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क्या कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला है, सेंसेक्स 150 अंक नीचे?

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क्या कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला है, सेंसेक्स 150 अंक नीचे?

सारांश

कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का माहौल है। क्या यह बाजार स्थिरता की ओर बढ़ेगा या और गिरावट देखेगा? जानें ताजा हालात और विशेषज्ञों की राय।

मुख्य बातें

कमजोर वैश्विक संकेतों का बाजार पर दबाव।
निफ्टी के लिए 25,350-25,400 का स्तर महत्वपूर्ण है।
बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना।
निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह।
फंड फ्लो का प्रभाव बाजार पर।

मुंबई, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते, बुधवार को सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन, भारतीय शेयर बाजार पिछली बंदी से गिरावट के साथ सपाट खुला। इस दौरान निफ्टी के अधिकांश इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड करते हुए दिखाई दिए।

शुरुआती कारोबार में, जब यह रिपोर्ट लिखी जा रही थी (सुबह 9.22 बजे), 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 167.99 अंक या 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,012.48 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी में 24.35 अंक या 0.10 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 25,208.15 पर था।

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.36 प्रतिशत की गिरावट आई, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.47 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टरवार विश्लेषण करते हुए, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.8 प्रतिशत की मामूली वृद्धि देखी गई, इसके बाद निफ्टी मेटल इंडेक्स (0.3 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (0.2 प्रतिशत) और निफ्टी एफएमसीजी (0.16 प्रतिशत) में भी वृद्धि दर्ज की गई।

हालांकि, दूसरी ओर, निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत की गिरावट आई।

सेंसेक्स पैक में, आईसीआईसीआई बैंक, बीईएल, एचसीएल टेक, ट्रेंट, इंफोसिस, एल एंड टी और टीसीएस के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखी गई, जबकि इटरनल, इंडिगो, सन फार्मा, पावरग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, एचयूएल और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में तेजी आई।

मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि मंगलवार को आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा फिलहाल कमजोर बना हुआ है। बढ़ते उतार-चढ़ाव के बीच बाजार को पास के स्तरों पर मजबूत सहारा नहीं मिल पा रहा है।

तकनीकी दृष्टिकोण से, निफ्टी के लिए अब 25,350 से 25,400 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस है। यदि इंडेक्स इस दायरे के नीचे बना रहता है, तो तेजी की कोशिशें सीमित रह सकती हैं। वहीं, नीचे की तरफ 25,050-25,100 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह सपोर्ट टूटता है, तो निफ्टी में और गिरावट आ सकती है और यह 24,900-24,800 तक फिसल सकता है।

एक्सपर्ट ने बताया कि निवेशकों की धारणा पर फंड फ्लो का लगातार असर बना हुआ है। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) कुछ हद तक खरीदारी कर गिरावट को थामने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, इंडिया वीआईएक्स में वृद्धि देखी गई है, जो यह संकेत करती है कि बाजार में आगे भी ज्यादा उतार-चढ़ाव रह सकता है।

इसलिए, ट्रेडर्स के लिए आवश्यक है कि वे सतर्क रहें और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान दें। निवेशक प्रमुख सपोर्ट स्तरों के आसपास बाजार में स्थिरता आने का इंतजार करने के बाद ही नया निवेश करने पर विचार करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

वर्तमान समय में भारतीय शेयर बाजार की स्थिति चिंताजनक है। वैश्विक संकेतों का प्रभाव और निवेशकों का विश्वास गिरता जा रहा है। ऐसे में, सभी को सतर्क रहकर बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखना चाहिए।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का कारण क्या है?
कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा बिकवाली के कारण बाजार में गिरावट आई है।
क्या निफ्टी में और गिरावट हो सकती है?
यदि प्रमुख सपोर्ट स्तर 25,050-25,100 टूटता है, तो निफ्टी में और गिरावट संभव है।
क्या निवेशकों को नए निवेश पर विचार करना चाहिए?
निवेशकों को बाजार में स्थिरता आने का इंतजार करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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