बिहार के मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने ईद-उल-फितर पर दी शुभकामनाएं
सारांश
Key Takeaways
- ईद-उल-फितर भाईचारे और प्रेम का पर्व है।
- मुख्यमंत्री ने शांति और सद्भावना का संदेश दिया।
- राज्यपाल ने भी सभी को बधाई दी।
- यह पर्व हमें करुणा और उदारता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
- सामाजिक एकता बनाए रखना आवश्यक है।
पटना, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में ईद-उल-फितर के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सभी प्रदेशवासियों और देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। दोनों नेताओं ने इस खास पर्व को प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक मानते हुए इसे शांति और उल्लास के साथ मनाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ईद-उल-फितर के इस अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों, विशेषकर मुस्लिम समुदाय को मुबारकबाद देते हुए कहा कि पवित्र रमजान के महीने में रोजेदारों द्वारा की गई इबादत से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे प्रदेश और देश में शांति एवं समृद्धि का वातावरण बनेगा।
उन्होंने कहा कि ईद का दिन ‘ईनाम का दिन’ होता है, जब खुदा अपने नेक बंदों को अपनी रहमतों से नवाजते हैं। उन्होंने दुआ की कि सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे तथा समाज में अमन-चैन और भाईचारा कायम रहे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक विविधताओं वाला महान देश है, जहाँ विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग आपसी प्रेम और सहिष्णुता से रहते हैं। यह परंपरा देश और समाज को मजबूत बनाती है।
वहीं, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने भी सभी बिहारवासियों और देशवासियों को ईद-उल-फितर की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति पर मनाया जाने वाला यह त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भावना का संदेश देता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पर्व हमें करुणा, उदारता, कृतज्ञता और आत्मसंयम जैसे जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है। राज्यपाल ने लोगों से अपील की कि वे इस त्योहार को शांति, सौहार्द और हर्षोल्लास के साथ मनाएं और यह पावन पर्व सभी के जीवन में खुशियां और समृद्धि लेकर आए।
दोनों नेताओं के संदेशों में सामाजिक एकता, धार्मिक सौहार्द और पारस्परिक सम्मान को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।