क्या बाजार के विकास के साथ फाइनेंशियल लिटरेसी भी जरूरी है: तुहिन कांत पांडे?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बाजार के विकास के साथ फाइनेंशियल लिटरेसी भी जरूरी है: तुहिन कांत पांडे?

सारांश

भारत के डिजिटल फाइनेंशियल लैंडस्केप में फाइनेंशियल लिटरेसी की आवश्यकता को उजागर करते हुए, सेबी के चेयरमैन ने निवेशकों को शिक्षित करने के लिए नई पहलों की जानकारी दी। क्या आप जानते हैं कि केवल 36% निवेशकों को ही प्रतिभूति बाजारों का ज्ञान है?

मुख्य बातें

फाइनेंशियल लिटरेसी आवश्यक है निवेशकों की सुरक्षा के लिए।
सेबी द्वारा कई पहलों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जा रही है।
62% निवेशक सलाह के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं।
पुडुचेरी का इन्वेस्टर बेस 5.6 गुना बढ़ा है।
साक्षरता और आर्थिक आत्मविश्वास में सीधा संबंध है।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल फाइनेंशियल लैंडस्केप में फाइनेंशियल लिटरेसी और इन्वेस्टर प्रोटेक्शन की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर प्रोटेक्शन को बढ़ावा देने के लिए, सेबी एक मल्टीलिंग्वल, मल्टीमीडिया अभियान का विस्तार करता रहेगा, जो कि सेबी वर्सेज स्कैम पहलों पर आधारित होगा। साथ ही, सेबी अपने नए स्टेट-लेवल ऑफिस का उपयोग करके निवेशकों को शिक्षित करने का कार्य करेगा।

पुडुचेरी में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) द्वारा आयोजित एक रीजनल इन्वेस्टर अवेयरनेस सेमिनार को संबोधित करते हुए पांडे ने बताया कि वित्तीय विकल्प रोज़मर्रा की ज़िंदगी में शामिल होते जा रहे हैं।

उन्होंने फाइनेंशियल लिटरेसी को सशक्तीकरण का आधार बताया और कहा, "यह व्यक्तियों को लगातार बढ़ते डिजिटल और इंटरकनेक्टेड फाइनेंशियल इकोसिस्टम को नेविगेट करते हुए उनकी मेहनत की कमाई को बचाने, निवेश करने और सुरक्षित रखने की समझ प्रदान करता है।"

सेबी के इन्वेस्टर सर्वे 2025 का हवाला देते हुए पांडे ने कहा कि केवल 36 प्रतिशत निवेशकों को प्रतिभूति बाजारों का मध्यम या उच्च ज्ञान है, जबकि 62 प्रतिशत निवेशक सलाह के लिए दोस्तों, परिवार या सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं।

उन्होंने कहा, "ये निष्कर्ष इस बात पर ज़ोर देते हैं कि जागरूकता और समझ में अंतर है और बिना जानकारी के भागीदारी व्यक्ति के लिए जोखिम पैदा कर देती है। जागरूकता और कार्रवाई के बीच का अंतर और भागीदारी और समझ के बीच का अंतर इस बात पर जोर देता है कि बाजार के विकास के साथ-साथ फाइनेंशियल लिटरेसी भी आवश्यक है।"

पांडे ने कहा कि पुडुचेरी का इन्वेस्टर बेस 5.6 गुना बढ़ गया है, जो वित्त वर्ष 2014-15 के 22,000 निवेशकों से बढ़कर अब लगभग 1.24 लाख हो गया है, जिसे उच्च प्रति व्यक्ति आय और 85 प्रतिशत से अधिक साक्षरता दर का समर्थन प्राप्त है।

उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश की जनसंख्या फाइनेंशियल उत्पादों के साथ आत्मविश्वास से जुड़ने के लिए अच्छी स्थिति में है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फाइनेंशियल लिटरेसी क्या है?
फाइनेंशियल लिटरेसी का तात्पर्य है वित्तीय ज्ञान और समझ होना, जिससे व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई को सही तरीके से निवेश, बचत और प्रबंधित कर सके।
इन्वेस्टर प्रोटेक्शन का क्या मतलब है?
इन्वेस्टर प्रोटेक्शन का मतलब है निवेशकों के हितों की सुरक्षा करना, जिससे वे धोखाधड़ी और वित्तीय जोखिमों से बच सकें।
सेबी का क्या कार्य है?
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) का कार्य है प्रतिभूति बाजारों का नियमन और निवेशकों के हितों की सुरक्षा करना।
क्यों आवश्यक है फाइनेंशियल लिटरेसी?
फाइनेंशियल लिटरेसी आवश्यक है ताकि लोग सही जानकारी के आधार पर निवेश कर सकें और अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत बना सकें।
पुडुचेरी में निवेशकों की संख्या में वृद्धि क्यों हुई है?
पुडुचेरी में निवेशकों की संख्या में वृद्धि उच्च प्रति व्यक्ति आय और साक्षरता दर के चलते हुई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले