तेलुगू राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों ने ईद-उल-फितर पर मुसलमानों को दी बधाई

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तेलुगू राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों ने ईद-उल-फितर पर मुसलमानों को दी बधाई

सारांश

तेलुगू राज्यों के नेताओं ने ईद-उल-फितर के अवसर पर मुसलमानों को बधाई दी है। गवर्नर और मुख्यमंत्री ने रमजान के महत्व और सांप्रदायिक सद्भाव पर जोर दिया। जानिए उनके संदेश में क्या खास था!

मुख्य बातें

ईद-उल-फितर रमजान के समापन का प्रतीक है।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश दिया।
रमजान के दौरान दान और उपवास का महत्व है।
तेलंगाना को 'गंगा-जमुनी तहजीब' का प्रतीक बताया गया।
ईद सभी के लिए प्यार और खुशियों का त्योहार है।

हैदराबाद, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दोनों तेलुगू राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों ने ईद-उल-फितर के अवसर पर मुसलमानों को बधाई दी है।

रमजान के महीने का अंत दर्शाने वाला ईद का त्योहार, शनिवार को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मनाया जाएगा।

तेलंगाना के गवर्नर शिव प्रताप शुक्ला ने ईद के मौके पर मुसलमानों को बधाई दी। उन्होंने कहा, "जैसे ही रमजान का पवित्र महीना समाप्त हो रहा है, मैं ईद-उल-फितर के इस खुशहाल अवसर पर मुस्लिम समुदाय को दिल से शुभकामनाएं देता हूं। मैं पवित्र कुरान की शिक्षाओं और उनके सामाजिक प्रभाव के प्रति अपना सम्मान प्रकट करता हूं। मेरी प्रार्थनाएं सभी के साथ हैं, मैं दुनिया में भलाई, समृद्धि और शांति की कामना करता हूं।"

उन्होंने आगे कहा, "रमजान आत्म-अनुशासन और आध्यात्मिक चिंतन का समय है, जो हमें गरिमा और धार्मिक शिक्षाओं के पालन के लिए प्रेरित करता है। ईद-उल-फितर आशीर्वादों का उत्सव है, प्यार फैलाने का समय है, और एक उज्जवल भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाने का अवसर है। सभी को ईद की खुशियों भरी शुभकामनाएं। ईद मुबारक।"

मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भी ईद-उल-फितर पर मुसलमानों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुस्लिम भाई-बहन इस त्योहार को अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ हर्षोल्लास के साथ मनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रमजान धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि रमजान के पवित्र महीने में मुसलमानों द्वारा रखे गए कठोर रोजे और दान का कार्य मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। तेलंगाना को 'गंगा-जमुनी तहजीब' का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मुस्लिम अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कामना की कि तेलंगाना और समृद्ध हो और अल्लाह से प्रार्थना की कि वह लोगों को सद्भाव, खुशी और शांति के साथ रहने का आशीर्वाद दे।

आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस अब्दुल नजीर ने भी ईद के मौके पर मुसलमानों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी मुस्लिम भाइयों और बहनों को बधाई दी। उन्होंने कहा, "इस्लाम में रमजान का यह पवित्र महीना, रोजे और नमाज के माध्यम से मन को शुद्ध करने, नेकी के मार्ग पर चलने और आपसी प्रेम बढ़ाने का एक सुनहरा अवसर है। गरीबों को दान देने से समाज में समानता और मजबूती आती है। मेरी कामना है कि यह रमजान आपके जीवन को खुशियों, शांति, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि से भर दे।"

उप-मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी ईद-उल-फितर के अवसर पर मुसलमानों को बधाई दी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जोकि एक सकारात्मक संकेत है। यह संदेश समाज में एकता और प्रेम बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रमजान का क्या महत्व है?
रमजान आत्म-अनुशासन, उपवास और दान देने का महीना है, जो मुस्लिम समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है।
तेलुगू राज्यों के नेताओं ने ईद पर क्या कहा?
राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों ने मुसलमानों को बधाई देते हुए सामाजिक सद्भाव और प्रेम का संदेश दिया।
ईद-उल-फितर कैसे मनाया जाता है?
ईद-उल-फितर को नमाज, दान और परिवार-समाज के साथ मिलकर मनाया जाता है।
क्या ईद पर दान देना जरूरी है?
हां, ईद पर दान देना महत्वपूर्ण है, ताकि समाज में समानता और एकता बनी रहे।
राष्ट्र प्रेस
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