ईद का त्योहार: एकता और भाईचारे का प्रतीक - अशोक चौधरी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईद का त्योहार: एकता और भाईचारे का प्रतीक - अशोक चौधरी

सारांश

बिहार में ईद-उल-फितर का त्योहार भाईचारे और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मंत्री अशोक चौधरी ने इस पर्व को एकता का प्रतीक बताया, जबकि लोग खुशी और एकजुटता के साथ नमाज अदा कर रहे हैं।

मुख्य बातें

ईद-उल-फितर का त्योहार भाईचारे का प्रतीक है।
गांधी मैदान में हजारों लोगों ने नमाज अदा की।
मंत्री अशोक चौधरी ने एकता और सम्मान का महत्व बताया।
निशांत कुमार ने सभी को ईद की शुभकामनाएं दी।
छात्रों ने खुशी के साथ इस पर्व को मनाया।

पटना, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में ईद-उल-फितर का त्योहार उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। गांधी मैदान में हजारों लोगों ने एकत्रित होकर नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और जदयू नेता निशांत कुमार भी उपस्थित रहे।

मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, "जैसे हम होली और दीपावली जैसे त्योहार मनाते हैं, उसी प्रकार हमें ईद और बकरीद भी मनाना चाहिए। हमें अपने धर्म के साथ-साथ दूसरों के धर्मों का भी सम्मान करना चाहिए।" उन्होंने इस पर्व को आपसी सौहार्द और एकता का प्रतीक बताया।

अशोक चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने 20 वर्षों तक बिहार का नेतृत्व किया है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रही है।" उन्होंने एक किस्सा साझा किया कि जब वे मुख्यमंत्री के साथ पंजाब के लुधियाना में गए थे, तो वहां गुरुद्वारे में लोगों ने नीतीश कुमार के प्रति गहरा सम्मान दिखाया।

निशांत कुमार ने अपने और अपने पिता, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से देशवासियों और बिहार के लोगों को ईद की बधाई दी। उन्होंने कहा, "मैं अपने पिता की ओर से भी सभी को ईद की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।"

गांधी मैदान से आई तस्वीरों में बड़ी संख्या में लोग नमाज के लिए पहुँचते नजर आए। चारों ओर खुशी, उत्साह और भाईचारे का माहौल था।

एक छात्र ने इस खास मौके पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, "मैं देश के सभी लोगों को ईद की बधाई देता हूं। यह दिन भाईचारे, प्रेम और सद्भाव फैलाने का दिन है। मैंने यहाँ नमाज अदा की और अब हॉस्टल में अपने दोस्तों के साथ छोटी-सी खुशियों का जश्न मना रहा हूं।"

मदरसा शम्सुल होदा के प्रिंसिपल डॉ. मशहूद आलम नदवी ने बताया, "ईद मुसलमानों का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है, जो रमजान के पवित्र महीने के बाद मनाया जाता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में एकता और भाईचारे की भावना को भी प्रोत्साहित करता है। बिहार में ईद-उल-फितर का उत्सव इस बात का प्रमाण है कि विभिन्न धर्मों के लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशी मना सकते हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईद-उल-फितर किस त्योहार को मनाता है?
ईद-उल-फितर रमजान के पवित्र महीने के बाद मनाया जाने वाला त्योहार है।
ईद पर लोग क्या करते हैं?
ईद पर लोग नमाज अदा करते हैं, एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हैं और मिठाइयाँ बांटते हैं।
ईद का महत्व क्या है?
ईद का महत्व भाईचारे, प्रेम और सद्भाव फैलाने में है। यह एकता का प्रतीक है।
अशोक चौधरी ने ईद पर क्या कहा?
अशोक चौधरी ने कहा कि हमें ईद और बकरीद को भी उतना ही सम्मान देना चाहिए जितना हम होली और दीपावली को देते हैं।
ईद का त्योहार कब मनाया जाता है?
ईद का त्योहार हर साल रमजान के समाप्त होने पर मनाया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले