आइसलैंड राजदूत होस्कुल्डसन बोले — भारत हमारा सबसे अच्छा दोस्त, TEPA से संबंध और मज़बूत
सारांश
मुख्य बातें
भारत में आइसलैंड के राजदूत बेनेडिक्ट होस्कुल्डसन ने 23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच हुए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के बाद दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध उल्लेखनीय रूप से प्रगाढ़ हुए हैं। होस्कुल्डसन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आइसलैंड भारत को अपना सबसे अच्छा मित्र मानता है और बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देश हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं।
दोस्ती और जन-संपर्क पर ज़ोर
राजदूत ने कहा, आइसलैंड की आबादी 4 लाख से भी कम है, फिर भी यह देश हमेशा एक खुला और गतिशील समाज रहा है। उन्होंने कहा, 'हम लोगों के बीच संपर्क के ज़रिए दोस्ती चाहते हैं, और यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ मेरा दूतावास और अधिक काम कर सकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि जब भी आइसलैंड के नागरिक भारत की यात्रा करते हैं, उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत होता है, जो दोनों देशों की जनता के बीच के स्वाभाविक जुड़ाव को दर्शाता है।
आर्कटिक अनुसंधान में सहयोग की पेशकश
राजदूत होस्कुल्डसन ने स्वालबार्ड (आर्कटिक) में भारत के सक्रिय अनुसंधान की सराहना की और कहा कि आइसलैंड चाहेगा कि दोनों देश आर्कटिक अनुसंधान में मिलकर काम करें। उन्होंने कहा, 'यह सहयोग न केवल आर्कटिक क्षेत्र के लिए, बल्कि भारत के हिमालयी क्षेत्र के लिए भी फ़ायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इन दोनों क्षेत्रों के बीच कई समानताएँ हैं।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जलवायु परिवर्तन के सबसे तीव्र प्रभाव इन्हीं क्षेत्रों में महसूस किए जा रहे हैं और होते रहेंगे।
हिंद-प्रशांत में भारत की केंद्रीय भूमिका
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आइसलैंड की रणनीति में भारत की भूमिका पर पूछे जाने पर होस्कुल्डसन ने कहा कि भारतीय बाज़ार और अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में एशिया में आइसलैंड के जुड़ाव के प्रमुख घटकों में से एक बनने जा रही है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक रूप से जापान आइसलैंड का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री-भोजन बाज़ार रहा है और चीन भी व्यापारिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन अब भारत तेज़ी से इस परिदृश्य में अग्रणी स्थान ले रहा है।
यूरोपीय संघ सदस्यता और ग्रीनलैंड पर रुख
राजदूत ने स्पष्ट किया कि आइसलैंड ने यूरोपीय संघ (EU) की सदस्यता के लिए बातचीत फिर से शुरू न करने का निर्णय लिया है। तथापि, आइसलैंड यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र (EEA) समझौते, EU के आंतरिक बाज़ार और यूरोपीय श्रम बाज़ार का हिस्सा बना हुआ है। उन्होंने डेनमार्क और अमेरिका के बीच हुए उस समझौते का स्वागत किया जो वाशिंगटन को ग्रीनलैंड में अतिरिक्त सैन्य अड्डे स्थापित करने की अनुमति देता है, और ग्रीनलैंड के लोगों के प्रति आइसलैंड के समर्थन की पुष्टि की।
प्रधानमंत्री मोदी की विकास यात्रा पर टिप्पणी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनकी यात्रा के मूल्यांकन पर राजदूत ने कहा, 'भारत के आकार के किसी देश को इतनी तेज़ी से विकास और सकारात्मक आर्थिक वृद्धि करते हुए मैंने पहले कभी नहीं देखा।' उन्होंने कहा कि भारत का महत्व अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति, दोनों मोर्चों पर बढ़ रहा है और इसका सकारात्मक मूल्यांकन ही एकमात्र उचित दृष्टिकोण है। आने वाले समय में TEPA के क्रियान्वयन और आर्कटिक शोध सहयोग की दिशा में दोनों देशों के बीच संवाद और तेज़ होने की उम्मीद है।