ईद के अवसर पर बिहार में भाईचारा और शांति की बात बोले मंत्री रामकृपाल यादव
सारांश
Key Takeaways
- ईद पर भाईचारे की अहमियत
- रामकृपाल यादव का बयान
- नीतीश कुमार की चिंताओं का उल्लेख
- राजनीतिक घटनाओं पर प्रतिक्रिया
- शांति और भाईचारे का संदेश
पटना, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने ईद के आगमन से पहले एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भाईचारा बिहार की पहचान है, जो इसकी सभ्यता और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ईद के मौके पर बिहार में सब कुछ ठीक रहेगा।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए रामकृपाल यादव ने कहा, "ईद एक अत्यंत पवित्र पर्व है। रमज़ान के तीस दिनों के दौरान लोग दिनभर भूखे रहते हैं और पानी भी नहीं पीते, और अब यह समाप्ति की ओर है। मुझे विश्वास है कि सरकार भाईचारा बनाए रखने के लिए सजग है, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बात की हमेशा चिंता करते हैं कि कहीं कोई अप्रिय घटना न हो।"
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के शासनकाल में कभी भी किसी के पर्व में दखल नहीं दिया गया। सभी ने भाईचारा और मोहब्बत को बनाए रखने का प्रयास किया है। यह भाईचारा बिहार को तरक्की के शिखर तक ले जा रहा है। हम ईद ही नहीं, बल्कि होली और दीवाली भी मनाते हैं; यही बिहार की पहचान है।
तेल और गैस आपूर्ति के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का बुरा असर हो रहा है। यह देश मानवता को दरकिनार कर एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। भारतप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर शांति बहाली के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद कांग्रेस के आरोपों पर रामकृपाल यादव ने कहा, "फारूक अब्दुल्ला न केवल जम्मू-कश्मीर के, बल्कि देश के एक बड़े नेता हैं। उन पर हुआ हमला चिंताजनक है। मल्लिकार्जुन खड़गे को इस तरह की घटनाओं पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। सभी को इस हमले की निंदा करनी चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा कि फारूक अब्दुल्ला पर हमला एक गंभीर गलती है। ऐसा करने वाले तत्वों को सजा मिलनी चाहिए। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इस पर सभी नेताओं को विचार करना चाहिए।