कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, आईटी और मेटल में बिकवाली का असर

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कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, आईटी और मेटल में बिकवाली का असर

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण गिरावट दिखाई है। सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी कमी आई है। आईटी और मेटल शेयरों में बिकवाली का प्रमुख असर दिखाई दे रहा है। जानें और अधिक विवरण इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है।
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी कमी आई है।
आईटी और मेटल सेक्टर में बिकवाली का प्रभाव है।
वैश्विक बाजारों की कमजोरी का असर देखने को मिल रहा है।
विदेशी निवेशकों ने बिकवाली जारी रखी है।

मुंबई, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक संकेतों में कमी के कारण भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को नकारात्मक रुख के साथ शुरुआत की। सेंसेक्स 590.20 अंक या 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,444.22 पर और निफ्टी 176.65 अंक या 0.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,462.50 पर खुला।

प्रारंभिक व्यापार में गिरावट का मुख्य कारण आईटी और मेटल शेयर रहे। निफ्टी आईटी और निफ्टी मेटल सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले रहे। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पीएसयू बैंक, रियल्टी, सर्विसेज, डिफेंस और इन्फ्रा जैसे अन्य सूचकांक भी लाल निशान में थे।

हालांकि, एनर्जी इंडेक्स ने हरे निशान में प्रदर्शन किया।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट आई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 181 अंक या 1.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 16,123 पर था, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 519 अंक या 0.92 प्रतिशत की कमी के साथ 55,734 पर था।

सेंसेक्स पैक में पावर ग्रिड, आईटीसी, एचयूएल, एनटीपीसी और सन फार्म ने लाभ दर्ज किया। दूसरी ओर, टाटा स्टील, एलएंडटी, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, एचसीएल, इन्फोसिस और टाइटन नुकसान में रहे।

ज्यादातर एशियाई बाजारों में भी गिरावट का दौर जारी है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता सभी लाल निशान में रहे। अमेरिकी बाजार ने गुरुवार के कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के साथ समापन किया, जिसमें डाओ जोन्स में 1.56 प्रतिशत और नैस्डैक में 1.78 प्रतिशत की कमी आई।

भारत के साथ वैश्विक बाजारों में कमजोरी के पीछे अमेरिका और इजरायल-ईरान युद्ध का जारी रहना एक प्रमुख कारण है। इस युद्ध का लंबा खिंचाव आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर सकता है और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी आ सकती है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय बाजारों में बिकवाली जारी रखी और गुरुवार को 7,049.87 करोड़ रुपए की इक्विटी निकाली। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 7,449.77 करोड़ रुपए का निवेश किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वैश्विक बाजारों की कमजोरी और आईटी तथा मेटल क्षेत्रों में बिकवाली के कारण उत्पन्न हुई है। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और बाजार की चाल पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण कमजोर वैश्विक संकेत और आईटी तथा मेटल शेयरों में बिकवाली है।
क्या सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट आई है?
हाँ, सेंसेक्स 590.20 अंक और निफ्टी 176.65 अंक की गिरावट के साथ खुले।
क्या सभी क्षेत्रों में गिरावट आई है?
जी हाँ, आईटी और मेटल के अलावा अन्य क्षेत्रों जैसे ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, और रियल्टी में भी गिरावट देखी गई है।
विदेशी निवेशकों का क्या रुख है?
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय बाजारों में बिकवाली जारी रखी है।
क्या भारतीय बाजारों की गिरावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ेगा?
हाँ, इस गिरावट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, विशेषकर अमेरिका और इजरायल-ईरान युद्ध के चलते।
राष्ट्र प्रेस
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