क्या टीडीपी संसदीय दल के नेता आंध्र प्रदेश में एसआईआर की मांग कर रहे हैं?
सारांश
Key Takeaways
- चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को बढ़ाया है।
- टीडीपी ने इसकी मांग की है।
- आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची की सटीकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
- 12 राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया लागू की गई है।
- मतदाता सूची का मसौदा 16 दिसंबर को प्रकाशित होगा।
अमरावती, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। तेदेपा संसदीय दल के नेता लवु श्रीकृष्ण देवरायलु ने रविवार को कहा कि चुनाव आयोग को आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करना चाहिए।
तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेता ने बताया कि उनकी पार्टी विभिन्न राज्यों में चुनाव आयोग द्वारा किए गए एसआईआर का स्वागत करती है।
उन्होंने दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए यह बात कही।
भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने संसद के सुचारू संचालन के लिए सभी पार्टियों से सहयोग मांगा है।
विपक्षी पार्टियों ने सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान एसआईआर से संबंधित चिंताओं पर बहस की मांग की है।
एनडीए की सहयोगी टीडीपी ने मीटिंग के दौरान कई मुद्दे उठाए, जिसमें आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच कृष्णा नदी के पानी के बंटवारे पर बहस की मांग शामिल थी।
श्रीकृष्ण देवरायलु ने जल जीवन मिशन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने संसद में बहस की मांग की ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जल जीवन योजना को कैसे लागू किया जाएगा और आंध्र प्रदेश को क्या लाभ मिल सकते हैं।
टीडीपी नेता ने एसआईआर पर अपनी पार्टी के विचार विपक्षी पार्टियों की चिंताओं पर बहस को लेकर व्यक्त किए।
चुनाव आयोग ने रविवार को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची में अपने नामों की पुष्टि सुनिश्चित करने के लिए एसआईआर प्रक्रिया को एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया। इस कदम का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूचियों की सटीकता और समग्रता को बढ़ाना है।
एसआईआर को अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में शुरू किया गया है। चुनाव आयोग ने गणना की अवधि 11 दिसंबर तक बढ़ा दी है। मतदाता सूची का मसौदा 16 दिसंबर को प्रकाशित किया जाएगा, जबकि दावे और आपत्तियां 16 दिसंबर से 15 जनवरी, 2026 तक दर्ज की जा सकती हैं।