4 अक्टूबर 2026
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मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोप: कांग्रेस नेता डॉ. अजय कुमार ने चुनाव आयोग की IT महानिदेशक के खिलाफ जमशेदपुर में दर्ज कराई FIR

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मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोप: कांग्रेस नेता डॉ. अजय कुमार ने चुनाव आयोग की IT महानिदेशक के खिलाफ जमशेदपुर में दर्ज कराई FIR

सारांश

कांग्रेस नेता डॉ. अजय कुमार ने जमशेदपुर में चुनाव आयोग की IT महानिदेशक के खिलाफ शिकायत दर्ज की — आरोप है कि आंकड़ों के केंद्रीकरण से लाखों वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। TCS की कथित भूमिका भी जांच के दायरे में माँगी गई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद डॉ.
अजय कुमार ने 4 अक्टूबर 2026 को जमशेदपुर के गोलमुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत चुनाव आयोग की IT महानिदेशक डॉ.
सीमा खन्ना के खिलाफ — आरोप है कि मतदाता सूची से लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए।
निजी कंपनी टीसीएस (TCS) की चुनावी तकनीकी व्यवस्था में कथित भूमिका की भी जांच की माँग।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई; पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
निर्वाचन आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अब तक नहीं आई है।

कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद डॉ. अजय कुमार ने 4 अक्टूबर 2026 को जमशेदपुर के गोलमुरी थाने में भारत निर्वाचन आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी महानिदेशक डॉ. सीमा खन्ना के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन पर आरोप है कि चुनावी आंकड़ों के केंद्रीकरण की आड़ में मतदाता सूची से कथित तौर पर लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। डॉ. कुमार ने पूरे मामले की विस्तृत जांच और उचित कानूनी कार्रवाई की माँग की है।

मुख्य आरोप और शिकायत का आधार

डॉ. अजय कुमार का आरोप है कि चुनावी नेटवर्क और मतदाता पंजीकरण नेटवर्क के ज़रिये आंकड़ों को केंद्रीय स्तर पर एकत्रित और नियंत्रित किया जा रहा है। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया में निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर कार्यरत निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) की वैधानिक भूमिका और स्वतंत्र शक्तियाँ कमज़ोर हो रही हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरी तकनीकी व्यवस्था में निजी कंपनी टीसीएस (TCS) की कथित भूमिका है, जिसकी जांच होनी चाहिए। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों — मसलन मतदाता सूची से हटाए गए नामों की संख्या और टीसीएस की कथित संलिप्तता — की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही इन दावों की सच्चाई सामने आ सकेगी।

मतदाता अधिकार पर उठाया सवाल

डॉ. कुमार ने अपनी शिकायत में ज़ोर देकर कहा कि किसी भी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से अनुचित तरीके से हटना उसके मतदान के संवैधानिक अधिकार का सीधा उल्लंघन है। उनके अनुसार, मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए।

यह ऐसे समय में आया है जब देश में निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस तेज़ है। गौरतलब है कि मतदाता सूची में अनियमितता के आरोप अलग-अलग राज्यों में विभिन्न दलों द्वारा पहले भी उठाए जाते रहे हैं।

सोशल मीडिया के ज़रिये जानकारी साझा

डॉ. अजय कुमार ने अपनी शिकायत की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की और चुनावी आंकड़ों के प्रबंधन से जुड़े कई सवाल जनता के सामने रखे। उन्होंने स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका, मतदाता सूची में कथित बदलाव और संबंधित तकनीकी व्यवस्था की स्वतंत्र जांच की माँग दोहराई।

आगे क्या होगा

गोलमुरी थाने की पुलिस शिकायत की जांच करेगी और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। डॉ. कुमार ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर आगे भी आवाज़ उठाते रहेंगे। निर्वाचन आयोग या डॉ. सीमा खन्ना की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें उठाया गया केंद्रीय सवाल — कि क्या मतदाता पंजीकरण से जुड़ी तकनीकी प्रणाली में स्थानीय अधिकारियों की स्वायत्तता सिकुड़ रही है — इसे महज़ आरोप-प्रत्यारोप से परे ले जाता है। निर्वाचन आयोग की डिजिटल प्रणाली में निजी कंपनियों की भूमिका पर पारदर्शिता पहले भी माँगी जाती रही है, और यह मुद्दा विपक्ष तक सीमित नहीं है। जब तक पुलिस जांच में ठोस तथ्य सामने नहीं आते, आरोपों को सिद्ध नहीं माना जा सकता — लेकिन इन्हें सिरे से खारिज करना भी लोकतंत्र की जवाबदेही के लिए उचित नहीं होगा।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. अजय कुमार ने किसके खिलाफ और क्यों शिकायत दर्ज कराई?
कांग्रेस नेता डॉ. अजय कुमार ने चुनाव आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी महानिदेशक डॉ. सीमा खन्ना के खिलाफ जमशेदपुर के गोलमुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि चुनावी आंकड़ों के केंद्रीकरण से मतदाता सूची से लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
इस शिकायत में TCS का नाम क्यों आया है?
डॉ. कुमार ने आरोप लगाया है कि निजी कंपनी टीसीएस (TCS) चुनावी और मतदाता पंजीकरण डेटा की तकनीकी व्यवस्था में शामिल है, और उसकी इस कथित भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
क्या यह साबित हो गया है कि मतदाता सूची से नाम गलत तरीके से हटाए गए?
नहीं। शिकायत में लगाए गए आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मतदाता सूची में किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं।
चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर क्या कहा?
अब तक निर्वाचन आयोग या डॉ. सीमा खन्ना की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है। पुलिस जांच जारी रहने तक आयोग का पक्ष सामने आना बाकी है।
इस मामले का मतदाताओं पर क्या असर पड़ सकता है?
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह उन मतदाताओं के संवैधानिक अधिकार का हनन होगा जिनके नाम सूची से हटाए गए। डॉ. कुमार का तर्क है कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव है।
राष्ट्र प्रेस
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