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क्या भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण गिरावट में खुला?

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क्या भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण गिरावट में खुला?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का कारण कमजोर वैश्विक संकेत हैं। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में कमी आई है। जानिए, कौन से सेक्टर प्रभावित हुए हैं और क्या स्थिति बनी हुई है।

मुख्य बातें

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का कारण वैश्विक संकेत हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में कमी आई है।
आईटी और पीएसयू बैंक प्रमुख रूप से प्रभावित हुए हैं।
कमोडिटी मार्केट भी गिरावट में है।
अर्थव्यवस्था की स्थिति पर नजर रखना आवश्यक है।

मुंबई, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कमजोर वैश्विक संकेतों के प्रभाव से भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को गिरावट के साथ शुरुआत की। सुबह 9:23 बजे, सेंसेक्स में 306 अंक या 0.36 प्रतिशत की कमी आई, जो कि 84,907 पर था, वहीं निफ्टी 92 अंक या 0.40 प्रतिशत की कमी के साथ 25,924 पर रहा।

प्रारंभिक कारोबार में आईटी, पीएसयू बैंक, और फार्मा इंडेक्स ने गिरावट की अगुवाई की। इसके अतिरिक्त, ऑटो, रियल्टी, मेटल, एनर्जी, मीडिया और इन्फ्रा भी लाल निशान में दिखाई दिए। केवल एफएमसीजी और डिफेंस इंडेक्स में बढ़त देखी गई।

सेंसेक्स में भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, टाटा मोटर पैसेंजर व्हीकल, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और टाइटन में बढ़त थी। वहीं, एक्सिस बैंक, इटरनल (जोमैटो), एचसीएलटेक, इन्फोसिस, बीईएल, टाटा स्टील, एलएंडटी, सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी और आईसीआईसीआई बैंक में गिरावट देखी गई।

व्यापक बाजार में भी कमजोरी का संकेत है, जहाँ चढ़ने वाले शेयरों की तुलना में गिरने वाले शेयरों की संख्या अधिक रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों भी लाल निशान में थे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 338 अंक या 0.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,879 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 115 अंक या 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,310 पर रहा।

ज्यादातर एशियाई बाजारों में भी गिरावट का माहौल था। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता सभी लाल निशान में थे। अमेरिकी बाजार भी सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

कमोडिटी मार्केट में भी कमजोरी का असर देखा जा रहा था। कच्चे तेल के साथ-साथ सोने और चांदी में भी गिरावट आई। खबर लिखे जाने तक, डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.60 प्रतिशत की कमी के साथ 56.33 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.58 प्रतिशत की कमी के साथ 60.21 डॉलर प्रति बैरल पर था। सोना 0.46 प्रतिशत की कमी के साथ 4,315 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.30 प्रतिशत की कमी के साथ 62.76 डॉलर प्रति औंस पर था।

संपादकीय दृष्टिकोण

वर्तमान समय में भारतीय शेयर बाजार की स्थिति चिंताजनक है। वैश्विक आर्थिक संकेतों का प्रभाव स्पष्ट है और हमें सावधानी से आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय शेयर बाजार क्यों गिर रहा है?
भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण गिरावट का सामना कर रहा है।
सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट आई?
सेंसेक्स में 306 अंक और निफ्टी में 92 अंक की गिरावट आई है।
कौन से सेक्टर प्रभावित हुए हैं?
आईटी, पीएसयू बैंक, और फार्मा इंडेक्स पर गिरावट का असर पड़ा है।
कमोडिटी मार्केट की स्थिति क्या है?
कमोडिटी मार्केट में भी कमजोरी देखी जा रही है, खासकर कच्चे तेल, सोने, और चांदी में।
क्या आगे बाजार में सुधार की उम्मीद है?
बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है, लेकिन वैश्विक संकेतों का ध्यान रखना आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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