भारत-बांग्लादेश संबंध मजबूत करने पर PM मोदी से मिले उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी, एक दिन पहले तारिक रहमान से की थी मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने की कोशिशों के बीच बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 12 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। यह भेंट उच्चायुक्त त्रिवेदी की ढाका में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से हुई शिष्टाचार भेंट के ठीक एक दिन बाद हुई, जिसे कूटनीतिक हलकों में दोनों देशों के बीच संवाद की पुनर्बहाली के रूप में देखा जा रहा है।
मुलाकात में क्या हुआ
बांग्लादेश स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा, 'उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और भारत-बांग्लादेश के बहुआयामी तथा दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंधों को जनकेंद्रित दृष्टिकोण के साथ रचनात्मक तरीके से और मजबूत बनाने के लिए उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।' यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच कुछ महीनों से कूटनीतिक तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
तारिक रहमान से मुलाकात की पृष्ठभूमि
सोमवार, 11 अगस्त को ढाका में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से हुई भेंट के दौरान उच्चायुक्त त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं पहुँचाईं। उन्होंने बांग्लादेश की सरकार और वहाँ के लोगों के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण से मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, दोनों नेताओं ने साझा हितों के विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
शेख हसीना प्रकरण और भारत का रुख
यह कूटनीतिक सक्रियता उस विवाद की पृष्ठभूमि में हो रही है जो बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नई दिल्ली में पत्रकारों को दिए गए हालिया संबोधन के बाद ढाका में उठी तीखी प्रतिक्रियाओं के कारण पैदा हुआ था। भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि शेख हसीना की उस वर्चुअल मीडिया बातचीत में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी और सरकार उस कार्यक्रम में दिए गए किसी भी बयान — विशेषकर ढाका की वैध रूप से गठित सरकार से जुड़े बयानों — का समर्थन नहीं करती।
विश्लेषकों की राय
विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक दोनों देशों के बीच हालिया कूटनीतिक तनाव के बाद एक 'सकारात्मक बदलाव' का संकेत है। बांग्लादेश के अखबार डेली सन ने लिखा कि भौगोलिक स्थिति, इतिहास, व्यापार, नदियाँ, सुरक्षा और लोगों के बीच गहरे संबंध दोनों पड़ोसी देशों को ऐसे तरीके से जोड़ते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पदभार संभालने के बाद से उच्चायुक्त त्रिवेदी ने संतुलित और संवाद-आधारित रुख अपनाया है, जिसकी दोनों पक्षों में सराहना की जा रही है।
आगे क्या होगा
रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत आने का निमंत्रण दिया गया है, जिसमें सितंबर में नई दिल्ली में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण भी शामिल बताया जा रहा है। यदि यह यात्रा संपन्न होती है, तो यह दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद का एक और महत्वपूर्ण अवसर बन सकती है और द्विपक्षीय संबंधों की पुनर्बहाली को औपचारिक स्वरूप दे सकती है।