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तेलंगाना SIR: मंत्री अजहरुद्दीन की मतदाताओं से अपील — दस्तावेज़ तैयार रखें, नाम न कटने दें

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तेलंगाना SIR: मंत्री अजहरुद्दीन की मतदाताओं से अपील — दस्तावेज़ तैयार रखें, नाम न कटने दें

सारांश

तेलंगाना में SIR के दौरान मंत्री अजहरुद्दीन ने अल्पसंख्यक मतदाताओं को सचेत किया — पश्चिम बंगाल, असम और बिहार जैसे राज्यों में हुई नाम-कटौती का हवाला देते हुए। गांधी भवन में 200 से अधिक अभ्यावेदन सुने गए और 50 शिकायतों का तत्काल निपटारा किया गया।

मुख्य बातें

तेलंगाना के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 17 जून को SIR के दौरान मतदाताओं से सतर्क रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और बिहार में SIR के दौरान अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम बड़ी संख्या में हटाए गए।
गांधी भवन में 200 से अधिक अभ्यावेदन प्राप्त हुए; जिला कलेक्टर से संपर्क के बाद 50 शिकायतों का तत्काल समाधान हुआ।
यह बैठक TPCC के कार्यक्रम 'प्रजालथो मुखमुखी' के तहत हुई, जो 2024 में शुरू किया गया था।
मंत्री ने BRS नेताओं पर निराधार आलोचना का आरोप लगाया।

तेलंगाना के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन ने बुधवार, 17 जून को राज्य में जारी विशेष गहन संशोधन (SIR) के बीच नागरिकों से सतर्क रहने और सभी आवश्यक दस्तावेज़ समय पर जमा करने की अपील की, ताकि उनके नाम मतदाता सूची से न हटाए जाएँ। हैदराबाद स्थित कांग्रेस मुख्यालय गांधी भवन में 200 से अधिक अभ्यावेदन सुनने के बाद उन्होंने यह बात मीडिया से कही।

अन्य राज्यों से सबक

मंत्री अजहरुद्दीन ने चेताया कि पश्चिम बंगाल, असम और बिहार में SIR प्रक्रिया के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए थे। उनके अनुसार, उन राज्यों में इस प्रक्रिया ने 'भारी नुकसान' पहुँचाया। तेलंगाना में ऐसी स्थिति न आए, इसके लिए कांग्रेस पार्टी सक्रिय रूप से काम कर रही है।

गांधी भवन में शिकायत निवारण

अजहरुद्दीन ने बताया कि उन्हें बुधवार को 200 से अधिक अभ्यावेदन प्राप्त हुए, जिनमें लोग अपनी समस्याएँ और मतदाता सूची से जुड़ी चिंताएँ लेकर आए। उन्होंने दावा किया कि जिला कलेक्टर से तत्काल संपर्क करने के बाद 50 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। यह बैठक तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ द्वारा 2024 में शुरू किए गए कार्यक्रम 'प्रजालथो मुखमुखी' (आमने-सामने) के तहत आयोजित की गई थी।

सरकार की प्राथमिकताएँ

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और मंत्री अजहरुद्दीन ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे तेलंगाना के विकास के लिए निरंतर मेहनत कर रहे हैं और कांग्रेस सरकार का ध्यान गरीबों के कल्याण पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि राज्य के मंत्री हर सप्ताह गांधी भवन में जनता से मिलते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करते हैं।

विपक्ष पर पलटवार

मंत्री ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेताओं पर आरोप लगाया कि वे विपक्ष में रहते हुए निराधार आलोचना कर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि BRS नेताओं की आलोचना तथ्यों पर आधारित नहीं, बल्कि राजनीति से प्रेरित है।

नागरिकों के लिए ज़रूरी कदम

अजहरुद्दीन ने सभी मतदाताओं — विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों — से आग्रह किया कि वे SIR प्रक्रिया के दौरान आवश्यक पहचान दस्तावेज़ तैयार रखें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित अधिकारियों को जमा करें। कांग्रेस पार्टी के स्तर पर भी इस प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। आने वाले हफ्तों में SIR की प्रगति और मतदाता सूची के अंतिम आँकड़े यह तय करेंगे कि तेलंगाना में इस बार कितने वास्तविक मतदाताओं के नाम सुरक्षित रह पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस सरकार ने राज्य स्तर पर कोई ठोस निगरानी तंत्र बनाया है या यह केवल प्रतिक्रियात्मक राजनीति है। पश्चिम बंगाल और असम के उदाहरण वास्तविक हैं, परंतु तेलंगाना की जमीनी स्थिति अलग है — यहाँ कांग्रेस खुद सत्ता में है और चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सीधा असर डालने की स्थिति में है। यह देखना ज़रूरी होगा कि 'प्रजालथो मुखमुखी' जैसे कार्यक्रम केवल शिकायत-संग्रह तक सीमित रहते हैं या वास्तव में मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित कर पाते हैं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में विशेष गहन संशोधन (SIR) क्या है?
SIR यानी विशेष गहन संशोधन एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची की समीक्षा की जाती है — फर्जी, दोहरे या अपात्र नामों को हटाया जाता है और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाता है। तेलंगाना में यह प्रक्रिया जून 2025 में जारी है।
मंत्री अजहरुद्दीन ने मतदाताओं को क्यों सतर्क रहने को कहा?
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और बिहार में SIR के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हट गए थे। उनका आग्रह है कि तेलंगाना के मतदाता सभी आवश्यक दस्तावेज़ समय पर जमा करें।
गांधी भवन में कितने अभ्यावेदन मिले और कितनी शिकायतें सुलझीं?
17 जून को मंत्री अजहरुद्दीन को 200 से अधिक अभ्यावेदन प्राप्त हुए। उन्होंने दावा किया कि जिला कलेक्टर से बात करने के तुरंत बाद 50 शिकायतों का समाधान कर दिया गया।
'प्रजालथो मुखमुखी' कार्यक्रम क्या है?
यह TPCC अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ द्वारा 2024 में शुरू किया गया कार्यक्रम है, जिसके तहत तेलंगाना के मंत्री हर सप्ताह गांधी भवन में जनता से सीधे मिलते हैं और उनकी शिकायतें सुनकर समाधान करते हैं।
BRS के बारे में मंत्री ने क्या कहा?
अजहरुद्दीन ने आरोप लगाया कि भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता विपक्ष में रहते हुए निराधार आलोचना कर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार यह आलोचना तथ्यों पर नहीं, बल्कि राजनीतिक मंशा पर आधारित है।
राष्ट्र प्रेस
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