क्या पश्चिम बंगाल में एसआईआर परिपक्व लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है? : सुकांत मजूमदार

सारांश
Key Takeaways
- एसआईआर लोकतंत्र को मजबूत बनाता है।
- गैर-भारतीय नागरिकों के नाम हटाना आवश्यक है।
- भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है।
- टीएमसी का आंतरिक मामला भाजपा से अप्रभावित है।
- सुकांत मजूमदार ने सरकार की प्रगति पर सकारात्मक दृष्टिकोण जाहिर किया।
नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के महत्व पर बल देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चाहती है कि इसका सही ढंग से क्रियान्वयन हो।
उन्होंने बताया कि लगभग 22-23 वर्ष पहले पश्चिम बंगाल में एसआईआर लागू किया गया था और अब इसे फिर से लागू किया जा रहा है। एक परिपक्व लोकतंत्र के लिए एसआईआर जैसे सुधार समय-समय पर आवश्यक हैं ताकि अवांछित नाम, यानी गैर-भारतीय नागरिकों के नाम, मतदाता सूची से हटाए जा सकें। यह प्रक्रिया लोकतंत्र को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणियों को सुकांत मजूमदार ने अपमानजनक बताया।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का उपयोग पूरी तरह से अनुचित है। यह राजद, कांग्रेस या टीएमसी की ओर से दिया गया बयान उनकी हताशा को दर्शाता है।
इसके साथ ही, सुकांत मजूमदार ने टीएमसी नेताओं कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह टीएमसी का आंतरिक मामला है और भाजपा को इससे कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने कहा, "वे चाहे लड़ें, झगड़ें या कुछ भी करें, हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।"
केंद्रीय राज्य मंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था उम्मीदों से कहीं अधिक तेजी से बढ़ रही है और यह रिजर्व बैंक के अनुमानों को भी पीछे छोड़ रही है।
सुकांत मजूमदार ने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। वैश्विक मंच पर भारत की प्रगति को सभी देख रहे हैं और यह देश के लिए गर्व का विषय है। भाजपा सरकार सुशासन और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार का लक्ष्य देश को मजबूत और समृद्ध बनाना है।