बिहार में मांझी के आवास पर इफ्तार पार्टी, एनडीए नेताओं ने सांस्कृतिक एकता का किया जिक्र
सारांश
Key Takeaways
- इफ्तार पार्टी में एनडीए नेताओं ने सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।
- गंगा-जमुनी तहजीब की महत्वता पर जोर दिया गया।
- राजनीतिक सहयोग और सम्मान को बढ़ावा मिला।
पटना, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के नेता जीतन राम मांझी के पटना स्थित निवास पर गुरुवार को दावत-ए-इफ्तार का आयोजन हुआ, जिसमें बिहार के कई प्रमुख राजनीतिक चेहरे शामिल हुए।
इस दौरान बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मांझी हमारे माननीय नेता हैं। उन्होंने हमें इफ्तार में आमंत्रित किया है। हम सबने मिल-जुलकर इस इफ्तार पार्टी का आनंद लिया। यह बिहार की सुंदरता को दर्शाता है। आज नवरात्रि का पहला दिन भी है, इसलिए सभी को शुभकामनाएँ। रमजान का पालन कर रहे लोगों को भी बधाई। यह गंगा-जमुनी तहजीब की संस्कृति है, जो भाईचारे और एकता का प्रतीक है। यही कारण है कि हमारा राष्ट्र मजबूत है।"
मंत्री संजय कुमार सिंह ने इफ्तार पार्टी को एनडीए के गठबंधन की मजबूती का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, "एनडीए के सभी घटक दल एक-दूसरे को इसी बहाने आमंत्रित करते हैं और सबका मिलना-जुलना होता है। सभी एक-दूसरे को शुभकामनाएँ भी देते हैं। इस प्रकार की इफ्तार पार्टी एक बहाना है, यह एनडीए के गठबंधन की बात है और सभी एकजुटता से रहते हैं। दूसरी ओर, महागठबंधन में कोई होली मिलन समारोह या इफ्तार पार्टी नहीं हुई। यही कारण है कि हमने राज्यसभा की सभी पाँच सीटें जीती हैं, जबकि महागठबंधन में मतभेद के कारण उनके विधायकों ने अपने वोट नहीं दिए।"
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "मुझे अत्यधिक खुशी हो रही है कि हम जीतन राम मांझी के आवास पर इफ्तार पार्टी के लिए आए हैं। यह हर वर्ष आयोजित होता है और इस बार मुझे भी निमंत्रण मिला था। मैं यहाँ आकर बहुत प्रसन्न हूँ। मैं सभी रोजेदारों को बधाई देना चाहता हूँ।"
यह इफ्तार पार्टी बिहार की राजनीति में एनडीए की एकजुटता को दर्शाती है। इफ्तार में शामिल नेताओं ने कहा कि राज्य में रमजान और नवरात्रि के पर्व एक साथ आने से सांस्कृतिक सद्भाव का संदेश और भी मजबूत हुआ है। मांझी के आवास पर यह आयोजन राजनीतिक नेताओं के बीच आपसी सम्मान और सहयोग का प्रतीक बन गया।