एसआईआर के खिलाफ सीजेपी का संघर्ष जारी रहेगा: अभिजीत दिपके का कोच्चि में ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 7 नवंबर को कोच्चि में आयोजित 'जंतर-मंतर' विरोध प्रदर्शन में स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरुद्ध उनका अभियान तब तक नहीं थमेगा, जब तक देश में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली स्थापित नहीं हो जाती। इस प्रदर्शन में सैकड़ों कार्यकर्ता, नागरिक अधिकार समर्थक और आम नागरिक शामिल हुए।
मुख्य घटनाक्रम
कोच्चि हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए दिपके ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध यह अभियान तब तक चलता रहेगा, जब तक निष्पक्ष चुनावी ढाँचा सुनिश्चित नहीं किया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन से निपटने के केंद्र सरकार के तरीके से उसकी 'कायरता' उजागर होती है।
विरोध प्रदर्शन में अभिनेता प्रकाश राज भी शामिल हुए, जिससे इस आयोजन को व्यापक सार्वजनिक ध्यान मिला।
एसआईआर पर आरोप
दिपके ने कथित तौर पर दावा किया कि पूरे देश में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं और एसआईआर प्रक्रिया से कोई भी राज्य अछूता नहीं है। उनका आरोप है कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में होने वाले चुनावों पर भरोसा नहीं किया जा सकता और एक राजनीतिक दल को फायदा पहुँचाने के लिए इनमें हेरफेर की जा रही है। ये गंभीर आरोप हैं जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
उन्होंने केरल के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किए जाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसी नियुक्तियाँ चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता पर संदेह पैदा करती हैं।
सरकार के आरोपों पर पलटवार
दिपके ने बताया कि सरकार ने सीजेपी पर विदेशी चंदा लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कारण जेल जा चुके हैं और देश में जहाँ भी जाएँगे, तिरंगा अपने साथ ले जाएँगे।
सीजेपी कार्यकर्ताओं को 'अराजकतावादी' कहे जाने को खारिज करते हुए उन्होंने दावा किया कि वे वास्तव में 'अंबेडकरवादी' हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पिछले तीन महीनों में 50 से अधिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं।
राजनीतिक भविष्यवाणी
दिपके ने भविष्यवाणी की कि 2029 के चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सत्ता से बाहर हो जाएगा और यह बदलाव लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से आएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने में एकजुट दिख रहे हैं।
आगे की राह
गौरतलब है कि एसआईआर को लेकर विवाद देशभर में फैल रहा है और विभिन्न नागरिक समाज संगठन इसके विरुद्ध आवाज़ उठा रहे हैं। सीजेपी के अनुसार, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अन्य शहरों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएँगे।