बिहार में मुख्यमंत्री आवास पर रमजान का दावत-ए-इफ्तार, बड़ी संख्या में लोगों ने किया भाग

Click to start listening
बिहार में मुख्यमंत्री आवास पर रमजान का दावत-ए-इफ्तार, बड़ी संख्या में लोगों ने किया भाग

सारांश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रमजान के मौके पर दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में रोजेदार और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। आयोजन में सामूहिक दुआ का भी महत्व रहा।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इफ्तार का आयोजन हर साल होता है।
  • दावत-ए-इफ्तार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
  • सामूहिक दुआ का आयोजन किया गया।
  • अल्पसंख्यकों के कल्याण के प्रति मुख्यमंत्री का संकल्प स्पष्ट है।
  • राजनीतिक दलों के बीच सहयोग का संकेत।

पटना, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास के 'नेक संवाद' में पवित्र रमजान के अवसर पर रोजेदारों को दावत-ए-इफ्तार पर आमंत्रित किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रोजेदारों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

इफ्तार से पहले, मित्तन घाट के सज्जादानशीं हजरत सैयद शाह शमीमउद्दीन अहमद मुनअमी ने रमजान और रोजे की महत्वता पर विस्तार से चर्चा की और सामूहिक दुआ की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य आमंत्रित अतिथियों ने सामूहिक दुआ में भाग लेकर राज्य की तरक्की, आपसी भाईचारे और मोहब्बत के लिए खुदा-ए-ताला से दुआ मांगी।

मुख्यमंत्री ने आगंतुकों और रोजेदारों का स्वागत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, मंत्री विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, दिलीप जायसवाल, सुनील कुमार, और अन्य कई मंत्रीगण, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सहित कई विधायक और अन्य जनप्रतिनिधिगण शामिल हुए।

इस मौके पर मंत्री विजय चौधरी ने कहा, "मुख्यमंत्री हर साल इफ्तार का आयोजन करते आए हैं। इस साल भी उन्होंने इसका आयोजन किया है। यह एक सकारात्मक बात है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अल्पसंख्यकों के प्रति भावना और संकल्प सभी जानते हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि राजनीति केवल भावनाओं से नहीं चलती। राजनीति की अपनी गति होती है। इसे भावनाओं से नहीं जोड़ना चाहिए। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को जदयू द्वारा भी दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया था। इससे पहले हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) द्वारा भी इफ्तार का आयोजन किया गया था।

Point of View

जो वर्तमान में आवश्यक है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

दावत-ए-इफ्तार का आयोजन क्यों किया गया?
दावत-ए-इफ्तार का आयोजन रमजान के पवित्र महीने के अवसर पर किया गया है ताकि रोजेदारों को एक साथ इफ्तार करने का मौका मिले।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण, विधायक, और कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अल्पसंख्यकों के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अल्पसंख्यकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण है और उन्होंने हमेशा उनके कल्याण के लिए प्रयास किया है।
क्या अन्य राजनीतिक दलों ने भी इफ्तार का आयोजन किया?
हाँ, जदयू के अलावा, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और लोक जनशक्ति पार्टी ने भी इफ्तार का आयोजन किया।
इस आयोजन का महत्व क्या है?
यह आयोजन आपसी भाईचारे, एकता और सामूहिकता का प्रतीक है, जो समाज में सामंजस्य लाने में मददगार होता है।
Nation Press