बिहार दिवस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का प्रेरणादायक संदेश
सारांश
Key Takeaways
- बिहार दिवस: बिहार के गठन का प्रतीक।
- नीतीश कुमार का संदेश: एकता और भाईचारे का महत्व।
- समृद्ध बिहार का संकल्प: सभी का सहयोग आवश्यक।
- कार्यक्रम: 'उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार' थीम।
- महिला नाट्य उत्सव: आधी आबादी की रचनात्मकता को दर्शाता है।
पटना, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार दिवस के अवसर पर राज्य और देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है और वर्तमान में हम अपने निश्चय से बिहार का गौरवमयी भविष्य बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहारवासी आपसी एकता, भाईचारा, सामाजिक समरसता और सद्भाव को बनाए रखकर बिहार के गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
सीएम नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी बिहारवासियों से सहयोग की अपील की। बिहार दिवस हर वर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है, जो बिहार राज्य के गठन का प्रतीक है। 22 मार्च 1912 को, बंगाल प्रांत के बिहार और उड़ीसा डिवीजनों को अलग करके ब्रिटिश भारत में बिहार और उड़ीसा प्रांत का निर्माण किया गया था।
बिहार दिवस के अवसर पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। 'उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार' थीम के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग ने महिला एवं बाल विकास निगम को नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया है।
गांधी मैदान में होने वाले इस कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न इकाइयों द्वारा उनकी योजनाओं, उपलब्धियों और सेवाओं के प्रदर्शन के लिए थीम-आधारित पवेलियन और स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से आम जनता को राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही, विभाग के पवेलियन में राज्य की पारंपरिक कलाओं, जैसे लहठी और सुजनी का प्रदर्शन किया जाएगा। महिला उद्यमियों के उत्पादों के प्रदर्शन-सह-विपणन के लिए भी पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा, जीविका पवेलियन भी लगाया जाएगा। 22 से 26 मार्च तक प्रेमचंद रंगशाला में आयोजित 'महिला नाट्य उत्सव' हमारी आधी आबादी की रचनात्मक शक्ति और उनके संघर्षों की कहानियों को समर्पित होगा।