होली और रमजान का संगम: मुस्लिम धर्मगुरु की आपसी सम्मान की अपील और प्रशासन की सुरक्षा तैयारियाँ
सारांश
Key Takeaways
- आपसी सम्मान और सहयोग की आवश्यकता है।
- प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया है।
- धार्मिक पर्वों का सम्मान करना ज़रूरी है।
नई दिल्ली, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। होली और रमजान के एक साथ आने पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सभी समुदायों से आपसी सम्मान और सहयोग बनाए रखने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति, सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।
इस साल, हिंदू समुदाय 4 मार्च को होली का पर्व मनाएगा, जबकि मुस्लिम समुदाय रमजान के महीने में रोजा और इबादत कर रहा है। दोनों धार्मिक अवसरों के एक साथ आने के कारण देशभर में प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
मौलाना रजवी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि ऐसे समय में आपसी समझ और सहयोग की आवश्यकता होती है। मुस्लिम समुदाय सभी धर्मों के त्योहारों का सम्मान करता है और जब भी कोई अन्य धर्म का पर्व रमजान, ईद, जुमे की नमाज, या उर्स के साथ आता है, तो लोग शांति और एकता के लिए स्वयं व्यवस्थाएँ करते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस वर्ष बेहतर समन्वय देखने को मिलेगा।
मौलाना ने दोनों समुदायों से संयम बरतने की अपील की और कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग होली के दिन दोपहर तक अपने घरों से बाहर न निकलें। साथ ही, उन्होंने हिंदू समुदाय से अनुरोध किया कि वे त्योहार के दौरान मुस्लिम भाइयों पर रंग न डालें, ताकि उत्सव शांति से संपन्न हो सके। उन्होंने सभी नागरिकों से सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की।
इस बीच, प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया है। अधिकारियों के अनुसार, निगरानी बढ़ाई गई है और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को फैलने से रोका जा सके।
कई शहरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, विशेषकर वृंदावन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर क्षेत्रीय गश्त बढ़ाई गई है और ड्रोन के माध्यम से हवाई निगरानी का प्रबंध किया गया है। कुछ शहरी क्षेत्रों को बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए अलग-अलग जोन में बांटा गया है।
प्रशासनिक अधिकारी स्थानीय शांति समितियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं और सामुदायिक नेताओं से संवाद बनाए हुए हैं। जिन क्षेत्रों में होली और रमजान एक साथ पड़ रहे हैं, वहां मस्जिद प्रबंधन से विशेष संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में सतर्कता और सख्त निगरानी जारी रहेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाएं और आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन कर सामाजिक सद्भाव को मजबूत करें।