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क्या कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण शेयर बाजार लाल निशान में खुला?

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क्या कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण शेयर बाजार लाल निशान में खुला?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते लाल निशान में शुरुआत की है। देखिए, किस प्रकार इस गिरावट ने निवेशकों को प्रभावित किया है।

मुख्य बातें

शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक संकेत हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में खुले।
रियल्टी और ऑटो शेयर में दबाव बना है।
कमोडिटी सेगमेंट में मजबूती बनी हुई है।
निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

मुंबई, 15 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में शुरुआत की। सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 233 अंक या 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,034 पर और निफ्टी 84 अंक या 0.36 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 29,960 पर था।

प्रारंभिक सत्र में बाजार पर दबाव बनाने वाले सबसे बड़े कारक रियल्टी और ऑटो शेयर रहे। खबर लिखे जाने तक निफ्टी ऑटो 0.85 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 0.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। इसके अतिरिक्त, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल, मेटल, एनर्जी, कमोडिटी और सर्विसेज भी लाल निशान में थे।

मिडकैप और स्मॉलकैप में मिश्रित कारोबार देखने को मिल रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 214.85 अंक या 0.36 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 60,067 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 12 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 17,381 पर था।

सेंसेक्स पैक में एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, एचयूएल और एलएंडटी जैसे शेयर लाभ में रहे। वहीं, एमएंडएम, ट्रेंट, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी, इटरनल (जोमैटो), बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएलटेक, सनफार्मा, बजाज फाइनेंस और टाइटन नुकसान में रहे।

बाजार का रुख नकारात्मक बना हुआ है और बढ़ने वाले शेयरों की तुलना में गिरने वालों की संख्या अधिक है।

वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी का रुख देखा जा रहा है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और सोल लाल निशान में थे, जबकि जकार्ता और बैंकॉक भी इसी स्थिति में थे। अमेरिकी शेयर बाजार भी शुक्रवार को लाल निशान में बंद हुए थे।

इसके अलावा, कमोडिटी सेगमेंट में कारोबारी गतिविधियाँ मजबूत बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 57.57 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.56 प्रतिशत की मजबूती के साथ 61.46 डॉलर प्रति बैरल पर था। इसके अतिरिक्त, सोना 0.72 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,359 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62.86 डॉलर प्रति औंस पर थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि आज का बाजार वैश्विक परिस्थितियों से प्रभावित हो रहा है। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि गिरावट का यह दौर आगे भी जारी रह सकता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शेयर बाजार में गिरावट का कारण क्या है?
शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण कमजोर वैश्विक संकेत हैं।
क्या निवेशकों को चिंता करनी चाहिए?
हां, निवेशकों को वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहना चाहिए।
कमोडिटी बाजार का क्या हाल है?
कमोडिटी बाजार में स्थिति मजबूत बनी हुई है, खासकर तेल और धातुओं में।
राष्ट्र प्रेस
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