14 जुलाई 2026
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तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने SIR में दलितों-अल्पसंख्यकों के वोट बचाने की कार्य योजना बनाई

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तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने SIR में दलितों-अल्पसंख्यकों के वोट बचाने की कार्य योजना बनाई

सारांश

तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने SIR से पहले कांग्रेस को चेताया — दलित, अल्पसंख्यक और प्रवासी श्रमिकों के वोट खतरे में हैं। 119 विधानसभा और 17 लोकसभा क्षेत्रों में प्रभारी नियुक्त करने का निर्देश, और खुद महीने में तीन दिन पार्टी को देने की प्रतिबद्धता।

मुख्य बातें

रेवंत रेड्डी ने 29 मई 2026 को गांधी भवन में PAC बैठक में SIR से कमजोर वर्गों के वोट बचाने की कार्य योजना पेश की।
सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों और 17 लोकसभा क्षेत्रों के लिए SIR प्रभारी नियुक्त करने का निर्देश दिया गया।
दलितों, अल्पसंख्यकों, लाम्बाडा, आदिवासियों और प्रवासी श्रमिकों के मत मतदाता सूची से हटाए जाने का खतरा बताया गया।
प्रभारी मंत्री हर 10 दिन में एक दिन पार्टी गतिविधियों को देंगे; CM खुद महीने में तीन दिन पदाधिकारियों के लिए समर्पित करेंगे।
महिला कांग्रेस को क्लस्टर-वार SIR बैठकें आयोजित करने का निर्देश।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 29 मई 2026 को हैदराबाद स्थित गांधी भवन में कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की बैठक में एक विस्तृत कार्य योजना पेश की, जिसका उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान दलितों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और प्रवासी श्रमिकों के मतों को मतदाता सूची से हटाए जाने से बचाना है। यह पुनरीक्षण अगले महीने तेलंगाना में शुरू होने वाला है और पार्टी इसे कमजोर वर्गों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए एक गंभीर चुनौती मान रही है।

मुख्यमंत्री की चेतावनी और चिंताएँ

बैठक में मुख्यमंत्री रेड्डी ने स्पष्ट किया कि SIR लाम्बाडा, आदिवासी और प्रवासी श्रमिकों के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है। उन्होंने कहा, "कई विधानसभा/लोकसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग अन्य स्थानों पर पलायन कर चुके हैं। एसआईआर में दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के वोट छूटने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।" यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग (ECI) की मतदाता सूची शुद्धिकरण प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों में व्यापक बेचैनी है।

संगठनात्मक ढाँचा और जिम्मेदारियाँ

रेवंत रेड्डी ने पार्टी नेतृत्व को निर्देश दिया कि तेलंगाना के सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों और 17 लोकसभा क्षेत्रों के लिए अलग-अलग SIR प्रभारी नियुक्त किए जाएँ। प्रभारियों से अपेक्षा की गई है कि वे नियमित रूप से अपने निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करें। उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि एक भी वोट रद्द न हो, जब प्रभारी व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन करें।"

हैदराबाद शहर की सीमा के अंतर्गत आने वाले 15 निर्वाचन क्षेत्रों में विधानसभा-वार बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया। राज्यसभा सदस्यों और विधान परिषद सदस्यों को हैदराबाद क्षेत्र में विशेष जिम्मेदारियाँ सौंपी जाएँगी।

महिला कांग्रेस और मंत्रियों की भूमिका

मुख्यमंत्री ने महिला कांग्रेस को निर्देश दिया कि वह क्लस्टर-वार SIR बैठकें आयोजित करे। प्रभारी मंत्रियों से कहा गया कि वे प्रत्येक 10 दिनों में एक पूरा दिन विशेष रूप से पार्टी गतिविधियों के लिए समर्पित करें और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत रूप से मिलें। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रतिबद्धता जताई कि वे हर 10 दिन में ग्राम स्तर के कांग्रेस पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे और अब से महीने में तीन दिन पूरी तरह पार्टी पदाधिकारियों के लिए समर्पित रहेंगे।

पूर्व नेताओं की भागीदारी

रेवंत रेड्डी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्षों की सलाह और सुझावों को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने का आह्वान किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में SIR को लेकर बेहतर जागरूकता को उन्होंने एक सकारात्मक संकेत बताया। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस की यह रणनीति जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि चुनावी अस्तित्व की लड़ाई है — SIR के ज़रिए बड़े पैमाने पर मतदाता विलोपन का डर कांग्रेस को सीधे उसके परंपरागत वोट बैंक पर चोट लगने की आशंका से उपजा है। सवाल यह है कि क्या 119 क्षेत्रों में प्रभारी नियुक्त करना काफी होगा, जबकि प्रवासी श्रमिकों और आदिवासियों तक पहुँचना जमीनी स्तर पर अत्यंत जटिल है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि SIR की प्रक्रिया चुनाव आयोग की है, और पार्टी-स्तरीय निगरानी की अपनी सीमाएँ हैं। असली परीक्षा यह होगी कि कांग्रेस का संगठनात्मक तंत्र इस चुनौती में कितना सक्रिय और पारदर्शी रह पाता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) क्या है और यह तेलंगाना में कब शुरू होगा?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने की प्रक्रिया है। तेलंगाना में यह पुनरीक्षण जून 2026 में शुरू होने वाला है, जिसके दौरान मतदाताओं के नामों की जाँच और सत्यापन किया जाएगा।
कांग्रेस को SIR से दलितों और अल्पसंख्यकों के वोट खतरे में क्यों लग रहे हैं?
CM रेवंत रेड्डी के अनुसार, बड़ी संख्या में दलित, अल्पसंख्यक, लाम्बाडा, आदिवासी और प्रवासी श्रमिक अपने मूल निर्वाचन क्षेत्रों से बाहर पलायन कर चुके हैं। SIR के दौरान यदि वे अपने पते पर उपलब्ध नहीं पाए गए, तो उनके नाम मतदाता सूची से हट सकते हैं।
रेवंत रेड्डी ने SIR के लिए कांग्रेस को क्या निर्देश दिए हैं?
उन्होंने सभी 119 विधानसभा और 17 लोकसभा क्षेत्रों में SIR प्रभारी नियुक्त करने, प्रभारी मंत्रियों को हर 10 दिन में एक दिन पार्टी गतिविधियों के लिए देने, और महिला कांग्रेस को क्लस्टर-वार बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया है।
हैदराबाद के निर्वाचन क्षेत्रों के लिए क्या विशेष व्यवस्था की गई है?
हैदराबाद शहर की सीमा के अंतर्गत आने वाले 15 निर्वाचन क्षेत्रों में विधानसभा-वार SIR बैठकें आयोजित की जाएँगी। राज्यसभा और विधान परिषद सदस्यों को इन क्षेत्रों में विशेष जिम्मेदारियाँ सौंपी जाएँगी।
CM रेवंत रेड्डी ने खुद SIR अभियान में कितना समय देने की प्रतिबद्धता जताई है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे हर 10 दिन में ग्राम स्तर के कांग्रेस पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे और अब से महीने में तीन दिन पूरी तरह पार्टी पदाधिकारियों के लिए समर्पित रखेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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