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हैदराबाद मतदाता सूची विवाद: भाजपा का आरोप — कांग्रेस-एआईएमआईएम ने उत्तर भारतीयों के नाम हटाए

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हैदराबाद मतदाता सूची विवाद: भाजपा का आरोप — कांग्रेस-एआईएमआईएम ने उत्तर भारतीयों के नाम हटाए

सारांश

भाजपा तेलंगाना का बड़ा आरोप — कांग्रेस और एआईएमआईएम ने मिलकर हैदराबाद की मतदाता सूची से उत्तर भारतीय और हिंदी भाषी मतदाताओं के नाम हटाए। राज्य अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शिकायत सौंपी और बीएलओ के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

भाजपा तेलंगाना ने 7 जुलाई को हैदराबाद की मतदाता सूची से उत्तर भारतीय मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया।
रामचंद्र राव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को औपचारिक शिकायत सौंपी।
भाजपा का आरोप — कांग्रेस और एआईएमआईएम ने मिलकर बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) का दुरुपयोग किया।
माँग की गई कि चुनाव प्रपत्र तेलुगु के साथ-साथ अंग्रेजी में भी उपलब्ध कराए जाएँ।
कथित अवैध प्रवासियों — रोहिंग्या और बांग्लादेशी — के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए गहन सत्यापन की माँग की गई।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई ने 7 जुलाई को गंभीर आरोप लगाया कि हैदराबाद की मतदाता सूचियों से उत्तर भारतीय और हिंदी भाषी मतदाताओं के नाम व्यवस्थित तरीके से हटाए जा रहे हैं। पार्टी ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को औपचारिक शिकायत सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है।

मुख्य आरोप और शिकायत

भाजपा ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने मिलकर हिंदी भाषी निवासियों और उत्तर भारतीय मूल के लोगों के नाम मतदाता सूचियों से हटाने की साजिश रची है। पार्टी के अनुसार, यह कार्रवाई लक्षित और सुनियोजित है।

भाजपा तेलंगाना के राज्य अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को सीईओ कार्यालय में जाकर यह शिकायत दर्ज कराई और हैदराबाद में बसे प्रवासी समुदायों के मताधिकार की रक्षा की माँग की।

बीएलओ के दुरुपयोग का आरोप

सीईओ से मुलाकात के बाद राव ने कहा कि राज्य सरकार बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) का दुरुपयोग कर विशिष्ट समुदायों को मताधिकार से वंचित करने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, चुनाव तंत्र प्रभावी रूप से राज्य सरकार के नियंत्रण में काम कर रहा है।

राव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार और एआईएमआईएम उत्तर भारतीय मतदाताओं को भाजपा समर्थक मानते हुए उनके नाम सूची से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीएलओ को उन इलाकों में जाने से सक्रिय रूप से रोका जा रहा है जहाँ ये समुदाय रहते हैं।

भाषायी बाधाओं पर चिंता

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने गैर-तेलुगु भाषी निवासियों की व्यावहारिक कठिनाइयों को भी उजागर किया। राव ने माँग की कि बीएलओ बिना किसी अपवाद के हर घर में जाएँ। साथ ही उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान में केवल तेलुगु भाषा में उपलब्ध सभी चुनाव प्रपत्र अंग्रेजी में भी मुद्रित किए जाएँ, ताकि नागरिक उन दस्तावेजों को समझ सकें जिन पर वे हस्ताक्षर कर रहे हैं।

अवैध प्रवासियों पर सत्यापन की माँग

प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकीय चिंताओं का भी हवाला दिया। राव के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि हैदराबाद में रोहिंग्या और बांग्लादेशी शिविरों में रहने वाले कथित अवैध प्रवासियों की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूचियों से हटाए जाएँ।

आगे क्या होगा

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब तेलंगाना में राजनीतिक तनाव पहले से ऊँचा है और मतदाता सूची की शुद्धता एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है। अब सबकी नज़रें मुख्य निर्वाचन अधिकारी की प्रतिक्रिया और भाजपा की शिकायत पर की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अभी तक ये केवल एकतरफा दावे हैं — न तो चुनाव आयोग ने पुष्टि की है, न ही कांग्रेस या एआईएमआईएम ने औपचारिक जवाब दिया है। मतदाता सूची की शुद्धता एक वैध लोकतांत्रिक चिंता है, लेकिन इसे चुनावी ध्रुवीकरण के औजार के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। असली सवाल यह है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी स्वतंत्र जाँच करेंगे या यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहेगा। बीएलओ के दुरुपयोग का दावा, अगर सही साबित हुआ, तो यह चुनावी प्रशासन की गंभीर विफलता होगी।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने हैदराबाद मतदाता सूची को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा तेलंगाना ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस और एआईएमआईएम ने मिलकर हैदराबाद की मतदाता सूचियों से उत्तर भारतीय और हिंदी भाषी मतदाताओं के नाम व्यवस्थित तरीके से हटाए हैं। पार्टी का कहना है कि बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) का दुरुपयोग कर इन समुदायों को मताधिकार से वंचित किया जा रहा है।
भाजपा ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
राज्य अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने 7 जुलाई को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को औपचारिक शिकायत सौंपी और तत्काल हस्तक्षेप की माँग की। पार्टी ने बीएलओ को हर घर में भेजने और चुनाव प्रपत्रों को अंग्रेजी में भी उपलब्ध कराने की माँग की।
चुनाव प्रपत्रों को लेकर भाजपा की क्या माँग है?
भाजपा ने माँग की है कि हैदराबाद में वर्तमान में केवल तेलुगु में उपलब्ध सभी चुनाव प्रपत्र अंग्रेजी में भी मुद्रित किए जाएँ। पार्टी का तर्क है कि गैर-तेलुगु भाषी नागरिक उन दस्तावेजों को नहीं समझ पाते जिन पर वे हस्ताक्षर करते हैं।
क्या अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में होने की भी चिंता जताई गई है?
हाँ, भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से आग्रह किया कि हैदराबाद में कथित रोहिंग्या और बांग्लादेशी शिविरों में रहने वाले अवैध प्रवासियों की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएँ। यह माँग राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकीय चिंताओं के संदर्भ में की गई है।
इस विवाद में कांग्रेस और एआईएमआईएम की क्या भूमिका बताई गई है?
भाजपा के अनुसार, कांग्रेस और एआईएमआईएम उत्तर भारतीय मतदाताओं को भाजपा समर्थक मानते हुए उनके नाम सूची से हटाना चाहते हैं। हालाँकि, ये आरोप अभी तक भाजपा की ओर से एकतरफा हैं और न तो कांग्रेस, न एआईएमआईएम और न ही चुनाव आयोग ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है।
राष्ट्र प्रेस
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