तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने SIR में दलित-अल्पसंख्यक वोट बचाने की कांग्रेस रणनीति बनाई
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 29 मई 2026 को हैदराबाद स्थित गांधी भवन में कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की बैठक में एक विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत की, जिसका उद्देश्य आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान दलितों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और प्रवासी श्रमिकों जैसे कमज़ोर वर्गों के मतदाताओं को सूची से बाहर होने से बचाना है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह पुनरीक्षण अगले महीने तेलंगाना में शुरू होने वाला है।
मुख्यमंत्री की चेतावनी और मुख्य चिंताएँ
बैठक में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट रूप से कहा कि SIR लाम्बाडा, आदिवासी और प्रवासी श्रमिकों के लिए एक बड़ी समस्या बन सकता है। उन्होंने कहा, "कई विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग अन्य स्थानों पर पलायन कर चुके हैं। SIR में दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के वोट छूटने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।" यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग (ECI) का मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान राज्य की राजनीतिक तस्वीर को प्रभावित कर सकता है।
संगठनात्मक ढाँचा: 119 सीटों पर SIR प्रभारी
मुख्यमंत्री ने पार्टी नेतृत्व को निर्देश दिया कि तेलंगाना के सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों और 17 लोकसभा क्षेत्रों के लिए अलग-अलग SIR प्रभारी नियुक्त किए जाएँ। इन प्रभारियों को नियमित रूप से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करना होगा। उन्होंने कहा, "जब प्रभारी व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन करें, तो हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि एक भी वोट रद्द न हो।"
इसके अतिरिक्त, हैदराबाद शहर की सीमा के भीतर आने वाले 15 निर्वाचन क्षेत्रों में विधानसभा क्षेत्र-आधारित SIR बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए। राज्यसभा सदस्यों और विधान परिषद सदस्यों को हैदराबाद क्षेत्र में विशिष्ट ज़िम्मेदारियाँ सौंपी जाएँगी।
महिला कांग्रेस और प्रभारी मंत्रियों की भूमिका
रेवंत रेड्डी ने महिला कांग्रेस को क्लस्टर-वार SIR बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया। प्रभारी मंत्रियों से कहा गया कि वे प्रत्येक 10 दिनों में एक पूरा दिन विशेष रूप से पार्टी गतिविधियों के लिए समर्पित करें और जमीनी स्तर पर जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से संवाद करें। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि वे स्वयं हर 10 दिन में ग्राम स्तर के कांग्रेस पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे और महीने में तीन दिन पूरी तरह कांग्रेस पदाधिकारियों के लिए समर्पित करेंगे।
पूर्व नेताओं का अनुभव और समन्वय की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्षों की सलाह और सुझावों को शामिल करने का आह्वान किया। गौरतलब है कि कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता SIR की प्रक्रिया को पहले से बेहतर समझ रहे हैं, जिसे मुख्यमंत्री ने एक सकारात्मक संकेत बताया। रेवंत रेड्डी ने सभी कांग्रेस नेताओं से समन्वय की भावना के साथ आगे बढ़ने की अपील की, ताकि पलायन कर चुके मतदाताओं के वोट सुरक्षित रहें।
आगे की राह
SIR का तेलंगाना में क्रियान्वयन अगले महीने शुरू होने की संभावना है। कांग्रेस की यह तैयारी यह दर्शाती है कि पार्टी मतदाता सूची पुनरीक्षण को एक राजनीतिक और सामाजिक चुनौती दोनों रूपों में देख रही है। आने वाले हफ्तों में SIR प्रभारियों की नियुक्ति और जमीनी बैठकों की शुरुआत से स्पष्ट होगा कि यह कार्य योजना कितनी प्रभावी साबित होती है।