17 अगस्त 2026
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तारिक रहमान का भारत दौरा जल्द हो: हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी का आह्वान

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तारिक रहमान का भारत दौरा जल्द हो: हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी का आह्वान

सारांश

बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने ढाका में स्पष्ट संकेत दिया कि PM तारिक रहमान का भारत दौरा जल्द होना चाहिए। उनका कहना है कि जब दो जन नेता आमने-सामने बैठते हैं, तो कोई मुद्दा अनसुलझा नहीं रहता — यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का संकेत है।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में भारतीय हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने 17 अगस्त को ढाका में कहा कि तारिक रहमान का भारत दौरा 'बहुत जल्द होना चाहिए।' त्रिवेदी ने PM तारिक रहमान और PM नरेंद्र मोदी दोनों को जन नेता बताते हुए कहा कि उनकी बैठक से सभी मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं।
हाई कमिश्नर ने स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच चुनौतियाँ हैं, लेकिन इन्हें लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा बताया।
यह बयान आयरलैंड के ऑनरेरी कॉन्सुल मसूद जमील खान द्वारा आयोजित स्वागत डिनर के दौरान दिया गया।
त्रिवेदी ने भारत-बांग्लादेश संबंधों में 'सुनहरे अध्याय' की शुरुआत की उम्मीद जताई।

बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने 17 अगस्त को ढाका में आयोजित एक उच्चस्तरीय डिनर में स्पष्ट कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का भारत दौरा 'बहुत जल्द होना चाहिए।' उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों के बीच मौजूद किसी भी मुद्दे का समाधान उच्च स्तरीय बैठकों और सीधी बातचीत से ही संभव है।

क्या बोले हाई कमिश्नर

त्रिवेदी ने कहा, 'मुद्दों को सिर्फ बैठक और बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है, और मैं इसे लेकर आशान्वित हूं। हमारे दिल काफी करीब हैं और मैं बांग्लादेश-भारत के रिश्तों में एक सुनहरे अध्याय की शुरुआत होते देखना चाहता हूं।' उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश और भारत महज एक सीमा साझा नहीं करते, बल्कि एक साझा सपना साझा करते हैं।

दोनों नेताओं की भूमिका पर जोर

भारतीय दूत ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों को जन नेता बताते हुए कहा कि जब दो ऐसे नेता आमने-सामने बैठकर संवाद करते हैं, तो कोई भी समस्या अनसुलझी नहीं रहती। उनके शब्दों में, 'कोई ऐसा मुद्दा नहीं होता जिस पर संवाद न हो सके और जिसे सुलझाया न जा सके।'

चुनौतियों को स्वीकार किया

त्रिवेदी ने दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों को स्वीकार करते हुए कहा कि चुनौतियाँ लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, 'इसमें कोई शक नहीं कि हमारे सामने कई चुनौतियाँ हैं और यह भी मानिए कि अगर चुनौतियाँ न हों, तो वह लोकतंत्र नहीं है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दे अभी भी विचाराधीन हैं।

किस संदर्भ में हुई यह बैठक

यह बयान ढाका में बांग्लादेश में आयरलैंड के ऑनरेरी कॉन्सुल मसूद जमील खान और उनकी पत्नी केट जारो खान द्वारा आयोजित स्वागत डिनर के दौरान दिया गया। गौरतलब है कि यह आयोजन भारत-बांग्लादेश राजनयिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिशों के बीच हुआ।

आगे क्या

त्रिवेदी के इस बयान को राजनयिक हलकों में भारत की ओर से एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यदि प्रधानमंत्री तारिक रहमान का भारत दौरा वास्तव में जल्द होता है, तो यह दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है — जिसकी उम्मीद खुद हाई कमिश्नर ने जताई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सोचा-समझा राजनयिक संकेत है — भारत स्पष्ट रूप से चाहता है कि तारिक रहमान जल्द नई दिल्ली आएं। यह ऐसे समय में आया है जब सीमा विवाद, व्यापार असंतुलन और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जैसे मुद्दे दोनों देशों के बीच तनाव का कारण बने हुए हैं। 'सुनहरे अध्याय' की बात करना आशावाद है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या कोई ठोस एजेंडा तय होता है या यह दौरा भी केवल प्रतीकात्मक बनकर रह जाता है। राजनयिक उत्साह और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को पाटने के लिए शब्दों से आगे जाना होगा।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिनेश त्रिवेदी ने तारिक रहमान के भारत दौरे के बारे में क्या कहा?
बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने 17 अगस्त को ढाका में कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का भारत दौरा 'बहुत जल्द होना चाहिए।' उन्होंने जोर दिया कि उच्च स्तरीय बातचीत से ही दोनों देशों के बीच के मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं।
भारत और बांग्लादेश के बीच अभी कौन-से प्रमुख मुद्दे हैं?
हाई कमिश्नर त्रिवेदी ने स्वयं स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच कई चुनौतियाँ हैं, हालांकि उन्होंने विशिष्ट मुद्दों का नाम नहीं लिया। सामान्यतः सीमा प्रबंधन, व्यापार और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जैसे विषय द्विपक्षीय एजेंडे पर रहते हैं।
तारिक रहमान और नरेंद्र मोदी की मुलाकात कब हो सकती है?
हाई कमिश्नर त्रिवेदी ने कोई निश्चित तिथि नहीं बताई, लेकिन कहा कि यह दौरा 'बहुत जल्द' होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब दो जन नेता मिलते हैं, तो कोई मुद्दा अनसुलझा नहीं रहता।
यह बयान किस अवसर पर दिया गया?
यह बयान ढाका में आयरलैंड के ऑनरेरी कॉन्सुल मसूद जमील खान और उनकी पत्नी केट जारो खान द्वारा आयोजित स्वागत डिनर के दौरान दिया गया। इस कार्यक्रम में हाई कमिश्नर त्रिवेदी ने भारत-बांग्लादेश संबंधों पर विस्तार से अपने विचार रखे।
भारत-बांग्लादेश संबंधों में 'सुनहरे अध्याय' से त्रिवेदी का क्या मतलब है?
त्रिवेदी ने कहा कि वे चाहते हैं कि दोनों देशों के लोग और पूरी दुनिया भारत-बांग्लादेश के रिश्तों को इज्जत और सम्मान से देखे। उनके अनुसार दोनों देश सिर्फ एक सीमा नहीं, बल्कि एक साझा सपना साझा करते हैं और उच्चस्तरीय संवाद इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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