क्या केरल में एसआईआर की तारीख बढ़ाई जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा

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क्या केरल में एसआईआर की तारीख बढ़ाई जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने केरल में एसआईआर विवाद को लेकर चुनाव आयोग से पूछा है कि क्या फॉर्म भरने की तारीख को एक हफ्ता बढ़ाया जा सकता है। अदालत ने स्थानीय निकाय चुनावों के संदर्भ में यह सवाल उठाया है, जिससे राजनीतिक दलों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से एसआईआर की तारीख बढ़ाने पर सवाल उठाया।
स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया का महत्व।
चुनाव आयोग ने एसआईआर के लिए अलग टीम बनाई है।
राजनीतिक दलों को अपनी चिंताओं को व्यक्त करने का अवसर मिलेगा।

नई दिल्ली, 2 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केरल में एसआईआर से संबंधित विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया है। शीर्ष अदालत ने पूछा है कि क्या स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए फॉर्म भरने की तारीख को एक सप्ताह और बढ़ाना संभव है?

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकारी तंत्र के लिए कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल इस पर आपत्ति जता रहे हैं। ऐसे में चुनाव आयोग को उनके मुद्दों पर विचार करना चाहिए।

सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने अदालत को बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के लिए एक अलग टीम नियुक्त की गई है। इस प्रक्रिया में 25,000 कर्मचारी लगे हुए हैं, जबकि स्थानीय निकाय चुनाव के लिए अलग स्टाफ काम कर रहा है।

चुनाव आयोग ने कहा कि एन्यूमरेशन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि पहले 4 दिसंबर निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 11 दिसंबर किया जा चुका है।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि यदि डेडलाइन बढ़ाई जा सकती है, तो क्या इसे स्थानीय चुनावों को देखते हुए एक सप्ताह और बढ़ाया जा सकता है?

अदालत ने कहा कि केरल की सभी राजनीतिक पार्टियां जो तारीख बढ़ाने की मांग कर रही हैं, उन्हें बुधवार तक चुनाव आयोग को आवेदन देना चाहिए। साथ ही कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह दो दिनों के भीतर इन आवेदनों पर निर्णय ले और अपनी स्थिति स्पष्ट करे।

इससे पहले 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से उन याचिकाओं पर भी जवाब मांगा था, जिनमें तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। ये याचिकाएं नेताओं, कार्यकर्ताओं और कई एनजीओ द्वारा दायर की गई थीं।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह मामला चुनावों और एसआईआर दोनों की प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने से संबंधित है। अब चुनाव आयोग की रिपोर्ट और उसके निर्णय पर निर्भर करेगा कि क्या एसआईआर की तारीख एक बार फिर बढ़ाई जाएगी या नहीं।

--आईएएएनएस

वीकेयू/एएस

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चुनावों की प्रक्रिया को स्वच्छ और पारदर्शी बनाए रखना आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम सुनिश्चित करता है कि सभी राजनीतिक दलों को अपनी आवाज उठाने का अवसर मिले।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चुनाव आयोग ने क्या कहा?
चुनाव आयोग ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के लिए अलग टीम नियुक्त की गई है।
सुप्रीम कोर्ट का क्या निर्णय है?
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि क्या तारीख बढ़ाई जा सकती है।
क्या राजनीतिक दलों की आपत्तियां सुनी जाएंगी?
हाँ, सुप्रीम कोर्ट ने सभी राजनीतिक दलों को आवेदन देने के लिए कहा है।
एसआईआर की तारीख बढ़ाई जाएगी?
यह चुनाव आयोग की रिपोर्ट और निर्णय पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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