क्या चुनाव आयोग की टीम सोमवार को तमिलनाडु का दौरा करेगी और एसआईआर की समीक्षा करेगी?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पश्चात, भारत के 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया प्रगति पर है। इस संदर्भ में, चुनाव आयोग की एक टीम सोमवार को तमिलनाडु का दौरा करेगी। इस दौरे के दौरान, ईसी की टीम एसआईआर प्रक्रिया की समीक्षा और क्षेत्रीय निरीक्षण करेगी।
जानकारी के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारी राज्यभर में एसआईआर की समग्र गतिविधियों की समीक्षा करने के लिए तमिलनाडु का दौरा करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सरकार की सचिव अर्चना पटनायक ने बताया कि उप निदेशक पी पवन और चुनाव आयोग के मीडिया प्रभाग के देवांश तिवारी, एसआईआर चरण-दो के मीडिया समन्वय और मतदाता जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा के लिए 24 से 26 नवंबर तक चेन्नई का दौरा करेंगे।
इसके बाद, मीडिया प्रभाग के अधिकारी क्षेत्रीय दौरे करेंगे। साथ ही, भारत निर्वाचन आयोग के निदेशक कृष्ण कुमार तिवारी एसआईआर की प्रगति, विशेष रूप से जिला स्तर पर संबंधित बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्रों के वितरण और उसके डिजिटलीकरण की समीक्षा के लिए कोयंबटूर और तिरुप्पुर जिलों का दौरा करेंगे।
इसी प्रकार, भारत निर्वाचन आयोग के सचिव मधुसूदन गुप्ता प्रगति की समीक्षा के लिए चेन्नई और चेंगलपट्टू जिलों का दौरा करेंगे।
यह उल्लेखनीय है कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत तमिलनाडु में 95.96 प्रतिशत गणना प्रपत्र बांटने का काम पूरा हो चुका है।
चुनाव आयोग के अनुसार, गोवा और लक्षद्वीप में गणना प्रपत्र का 100 प्रतिशत वितरण हो चुका है। इसके बाद, अंडमान और निकोबार में 99.98 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.82 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 99.75 प्रतिशत और गुजरात में 99.67 प्रतिशत वितरण हुआ है।
इसके अतिरिक्त, मतदाता संख्या के अनुसार सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 99.60 प्रतिशत गणना प्रपत्र का वितरण पूरा हुआ है, जहां कुल मतदाता 15.44 करोड़ से अधिक हैं। पुडुचेरी में 95.34 प्रतिशत, तमिलनाडु में 95.96 प्रतिशत और केरल में 97.23 प्रतिशत गणना प्रपत्र बांटने का कार्य पूरा हुआ है।
12 राज्यों में 4 नवंबर से जारी एसआईआर के तहत 50.97 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से कुल 50.47 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं।
हालांकि, एसआईआर की ऑनलाइन प्रक्रिया का कार्य वितरण से पिछड़ गया है। अब तक 20.02 करोड़ फॉर्म अपलोड किए गए हैं, यानी कुल डिजिटलीकरण दर 39.29 प्रतिशत है।
ऑनलाइन प्रक्रिया में लक्षद्वीप 88.20 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है। केरल में सबसे कम डिजिटाइजेशन प्रगति देखी गई है।