कर्नाटक SIR: गृह मंत्री परमेश्वर बोले — किसी पात्र मतदाता का अधिकार नहीं छिनना चाहिए
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने 1 जुलाई 2026 को बेलगावी में स्पष्ट किया कि राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान किसी भी पात्र मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। बेलगावी जिला कांग्रेस कार्यालय में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने इस प्रक्रिया को पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ लागू करने पर जोर दिया।
SIR प्रक्रिया पर मुख्य निर्देश
परमेश्वर ने कहा कि SIR को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है और दूसरे राज्यों में चुनाव के दौरान सामने आई समस्याओं से सबक लेते हुए कर्नाटक को अधिक सतर्क रहना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि हर विधानसभा क्षेत्र में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और अन्य संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना वजह सूची से न हटे।
उन्होंने यह भी बताया कि उपायुक्तों और तहसीलदारों को निवास प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार दे दिया गया है, जिससे प्रक्रिया सरल होगी और नागरिकों को कम परेशानी उठानी पड़ेगी।
केंद्र-राज्य वित्तीय विवाद
परमेश्वर ने केंद्र और राज्य के संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कर्नाटक को केंद्रीय अनुदान समय पर न मिलने से विकास योजनाओं को लागू करने में कठिनाइयाँ आई हैं। उनके अनुसार, जल जीवन मिशन और मनरेगा जैसी योजनाओं के लिए भी पर्याप्त फंड नहीं मिला, जिसका असर गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने पर पड़ा।
संगठनात्मक पुनर्गठन की योजना
पार्टी संगठन के सवाल पर परमेश्वर ने कहा कि जब भी कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) का नया अध्यक्ष पद संभालता है, तो पदाधिकारियों में बदलाव स्वाभाविक है। उन्होंने निर्देश दिया कि मंत्री, विधायक और जिला कांग्रेस अध्यक्ष मिलकर महासचिव समेत विभिन्न संगठनात्मक पदों के लिए योग्य कार्यकर्ताओं की सूची तैयार करें, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए KPCC अध्यक्ष के पास भेजा जाएगा।
पार्टी कार्यालयों और राजनीतिक सफर का जिक्र
परमेश्वर ने KPCC अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि उस दौरान जिला और तालुका स्तर पर करीब 13 कांग्रेस कार्यालय बनाए गए। 'भारत जोड़ो भवन' का निर्माण लगभग ₹20 करोड़ की लागत से हुआ, हालांकि उद्घाटन से पहले ही उन्होंने पद छोड़ दिया था। बेलगावी जिला कांग्रेस कार्यालय के निर्माण में पूर्व मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर और मंत्री सतीश जारकीहोली के प्रयासों की उन्होंने सराहना की। उन्होंने बताया कि कार्यालय की जमीन खरीद के लिए ₹25 लाख मंजूर किए गए थे और तत्कालीन मंत्री डी.के. शिवकुमार ने इसकी जोरदार पैरवी की थी।
परमेश्वर ने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने सात वर्षों तक पार्टी महासचिव के रूप में कार्य किया। पूर्व मुख्यमंत्री धर्म सिंह और एस.एम. कृष्णा ने उन्हें उपाध्यक्ष नियुक्त किया, और बाद में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने उन्हें कांग्रेस कार्य समिति में शामिल किया। अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए काम करें, ताकि 2028 के बाद भी पार्टी जनता का विश्वास बनाए रख सके।