तारिक रहमान के भारत दौरे की तारीख अभी तय नहीं, बांग्लादेशी विदेश मंत्री का बयान
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर अटकलों पर विराम लगाते हुए बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने 13 अगस्त को स्पष्ट किया कि इस दौरे की कोई तारीख अभी तक निर्धारित नहीं हुई है। मंत्री ने कहा कि यह निर्णय दोनों देशों के लिए उचित समय पर द्विपक्षीय बातचीत के ज़रिए किया जाएगा।
मंत्री का स्पष्टीकरण
बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम अलो के अनुसार, विदेश मंत्रालय में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने कहा, 'प्रधानमंत्री के भारत दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इसे दोनों देशों के लिए सही समय पर फाइनल किया जाएगा। प्रधानमंत्री अभी बांग्लादेश से जुड़े कई मामलों में व्यस्त हैं और किसी भी देश के दौरे के बारे में अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है।'
मंत्री ने यह भी कहा कि जब भी दोनों देशों के नेता मिलते हैं या द्विपक्षीय वार्ता होती है, तो कई लंबित समस्याओं को सुलझाने का अवसर मिलता है।
भारतीय उच्चायुक्त की अहम मुलाकातें
इससे पहले सोमवार को बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की। इस बैठक के बाद भारतीय उच्चायोग ने एक्स पर लिखा कि भारतीय दूत ने बांग्लादेशी सरकार और जनता के साथ 'सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्योन्मुखी' तरीके से काम करने के भारत के इरादे से अवगत कराया।
इसी दिन त्रिवेदी ने बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद से भी अलग से मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया गया।
उच्चायुक्त का संबंध-सुधार पर ज़ोर
बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, दिनेश त्रिवेदी ने कहा, 'हम आगे देख रहे हैं। हमारा निमंत्रण पहले से ही है। हमें यकीन है कि अगर दोनों नेता मिलते हैं, तो बातचीत होगी। लोकतंत्र में दिक्कतें होंगी — लेकिन लोगों का एक ही लक्ष्य है और वह है अच्छे संबंध। अगर अच्छे संबंध हैं तो यह दोनों के लिए जीत की स्थिति है।'
गौरतलब है कि तारिक रहमान के पद संभालने के बाद से भारत-बांग्लादेश संबंधों को नई दिशा देने की उम्मीद जताई जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दे — सीमा प्रबंधन, व्यापार और जल-बँटवारा — लंबे समय से चर्चा में हैं।
आगे की राह
फिलहाल दोनों देशों के बीच राजनयिक संपर्क जारी है और भारत की ओर से निमंत्रण पहले ही दिया जा चुका है। दौरे की तारीख कब तय होगी, यह दोनों सरकारों के बीच आगामी बातचीत पर निर्भर करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उच्चस्तरीय बैठक दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।