तेलंगाना कांग्रेस का मुख्य निर्वाचन अधिकारी से आग्रह: एसआईआर में जल्दबाजी न करें, डेढ़ साल में पूरी हो प्रक्रिया
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने शुक्रवार, 15 मई को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी से मुलाकात कर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को जल्दबाजी में न कराने का आग्रह किया। गौड़ ने पश्चिम बंगाल में हुए सरकार परिवर्तन के लिए एसआईआर को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि तेलंगाना में इस प्रक्रिया को निष्पक्ष और तटस्थ तरीके से संचालित किया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल और ज्ञापन
महेश कुमार गौड़ के नेतृत्व में TPCC नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में मंत्री पोन्नम प्रभाकर, सांसद अनिल कुमार यादव और चमाला किरण कुमार रेड्डी शामिल थे। ज्ञापन में कहा गया कि कई राज्यों में चुनावों से ठीक पहले एसआईआर लापरवाही से कराए जाने के कारण नागरिकों में भ्रम, चिंता और अविश्वास की स्थिति पैदा हुई।
मुख्य माँगें और सुझाव
गौड़ ने मीडिया को बताया कि तेलंगाना में अगले दो वर्षों तक कोई चुनाव निर्धारित नहीं है, इसलिए एसआईआर में जल्दबाजी की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि यह प्रक्रिया अगले डेढ़ साल में पूरी की जाए। TPCC ने माँग की कि एसआईआर के तहत जारी किसी भी नोटिस का जवाब देने की अवधि बढ़ाकर तीन महीने की जाए। साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि बूथ स्तर के अधिकारी सत्यापन के लिए प्रत्येक घर में तीन से चार बार जाएं।
जनगणना और एसआईआर का टकराव
गौड़ ने यह भी ध्यान दिलाया कि फिलहाल देश में जनगणना की प्रक्रिया चल रही है। उनके अनुसार, यदि जनगणना के साथ-साथ एसआईआर भी कराया जाता है, तो सरकारी कर्मचारियों पर दोहरा दबाव पड़ेगा, जिससे दोनों प्रक्रियाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब निर्वाचन आयोग देशभर में मतदाता सूची को अद्यतन करने की कवायद में लगा है।
पश्चिम बंगाल का संदर्भ और राजनीतिक निहितार्थ
कांग्रेस अध्यक्ष गौड़ ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में जो पार्टी चुनाव जीतने की स्थिति में थी, उसे एसआईआर के कारण हार का सामना करना पड़ा। हालाँकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई विशेष आँकड़े या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए। TPCC ने स्पष्ट किया कि वह प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रही, बल्कि इसे पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से कराने की माँग कर रही है। गौरतलब है कि एसआईआर को लेकर देश के कई राज्यों में विपक्षी दलों की आपत्तियाँ सामने आ चुकी हैं।