महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु एसबीआई ने 500 मिलियन डॉलर का सामाजिक ऋण शुरू किया

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महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु एसबीआई ने 500 मिलियन डॉलर का सामाजिक ऋण शुरू किया

सारांश

एसबीआई ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 500 मिलियन डॉलर का एक सामाजिक ऋण लॉन्च किया है। यह कदम सामाजिक प्रभाव को तेज करने और लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जो सतत विकास लक्ष्य 5 को आगे बढ़ाने में सहायक होगा।

Key Takeaways

  • एसबीआई ने 500 मिलियन डॉलर का सामाजिक ऋण शुरू किया है।
  • यह लोन महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए है।
  • बैंक ने सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
  • यह पहल लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करेगी।
  • यह पहला बड़ा सोशल लोन ट्रांजैक्शन है।

नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के शीर्ष सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने शनिवार को 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,597 करोड़ रुपए) की 'सिंडिकेटेड सोशल टर्म लोन फैसिलिटी' का ऐलान किया है। यह लोन विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है।

बैंक के अनुसार, इस लोन में ग्रीनशू विकल्प भी शामिल है, और इसे वैश्विक ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस) फाइनेंसिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

एसबीआई ने बताया कि इस पहल का लक्ष्य सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देना, लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करना और महिलाओं के बीच मौजूद असमानता को कम करने वाली पहलों का समर्थन करना है।

यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) 5 – 'लैंगिक समानता हासिल करना और सभी महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाना' – को आगे बढ़ाने में सहायक होगी।

एसबीआई के चेयरमैन सीएस सेटी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में इस ऐतिहासिक सोशल लोन की घोषणा करना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह कदम सतत विकास के लिए महिला सशक्तिकरण के प्रति बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं होती, बल्कि सकारात्मक सामाजिक बदलाव लाने, महिलाओं को सशक्त बनाने और सभी के लिए समावेशी समाज बनाने से होती है।

यह एसबीआई का पहला बड़ा सोशल लोन ट्रांजैक्शन है और इसे वैश्विक स्तर पर महिलाओं से संबंधित सबसे बड़ा लोन माना जा रहा है। इससे सतत वित्त के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका भी स्पष्ट होती है।

बैंक के अनुसार, इस लोन के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में लैंगिक समानता और समावेशी आर्थिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों और परियोजनाओं को समर्थन दिया जाएगा।

इस ट्रांजैक्शन में एमयूएफजी ने ओरिजिनल मैंडेटेड लीड अरेंजर, अंडरराइटर और बुक रनर के साथ-साथ एकमात्र सोशल लोन कोऑर्डिनेटर की भूमिका निभाई है।

शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर एसबीआई का शेयर 1,139.80 रुपए पर बंद हुआ, जो 2.5 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।

एसबीआई देश के सबसे बड़े होम लोन देने वाले बैंकों में से एक है और अब तक लगभग 30 लाख भारतीय परिवारों के घर खरीदने के सपने पूरे करने में मदद कर चुका है। इतना ही नहीं, बैंक का होम लोन पोर्टफोलियो 9 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो चुका है।

31 दिसंबर 2025 तक एसबीआई के पास 57 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का डिपॉजिट बेस था, जबकि सीएएसए अनुपात 39.13 प्रतिशत और कुल अग्रिम (लोन) 46.8 लाख करोड़ रुपए से अधिक था।

Point of View

बल्कि यह वैश्विक ईएसजी फाइनेंसिंग में भी एक मील का पत्थर है। इसे सही दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है, जो सामाजिक प्रभाव को बढ़ाएगा और लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करेगा।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

एसबीआई ने यह लोन क्यों शुरू किया?
यह लोन विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है।
इस लोन की राशि कितनी है?
इसकी राशि 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,597 करोड़ रुपए) है।
क्या यह लोन केवल महिलाओं के लिए है?
यह लोन महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए है, लेकिन इसके तहत विभिन्न कार्यक्रमों और परियोजनाओं को समर्थन दिया जाएगा।
सोशल लोन का क्या महत्व है?
सोशल लोन का उद्देश्य सामाजिक प्रभाव को तेज करना और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है।
इस पहल का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य सामाजिक असमानता को कम करना और महिलाओं के बीच सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
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