मतदाता सूची पुनरीक्षण का राजनीतिकरण न हो: कर्नाटक CM शिवकुमार, हर वार्ड में खुलेंगे सहायता केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 9 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए और राज्य सरकार भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना सरकार का संवैधानिक दायित्व है।
बैठक में क्या हुआ
मुख्यमंत्री शिवकुमार बेलगावी में सुवर्ण विधान सौधा में आयोजित मंडल स्तरीय प्रगति समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस बैठक में SIR प्रक्रिया के क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट किया और पुष्टि की कि सरकार चुनाव आयोग के साथ समन्वय में काम कर रही है।
मतदाता अधिकार और सरकारी लाभ
शिवकुमार ने कहा कि जिन नागरिकों के मतदान अधिकार मतदाता सूची में दर्ज हैं, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, जबकि जो मतदाता सूची में नहीं हैं, वे इन लाभों से वंचित रह सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्रत्येक वार्ड और इलाके में स्थापित किए जा रहे सहायता केंद्रों का उपयोग करें।
यह ऐसे समय में आया है जब SIR प्रक्रिया को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों में बहस छिड़ी हुई है और कुछ वर्गों में यह आशंका जताई जा रही है कि पात्र मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं।
बूथ स्तरीय अधिकारियों को निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) प्रत्येक घर में कम से कम तीन बार जाएँ और पात्र मतदाताओं को आवश्यक आवेदन पत्र वितरित करें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार दस्तावेज़ीकरण में हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
गौरतलब है कि BLO के माध्यम से घर-घर जाकर पंजीकरण सुनिश्चित करना SIR प्रक्रिया का केंद्रीय स्तंभ है, और मुख्यमंत्री का यह निर्देश इस प्रक्रिया को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जवाबदेही पर मुख्यमंत्री की टिप्पणी
शिवकुमार ने सरकारी अधिकारियों को याद दिलाया कि राजनेता हर पाँच साल में जनता से जनादेश माँगते हैं, लेकिन सरकारी कर्मचारी प्रतिदिन जनता के प्रति जवाबदेह हैं। उन्होंने कहा कि कर्तव्यों का निर्वहन न करना केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि जनता के साथ विश्वासघात है।
आगे क्या
राज्य सरकार SIR प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक वार्ड में सहायता केंद्र स्थापित करेगी, जहाँ नागरिक मतदाता सूची पुनरीक्षण और दस्तावेज़ीकरण में मदद पा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में राजनीति की कोई गुंजाइश नहीं है और हर योग्य नागरिक का नाम सूची में दर्ज होना सुनिश्चित किया जाएगा।