता वर्षों से अनिर्णीत है और इसे दोनों देशों के संबंधों की सबसे संवेदनशील कड़ी माना जाता है।
ब्रिक्स और बिम्सटेक का संदर्भ
भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। यह निमंत्रण उन्हें बिम्सटेक (BIMSTEC) के वर्तमान अध्यक्ष की हैसियत से दिया गया है। बिम्सटेक — यानी 'बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन' — बंगाल की खाड़ी से जुड़े सात देशों का समूह है, जिसमें दक्षिण एशिया के बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और श्रीलंका तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय की स्थिति
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में नियमित प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि तारिक रहमान को फरवरी 2026 में पद संभालने के तुरंत बाद ही भारत आने का औपचारिक निमंत्रण भेज दिया गया था। जायसवाल ने कहा, 'यह निमंत्रण ब्रिक्स की आउटरीच बैठकों की सामान्य परंपरा के तहत दिया गया है। इसी तरह अन्य क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुखों को भी आमंत्रित किया गया है।' MEA ने बिम्सटेक को दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बताया है।
आगे क्या
तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी को दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में और भी अहम हो जाता है जब क्षेत्रीय स्थिरता और जल-बंटवारे जैसे मुद्दे दोनों देशों की घरेलू राजनीति में भी संवेदनशील बने हुए हैं।